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आग में दम घुटने से कमरे में सो रहे पांच बच्चों व महिला की मौत
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गाजियाबाद। लोनी स्थित बेहटा हाजीपुर गांव में रोती बिलखती तौशिफ। फोटोः कुमार संजय।
आग में दम घुटने से कमरे में सो रहे पांच बच्चों व महिला की मौत
गाजियाबाद/लोनी। एलईडी टीवी में शॉर्ट सर्किट से लगी आग में दम घुटने से कमरे में सो रहे पांच बच्चों व एक महिला की मौत हो गई। ये दर्दनाक हादसा लोनी बॉर्डर थानाक्षेत्र के बेहटा हाजीपुर की उत्तरांचल विहार सोसायटी में हुआ। सोमवार सुबह घटना का पता लगने पर परिवार में कोहराम मच गया।
मूलरूप से मेरठ के जानी कलां निवासी यूसुफ (40) करीब आठ साल पहले अपने भाइयों आसिफ, राशिद, जावेद व आरिफ के साथ बेहटा हाजीपुर की उत्तरांचल विहार कॉलोनी में आकर बस गए थे। सभी भाई चार्जर की रिपेयरिंग व स्क्रैप का कारोबार करते हैं। चचेरे भाई की शादी के कारण रविवार को यूसुफ, भाई राशिद व आसिफ तथा राशिद की पत्नी तौसीफ गांव जानी कलां गए हुए थे। बच्चों की परीक्षा होने के कारण राशिद अपने दो बेटों अब्दुल अजीम (7), अब्दुल आहद (5) तथा आसिफ अपनी तीन बेटियों फातिमा (8), साइमा (6) व रुकैय्या (4) को घर छोड़ गए थे। राशिद अपने डेढ़ वर्षीय बेटे मोहम्मद साद को अपने साथ ले गए थे। बच्चों की देखरेख की जिम्मेदारी यूसुफ की पत्नी परवीन (35) पर थी। रविवार शाम को आसिफ गांव से लौट आया था। रात में वह ग्राउंड फ्लोर पर बने कमरे में पत्नी शबनूर व 6 वर्षीय बेटे के साथ सो गया। जबकि परवीन पांच बच्चों अजीम, आहद, फातिमा, साइमा व रुकैय्या को लेकर राशिद के कमरे में सो गई।
दरवाजा तोड़ने पर निकला धुएं-गैस का गुबार
सोमवार को बच्चों की परीक्षा थी। सुबह 8 बजे तक कोई कमरे से नहीं निकला तो शबनूर उठाने गई, लेकिन कोई जवाब नहीं मिला। उसने पति आसिफ को बुलाया। इसी बीच दूसरी मंजिल पर सो रहे जावेद व आरिफ भी आ गए। दरवाजा तोड़कर अंदर देखा तो परवीन व सभी पांचों बच्चे मत पड़े थे। एक भाई की तीन बेटियों, दूसरे भाई के दो बेटों व तीसरे भाई की पत्नी की मौत से परिवार में कोहराम मच गया।
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धुएं व गैस नहीं दिया बचने का मौका
एलईडी में आग लगने के बाद फर्श पर रखा कूलर व बगल में रखी अलमारी भी आग की चपेट में आ गई। कपड़ों व प्लास्टिक केजलने से बनी गैस ने किसी को बचने का मौका नहीं दिया और पांच बच्चों व उनकी ताई ने तड़प-तड़पकर दम तोड़ दिया।
पोस्टमार्टम से इनकार, मेरठ में शव हुए सुपुर्दे खाक
सूचना पर दमकल विभाग, पुलिस व प्रशासन के अधिकारी मौके पर पहुंच गए। पुलिस शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेजने लगी तो परिजनों ने इनकार कर दिया। एसएसपी सुधीर कुमार सिंह ने बताया कि शाम को मेरठ के जानी कलां में शव सुपुर्दे खाक कर दिए गए।
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गाजियाबाद/लोनी। एलईडी टीवी में शॉर्ट सर्किट से लगी आग में दम घुटने से कमरे में सो रहे पांच बच्चों व एक महिला की मौत हो गई। ये दर्दनाक हादसा लोनी बॉर्डर थानाक्षेत्र के बेहटा हाजीपुर की उत्तरांचल विहार सोसायटी में हुआ। सोमवार सुबह घटना का पता लगने पर परिवार में कोहराम मच गया।
मूलरूप से मेरठ के जानी कलां निवासी यूसुफ (40) करीब आठ साल पहले अपने भाइयों आसिफ, राशिद, जावेद व आरिफ के साथ बेहटा हाजीपुर की उत्तरांचल विहार कॉलोनी में आकर बस गए थे। सभी भाई चार्जर की रिपेयरिंग व स्क्रैप का कारोबार करते हैं। चचेरे भाई की शादी के कारण रविवार को यूसुफ, भाई राशिद व आसिफ तथा राशिद की पत्नी तौसीफ गांव जानी कलां गए हुए थे। बच्चों की परीक्षा होने के कारण राशिद अपने दो बेटों अब्दुल अजीम (7), अब्दुल आहद (5) तथा आसिफ अपनी तीन बेटियों फातिमा (8), साइमा (6) व रुकैय्या (4) को घर छोड़ गए थे। राशिद अपने डेढ़ वर्षीय बेटे मोहम्मद साद को अपने साथ ले गए थे। बच्चों की देखरेख की जिम्मेदारी यूसुफ की पत्नी परवीन (35) पर थी। रविवार शाम को आसिफ गांव से लौट आया था। रात में वह ग्राउंड फ्लोर पर बने कमरे में पत्नी शबनूर व 6 वर्षीय बेटे के साथ सो गया। जबकि परवीन पांच बच्चों अजीम, आहद, फातिमा, साइमा व रुकैय्या को लेकर राशिद के कमरे में सो गई।
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दरवाजा तोड़ने पर निकला धुएं-गैस का गुबार
सोमवार को बच्चों की परीक्षा थी। सुबह 8 बजे तक कोई कमरे से नहीं निकला तो शबनूर उठाने गई, लेकिन कोई जवाब नहीं मिला। उसने पति आसिफ को बुलाया। इसी बीच दूसरी मंजिल पर सो रहे जावेद व आरिफ भी आ गए। दरवाजा तोड़कर अंदर देखा तो परवीन व सभी पांचों बच्चे मत पड़े थे। एक भाई की तीन बेटियों, दूसरे भाई के दो बेटों व तीसरे भाई की पत्नी की मौत से परिवार में कोहराम मच गया।
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धुएं व गैस नहीं दिया बचने का मौका
एलईडी में आग लगने के बाद फर्श पर रखा कूलर व बगल में रखी अलमारी भी आग की चपेट में आ गई। कपड़ों व प्लास्टिक केजलने से बनी गैस ने किसी को बचने का मौका नहीं दिया और पांच बच्चों व उनकी ताई ने तड़प-तड़पकर दम तोड़ दिया।
पोस्टमार्टम से इनकार, मेरठ में शव हुए सुपुर्दे खाक
सूचना पर दमकल विभाग, पुलिस व प्रशासन के अधिकारी मौके पर पहुंच गए। पुलिस शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेजने लगी तो परिजनों ने इनकार कर दिया। एसएसपी सुधीर कुमार सिंह ने बताया कि शाम को मेरठ के जानी कलां में शव सुपुर्दे खाक कर दिए गए।