फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Delhi NCR ›   Ghaziabad News ›   ghaziabad news

रिपोर्ट देने में लेखपाल को पांच और तहसीलदार को लगे तीन महीने

Ghaziabad Bureau गाजियाबाद ब्यूरो
Updated Mon, 10 Feb 2020 11:45 PM IST
विज्ञापन
ghaziabad news
तहसील में रिपोर्ट लगाने का खेल, आवेदक काट रहे चक्कर
विज्ञापन

गाजियाबाद। सरकार सिस्टम में कई दफा जांच प्रक्रिया आम लोगों को मार देती है। अब सरकार से लेकर शासन तक का जोर है कि आम व्यक्ति को त्वरित सेवाएं दी जाएं। इसके लिए व्यवस्था की गई है कि सरकारी टेबल पर तीन दिन से अधिक फाइल नहीं रुकनी चाहिए, लेकिन सदर तहसील में लेखपाल को छह और तहसीलदार को रिपोर्ट लगाने में तीन महीने का वक्त लग गया। डीएम कार्यालय में लगे ब्लैक बॉक्स (शिकायत पेटी) से प्राप्त शिकायत में जांच कराई गई तो दो मामले पकड़ में आए। वहीं 13 मामले ऐसे सामने आए जिनमें समय सीमा का कोई ध्यान नहीं रखा गया। नाराज जिलाधिकारी अजय शंकर पांडेय ने संबंधित लेखपाल को निलंबित करने और नायब तहसीलदार से जवाबतलब करने का निर्देश दे दिया है।
डीएम को ब्लैक बॉक्स के जरिए शिकायत मिली थी कि सदर तहसील में कृषि भूमि को अकृषक घोषित करने संबंधी आवेदन महीनों से लंबित है। आवेदक लेखपाल से लेकर अन्य अधिकारियों के चक्कर काट रहे हैं लेकिन कहीं पर कोई सुनने वाला नहीं है। इसमें निजी बिल्डरों के साथ साठगांठ कर अकृषक घोषित करने में देरी किए जाने के भी आरोप लगाए गए। इसके बाद डीएम ने संबंधित मामलों की जांच कराई तो पता चला कि 31 आवेदन इस संबंध में गए , जिनमें से 18 का निस्तारण किया जा चुका है लेकिन 13 अभी तक विचाराधीन है। इसमें शांति देवी पत्नी रामपाल निवासी गाजियाबाद ने आठ जनवरी 2019 को आवेदन किया था, जिस पर लेखपाल ने 20 जून 2019 को करीब सवा पांच महीने बाद रिपोर्ट दी। इसी तरह से मीनू पांचाल एवं आशा पांचाल निवासी आर्य नगर ने प्रार्थना पत्र पर 20 जून 2019 को आख्या दी। उधर, मैसर्स सुशील राम उद्योग संस्थान कविनगर के मामले में लेखपाल की आख्या आने के करीब तीन महीने बाद नायब तहसीलदार ने उच्चाधिकारियों को अपनी रिपोर्ट भेजी। जुबेर अंसारी निवासी मुंबई, ब्रजपाल पांचाल निवासी न्यू आर्य नगर व कमल राज निवासी पटेल नगर से संबंधित मामले में भी करीब दो महीने के बाद नायब तहसीलदार ने उच्चाधिकारियों को रिपोर्ट दी।
विज्ञापन

शासकीय कार्य में ढिलाई बरतने वाले लेखपालों को निलंबित करने और नायब तहसीलदार से स्पष्टीकरण मांगने का निर्देश दिया गया है। संबंधित मामले में कार्रवाई कर एलडीएम से रिपोर्ट मांगी गई है। यह बेहद गंभीर मामला है कि रिपोर्ट लगाने के नाम पर मामले को लटकाए रखना। जबकि स्पष्ट निर्देश है कि जनता से जुड़े मामलों का गुणदोष के आधार पर त्वरित निस्तारण होना चाहिए। - अजय शंकर पांडेय, जिलाधिकारी
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed