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लोनी विधायक का गुर्जर बाहुल्य गांवों में बहिष्कार
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अफजलपुर निस्तौली गांव में लोनी विधायक के खिलाफ हुई पंचायत।
- फोटो : SHAHIBABAD
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लोनी विधायक का गुर्जर बाहुल्य गांवों में बहिष्कार
लोनी। आंदोलन के बीच किसानों को लेकर दिए गए बयान पर लोनी विधायक नंदकिशोर गुर्जर अपनी ही विधानसभा के गांवों में घिरते जा रहे हैं। उनके खिलाफ लगातार दूसरे दिनों गांवों में पंचायतें हुईं। खासकर गुर्जर बाहुल्य गांवों में लोगों ने पंचायत कर विधायक का बहिष्कार किया है। लोनी के अफजलपुर निस्तोली और मेहमदपुर गांव में विधायक के विरोध में पंचायत हुई। लोगों ने कहा कि पंचायत ऐसी जनप्रतिनिधि का बहिष्कार करती है, जो जातिगत राजनीति कर लोगों को तोड़ने का काम करते हैं और गुर्जर बिरादरी को बदनाम करने का काम करते हैं। गुर्जर बिरादरी खेती-किसानी करती है और पूरी तरह से किसानों के समर्थन में है। जबकि इससे पहले बेहटा हाजीपुर गांव में भी शनिवार को लोनी विधायक के खिलाफ पंचायत हुई थी। मेहमदपुर गांव में हुई पंचायत से संबंधित एक वीडियो रविवार को सामने आई है। उधर, विधायक नंदकिशोर गुर्जर का कहना है कि उनके खिलाफ साजिश रची जा रही हैं। उनके समर्थन में भी पंचायतें हुई हैं।
शनिवार आधी रात अफजलपुर निस्तोली गांव के स्कूल में पंचायत की गई, जिसमें लोगों ने नंदकिशोर गुर्जन के बयान का विरोध किया। साथ ही समर्थकों के आंदोलन स्थल पर जाने की घटना की कड़े शब्दों में निंदा की। स्थानीय लोगों ने कहा कि विधायक का यह कृत्य किसान बिरादरी किसी भी सूरत में सहन नहीं कर सकती है। उसके बाद रविवार सुबह मेहमदपुर गांव में किसानों की पंचायत हुई, जिसमें लोगों ने कड़े शब्दों में विधायक के बयान को लेकर आलोचना की। उन्होंने कहा कि विधायक ने किसानों को भरोसा तोड़ा है। बड़ी संख्या में किसानों ने उन्हें विधानसभा चुनाव में वोट दिया था, लेकिन विधायक ने किसानों और गुर्जर समाज के मानसम्मान को ठेस पहुंचाई है। अगर विधायक ने पूरे मामले को लेकर माफी नहीं मांगी तो गुर्जर समाज अपने सभी गांवों में विधायक का बहिष्कार करेगा। अफजलपुर की पंचायत में सतपाल प्रधान, खुशीराम, भोपाल सिंह, मंगल सिंह, कृष्ण प्रधान, मोहित मावी, राजेंद्र मावी, अशोक मावी, बाबू कंसल समेत अन्य ग्रामीण मौजूद रहे।
विधायक के समर्थन में सिरोली गांव में पंचायत
क्षेत्र में किसान राजनीति गरमाई तो रविवार दोपहर में फिर लोनी विधानसभा के सिरोली गांव में विधायक के समर्थन में पंचायत हुई। रणवीर सिंह का अध्यक्षता में हुई पंचायत में कहा गया कि राकेश टिकैत विधायक पर झूठा आरोप लगा रहे हैं। राकेश टिकैत साबित करें कि विधायक वहां पर गए थे या फिर माफी मांगे। साथ ही मामले में नोएडा के बादलपुर में एक पंचायत होने जा रही है, जिसमें भारी संख्या में लोगों के आने का दावा किया गया। बैठक में प्रधान उदयवीर, महेश, हातम प्रधान व अन्य ग्रामीण मौजूद रहे।
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क्या है पूरा मामला
लोनी विधायक के कुछ वीडियो सामने आए हैं, जिसमें वह आंदोलन पर बैठे किसानों को तथाकथित बताकर खदेड़ने और मारपीट कर भगाने की बात कर रहे हैं। इसके साथ ही देश के कृषि मंत्री के नाम लिया गया। इसी तरह का एक मांग पत्र भी सामने आया है, लेकिन 28 जनवरी की देरशाम को भाकियू के राष्ट्रीय प्रवक्ता ने गाजीपुर बॉर्डर पर आंदोलन के मंच से आरोप लगाया था कि पुलिस-प्रशासन साजिश रच रहा है। यहां पर मेरी गिरफ्तारी होगी और फिर उसके बाद आंदोलन में शामिल किसानों को मारा-पीटा जाएगा। बाहर बीजेपी के दो विधायक अपने समर्थकों के साथ लाठी-डंडे लेकर खड़े हैं। इस तरह की गुंडागर्दी बर्दास्त नहीं कर सकता। जान दे दूंगा चाहे तो पुलिस गोली चला दे, लेकिन साजिश नहीं होने दूंगा। इसके बाद बड़ी संख्या में किसान गाजीपुर बॉर्डर की तरफ कूच करने लगे थे।
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लोनी। आंदोलन के बीच किसानों को लेकर दिए गए बयान पर लोनी विधायक नंदकिशोर गुर्जर अपनी ही विधानसभा के गांवों में घिरते जा रहे हैं। उनके खिलाफ लगातार दूसरे दिनों गांवों में पंचायतें हुईं। खासकर गुर्जर बाहुल्य गांवों में लोगों ने पंचायत कर विधायक का बहिष्कार किया है। लोनी के अफजलपुर निस्तोली और मेहमदपुर गांव में विधायक के विरोध में पंचायत हुई। लोगों ने कहा कि पंचायत ऐसी जनप्रतिनिधि का बहिष्कार करती है, जो जातिगत राजनीति कर लोगों को तोड़ने का काम करते हैं और गुर्जर बिरादरी को बदनाम करने का काम करते हैं। गुर्जर बिरादरी खेती-किसानी करती है और पूरी तरह से किसानों के समर्थन में है। जबकि इससे पहले बेहटा हाजीपुर गांव में भी शनिवार को लोनी विधायक के खिलाफ पंचायत हुई थी। मेहमदपुर गांव में हुई पंचायत से संबंधित एक वीडियो रविवार को सामने आई है। उधर, विधायक नंदकिशोर गुर्जर का कहना है कि उनके खिलाफ साजिश रची जा रही हैं। उनके समर्थन में भी पंचायतें हुई हैं।
शनिवार आधी रात अफजलपुर निस्तोली गांव के स्कूल में पंचायत की गई, जिसमें लोगों ने नंदकिशोर गुर्जन के बयान का विरोध किया। साथ ही समर्थकों के आंदोलन स्थल पर जाने की घटना की कड़े शब्दों में निंदा की। स्थानीय लोगों ने कहा कि विधायक का यह कृत्य किसान बिरादरी किसी भी सूरत में सहन नहीं कर सकती है। उसके बाद रविवार सुबह मेहमदपुर गांव में किसानों की पंचायत हुई, जिसमें लोगों ने कड़े शब्दों में विधायक के बयान को लेकर आलोचना की। उन्होंने कहा कि विधायक ने किसानों को भरोसा तोड़ा है। बड़ी संख्या में किसानों ने उन्हें विधानसभा चुनाव में वोट दिया था, लेकिन विधायक ने किसानों और गुर्जर समाज के मानसम्मान को ठेस पहुंचाई है। अगर विधायक ने पूरे मामले को लेकर माफी नहीं मांगी तो गुर्जर समाज अपने सभी गांवों में विधायक का बहिष्कार करेगा। अफजलपुर की पंचायत में सतपाल प्रधान, खुशीराम, भोपाल सिंह, मंगल सिंह, कृष्ण प्रधान, मोहित मावी, राजेंद्र मावी, अशोक मावी, बाबू कंसल समेत अन्य ग्रामीण मौजूद रहे।
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विधायक के समर्थन में सिरोली गांव में पंचायत
क्षेत्र में किसान राजनीति गरमाई तो रविवार दोपहर में फिर लोनी विधानसभा के सिरोली गांव में विधायक के समर्थन में पंचायत हुई। रणवीर सिंह का अध्यक्षता में हुई पंचायत में कहा गया कि राकेश टिकैत विधायक पर झूठा आरोप लगा रहे हैं। राकेश टिकैत साबित करें कि विधायक वहां पर गए थे या फिर माफी मांगे। साथ ही मामले में नोएडा के बादलपुर में एक पंचायत होने जा रही है, जिसमें भारी संख्या में लोगों के आने का दावा किया गया। बैठक में प्रधान उदयवीर, महेश, हातम प्रधान व अन्य ग्रामीण मौजूद रहे।
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क्या है पूरा मामला
लोनी विधायक के कुछ वीडियो सामने आए हैं, जिसमें वह आंदोलन पर बैठे किसानों को तथाकथित बताकर खदेड़ने और मारपीट कर भगाने की बात कर रहे हैं। इसके साथ ही देश के कृषि मंत्री के नाम लिया गया। इसी तरह का एक मांग पत्र भी सामने आया है, लेकिन 28 जनवरी की देरशाम को भाकियू के राष्ट्रीय प्रवक्ता ने गाजीपुर बॉर्डर पर आंदोलन के मंच से आरोप लगाया था कि पुलिस-प्रशासन साजिश रच रहा है। यहां पर मेरी गिरफ्तारी होगी और फिर उसके बाद आंदोलन में शामिल किसानों को मारा-पीटा जाएगा। बाहर बीजेपी के दो विधायक अपने समर्थकों के साथ लाठी-डंडे लेकर खड़े हैं। इस तरह की गुंडागर्दी बर्दास्त नहीं कर सकता। जान दे दूंगा चाहे तो पुलिस गोली चला दे, लेकिन साजिश नहीं होने दूंगा। इसके बाद बड़ी संख्या में किसान गाजीपुर बॉर्डर की तरफ कूच करने लगे थे।