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खनन अधिकारी को जारी किया नोटिस
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खनन अधिकारी को जारी किया नोटिस
गाजियाबाद। लोनी से जुड़े बालू रेत उपलब्धता में सही रिपोर्ट ने देने पर जिलाधिकारी अजय शंकर पांडेय ने जिला खनन अधिकारी व संबंधित क्षेत्र के लेखपाल के खिलाफ विभागीय जांच शुरू करा दी है। जिला खनन अधिकारी को नोटिस जारी कर जवाब तलब करने का निर्देश दिया है, जबकि लेखपाल के खिलाफ एसडीएम लोनी से जांच कर रिपोर्ट मांगी है। मामला यमुना नदी से बहकर आए बालू रेत की उपलब्धता का है। बताया गया कि यमुना से जुड़े क्षेत्र में बालू रेत की उपलब्धता को लेकर सर्वे कराया गया था लेकिन सर्वे में काफी खेतों में रेत की उपलब्ध की बात को छिपा लिया गया। मामले का खुलासा डीएम ऑफिस के बाहर लगे ब्लैक बॉक्स में की गई शिकायत के आधार पर हुआ।
जिलाधिकारी अजय शंकर पांडेय ने बताया है कि हर साल बालू की उपलब्धता को लेकर सर्वे कराया जाता है। सर्वे का मुख्य काम जिला खनन अधिकारी और राजस्व विभाग की तरफ से संबंधित क्षेत्र के लेखपाल का है। बीते दिनों ब्लैक बॉक्स में किसी अनजान व्यक्ति ने शिकायत की कि लोनी के नौरसपुर गांव में काफी क्षेत्र में बालू रेत उपलब्ध है लेकिन सर्वे में उसकी उपलब्धता नहीं दिखाई गई है। शिकायतकर्ता ने यह भी कहा कि उनके खेत में बालू आ गई है, जिसे हटवाकर वह खेती करना चाहता है। मामले में एसडीएम लोनी से जांच कराई गई तो गांव के खसरा नंबर 27, 28, 29, 30, 41,41 और 42 के काफी क्षेत्र में बालू की उपलब्धता पाई गई। शिकायत सही पाई गई है और प्रथम दृष्टा काफी अनियमितता का मामला बनता है। इस पर एडीएम वित्त एवं राजस्व को निर्देश दिया है कि वो जिला खनन अधिकारी को नोटिस जारी कर जवाब तलब करें। इसके साथ ही एसडीएम लोनी लेखपाल के खिलाफ जांच कर रिपोर्ट देंगे। माना जा रहा है कि लेखपाल पर निलंबन की कार्रवाई हो सकती है।
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गाजियाबाद। लोनी से जुड़े बालू रेत उपलब्धता में सही रिपोर्ट ने देने पर जिलाधिकारी अजय शंकर पांडेय ने जिला खनन अधिकारी व संबंधित क्षेत्र के लेखपाल के खिलाफ विभागीय जांच शुरू करा दी है। जिला खनन अधिकारी को नोटिस जारी कर जवाब तलब करने का निर्देश दिया है, जबकि लेखपाल के खिलाफ एसडीएम लोनी से जांच कर रिपोर्ट मांगी है। मामला यमुना नदी से बहकर आए बालू रेत की उपलब्धता का है। बताया गया कि यमुना से जुड़े क्षेत्र में बालू रेत की उपलब्धता को लेकर सर्वे कराया गया था लेकिन सर्वे में काफी खेतों में रेत की उपलब्ध की बात को छिपा लिया गया। मामले का खुलासा डीएम ऑफिस के बाहर लगे ब्लैक बॉक्स में की गई शिकायत के आधार पर हुआ।
जिलाधिकारी अजय शंकर पांडेय ने बताया है कि हर साल बालू की उपलब्धता को लेकर सर्वे कराया जाता है। सर्वे का मुख्य काम जिला खनन अधिकारी और राजस्व विभाग की तरफ से संबंधित क्षेत्र के लेखपाल का है। बीते दिनों ब्लैक बॉक्स में किसी अनजान व्यक्ति ने शिकायत की कि लोनी के नौरसपुर गांव में काफी क्षेत्र में बालू रेत उपलब्ध है लेकिन सर्वे में उसकी उपलब्धता नहीं दिखाई गई है। शिकायतकर्ता ने यह भी कहा कि उनके खेत में बालू आ गई है, जिसे हटवाकर वह खेती करना चाहता है। मामले में एसडीएम लोनी से जांच कराई गई तो गांव के खसरा नंबर 27, 28, 29, 30, 41,41 और 42 के काफी क्षेत्र में बालू की उपलब्धता पाई गई। शिकायत सही पाई गई है और प्रथम दृष्टा काफी अनियमितता का मामला बनता है। इस पर एडीएम वित्त एवं राजस्व को निर्देश दिया है कि वो जिला खनन अधिकारी को नोटिस जारी कर जवाब तलब करें। इसके साथ ही एसडीएम लोनी लेखपाल के खिलाफ जांच कर रिपोर्ट देंगे। माना जा रहा है कि लेखपाल पर निलंबन की कार्रवाई हो सकती है।
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