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दस लाख की लॉटरी का झांसा दे अकाउंटेंट से ३ लाख ठगे
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10 लाख की लॉटरी का झांसा दे अकाउंटेंट से 3 लाख ठगे
गाजियाबाद। 10 लाख रुपये की लॉटरी का झांसा देकर निजी कंपनी के अकाउंटेंट से तीन लाख रुपये की ठगी का मामला सामने आया है। शिकायत करने पर पुलिस ने पीड़ित को थाने के चक्कर कटाए लेकिन एसएसपी के आदेश पर विजयनगर पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी है।
सेक्टर-11 विजयनगर निवासी नरेंद्र सिंह निजी कंपनी में अकाउंटेंट हैं। उनका कहना है कि गत 12 अक्तूबर को उनके मोबाइल पर एक मैसेज आया। इसमें बताया कि एक शॉपिंग वेबसाइट के लकी ड्रॉ में फर्स्ट विनर के रूप में उनका चयन हुआ है। इसके बाद कॉल आई, जिसमें बताया गया कि उनकी टाटा नेक्सन कार निकली है, अगर वह कार नहीं लेना चाहते तो 10 लाख रुपये मिल जाएंगे। हालांकि, इसके लिए उन्होंने आधार कार्ड, फोटो व बैंक अकाउंट नंबर देने की बात कही। नरेंद्र का कहना है कि आरोपियों ने रजिस्ट्रेशन के नाम पर 12 अक्तूबर को उनसे 6 हजार रुपये एक खाते में डलवाए। बाद में दूसरे कॉलर ने फोन किया और 10 लाख की लॉटरी के बारे में बात की। उसने अपना आईकार्ड भी दिखाया। इसके बाद उसने गाड़ी की जीएसटी, टीडीएस फिर इनकम टैक्स के नाम पर चार खातों में तीन लाख 17 हजार 595 रुपये ट्रांसफर करा लिए। पीड़ित का आरोप है कि उक्त लोगों ने फोन-पे के जरिये पैसे मंगवाए थे।
पीड़ित का कहना है कि आरोपियों ने कहा कि उनके खाते में पैसे आ गए हैं लेकिन वह तभी शो होंगे जब पीडीटी चार्ज के रूप में डेढ़ लाख रुपये जमा करा दिए जाएंगे। इसके बाद उन्हें ठगी का अहसास हुआ। पीड़ित का कहना है कि लॉटरी के लालच में उन पर डेढ़ लाख रुपये का कर्ज भी हो गया। उन्होंने थाने में शिकायत दी लेकिन कार्रवाई नहीं हुई। जिसके बाद एसएसपी से शिकायत की।
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गाजियाबाद। 10 लाख रुपये की लॉटरी का झांसा देकर निजी कंपनी के अकाउंटेंट से तीन लाख रुपये की ठगी का मामला सामने आया है। शिकायत करने पर पुलिस ने पीड़ित को थाने के चक्कर कटाए लेकिन एसएसपी के आदेश पर विजयनगर पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी है।
सेक्टर-11 विजयनगर निवासी नरेंद्र सिंह निजी कंपनी में अकाउंटेंट हैं। उनका कहना है कि गत 12 अक्तूबर को उनके मोबाइल पर एक मैसेज आया। इसमें बताया कि एक शॉपिंग वेबसाइट के लकी ड्रॉ में फर्स्ट विनर के रूप में उनका चयन हुआ है। इसके बाद कॉल आई, जिसमें बताया गया कि उनकी टाटा नेक्सन कार निकली है, अगर वह कार नहीं लेना चाहते तो 10 लाख रुपये मिल जाएंगे। हालांकि, इसके लिए उन्होंने आधार कार्ड, फोटो व बैंक अकाउंट नंबर देने की बात कही। नरेंद्र का कहना है कि आरोपियों ने रजिस्ट्रेशन के नाम पर 12 अक्तूबर को उनसे 6 हजार रुपये एक खाते में डलवाए। बाद में दूसरे कॉलर ने फोन किया और 10 लाख की लॉटरी के बारे में बात की। उसने अपना आईकार्ड भी दिखाया। इसके बाद उसने गाड़ी की जीएसटी, टीडीएस फिर इनकम टैक्स के नाम पर चार खातों में तीन लाख 17 हजार 595 रुपये ट्रांसफर करा लिए। पीड़ित का आरोप है कि उक्त लोगों ने फोन-पे के जरिये पैसे मंगवाए थे।
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पीड़ित का कहना है कि आरोपियों ने कहा कि उनके खाते में पैसे आ गए हैं लेकिन वह तभी शो होंगे जब पीडीटी चार्ज के रूप में डेढ़ लाख रुपये जमा करा दिए जाएंगे। इसके बाद उन्हें ठगी का अहसास हुआ। पीड़ित का कहना है कि लॉटरी के लालच में उन पर डेढ़ लाख रुपये का कर्ज भी हो गया। उन्होंने थाने में शिकायत दी लेकिन कार्रवाई नहीं हुई। जिसके बाद एसएसपी से शिकायत की।
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