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गाड़ियां गैराज में, कागजों में हो रहा कूड़ा कलेक्शन
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वार्डों में रोजाना घरों से कूड़ा कलेक्शन करने वाली गाड़ियों के संचालन में भी ‘खेल’ किया जा रहा है। गाड़ियां गैराज में खड़ी हैं और वार्डों में डोर-टू-डोर कूड़ा कलेक्शन कागजों में हो रहा है। अधिकांश वार्डों में तैनात की गई दो में से एक गाड़ी कूड़ा कलेक्शन के लिए पहुंच रही हैं। जिन पार्षदों ने शिकायत की तो उनके वार्डों में गाड़ियां तो दोनों भेज दी गई, लेकिन चक्कर सिर्फ एक-एक लगाया जा रहा है। वार्ड के कुछ मोहल्लों में एक दिन और बचे मोहल्लों में अगले दिन कूड़ा कलेक्शन कराया जा रहा है।
नगर निगम अधिकारी स्वच्छ भारत मिशन 2020 में टॉप-10 शहरों की सूची में गाजियाबाद का नाम शामिल कराने का दावा कर रहे हैं। इसके लिए केंद्र सरकार की गाइड लाइंस का पालन कराने को हर वार्ड में दो-दो छोटी गाड़ियां कूड़ा कलेक्शन के लिए तैनात की गई हैं। निगम ने अपनी गाड़ियों के अलावा 84 छोटे हाथी 43 हजार रुपये प्रति माह के किराए पर लिए हैं, ताकि सभी वार्डों में डोर टू डोर कूड़ा कलेक्शन किया जा सके। ठेकेदारों और नगर निगम कर्मचारियों ने कूड़ा उठान में भी खेल शुरू कर दिया है। ठेके पर लिए गए अधिकांश वाहन सिर्फ कागजों में दौड़ रहे हैं। पार्षदों का आरोप है कि निगम ठेकेदार वार्ड में तैनात की गई दो में से एक गाड़ी को वार्ड में भेज देता है, दूसरी को गैराज में खड़ी कर देता है। इससे वार्ड के लोगों को भी लगता है कि उन्होंने क्षेत्र में गाड़ी को संचालित होते देखा है। दूसरी गाड़ी की बचत कर नगर निगम से पूरा भुगतान किया जा रहा है।
ऐसे भी हो रहा ‘खेल’
नगर निगम में कूड़ा कलेक्शन के वाहन संचालन में खेल का नया तरीका निकाला गया है। पार्षदों के मुताबिक सुबह से दोपहर तक जिन गाड़ियों को एक वार्ड में भेजा जाता है, दोपहर बाद ड्राइवर बदलकर पड़ोस के दूसरे वार्ड में भेज दिया जाता है। यह अलग-अलग ड्राइवर एक ही गाड़ी के जियो टैग के साथ फोटो खींचकर क्षेत्रीय निरीक्षकों कोे भेज देते हैं। पार्षदों का आरोप है कि कूड़ा उठान के इस खेल में नगर निगम के सफाई निरीक्षक भी शामिल रहते हैं।
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आंकड़ों में नगर निगम की व्यवस्था
शहर के कुल वार्ड 100
प्रतिदिन निकलने वाला कचरा एक हजार मीट्रिक टन
वार्डों में कूड़ा कलेक्शन के वाहन 200
ठेके पर लिए गए वाहन 84 छोटे हाथी
पार्षद बोले
तीन माह से वार्ड में कूड़ा कलेक्शन की सिर्फ एक गाड़ी पहुंच रही है। हिंडन विहार क्षेत्र में सितंबर के बाद से गाड़ी कूड़ा कलेक्शन करने नहीं पहुंची है। एक ही गाड़ी पर ड्राइवर बदलकर दोपहर में उसे दूसरे वार्ड में भेज दिया जाता है। - देवेंद्र भारती, पार्षद वार्ड-17 सेवा नगर
कई माह से मैं लगातार नगर निगम अधिकारियों से शिकायत कर रहा हूं कि वार्ड में सिर्फ एक गाड़ी कूड़ा कलेक्शन के लिए पहुंच रही है। भुगतान दो गाड़ियों का किया जा रहा है। बावजूद इसके अधिकारियों ने दूसरी गाड़ी का संचालन शुरू नहीं कराया।- आफिस चौधरी, पार्र्षद वार्ड-48
10-15 बार शिकायत के बाद अब करीब एक सप्ताह से वार्ड में दोनों गाड़ियां आनी शुरू हुई हैं, लेकिन सिर्फ एक-एक चक्कर लगाया जा रहा है। ठेकेदार और निगम कर्मचारी डीजल बचा लेते हैं। अपर नगरायुक्त को भी इस स्थिति से अवगत कराया गया है। ऐसे गाजियाबाद का स्वच्छ बनना मुश्किल है। - नरेश जाटव, पार्षद डूंडाहेड़ा क्षेत्र
वार्ड में दो गाड़ियां तो भेजी जा रही हैं, लेकिन पूरे वार्ड का कूड़ा कलेक्शन नहीं किया जा रहा। गाड़ी चालक एक सिर्फ चक्कर लगाकर चले जाते हैं। अगले दिन फिर वार्ड के बाकी बचे क्षेत्र में कलेक्शन किया जाता है। एक मोहल्ले में दो दिन में एक बार गाड़ी पहुंचती है। - जाकिर सैफी, पार्षद कैला भट्ठा
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नगर निगम अधिकारी स्वच्छ भारत मिशन 2020 में टॉप-10 शहरों की सूची में गाजियाबाद का नाम शामिल कराने का दावा कर रहे हैं। इसके लिए केंद्र सरकार की गाइड लाइंस का पालन कराने को हर वार्ड में दो-दो छोटी गाड़ियां कूड़ा कलेक्शन के लिए तैनात की गई हैं। निगम ने अपनी गाड़ियों के अलावा 84 छोटे हाथी 43 हजार रुपये प्रति माह के किराए पर लिए हैं, ताकि सभी वार्डों में डोर टू डोर कूड़ा कलेक्शन किया जा सके। ठेकेदारों और नगर निगम कर्मचारियों ने कूड़ा उठान में भी खेल शुरू कर दिया है। ठेके पर लिए गए अधिकांश वाहन सिर्फ कागजों में दौड़ रहे हैं। पार्षदों का आरोप है कि निगम ठेकेदार वार्ड में तैनात की गई दो में से एक गाड़ी को वार्ड में भेज देता है, दूसरी को गैराज में खड़ी कर देता है। इससे वार्ड के लोगों को भी लगता है कि उन्होंने क्षेत्र में गाड़ी को संचालित होते देखा है। दूसरी गाड़ी की बचत कर नगर निगम से पूरा भुगतान किया जा रहा है।
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ऐसे भी हो रहा ‘खेल’
नगर निगम में कूड़ा कलेक्शन के वाहन संचालन में खेल का नया तरीका निकाला गया है। पार्षदों के मुताबिक सुबह से दोपहर तक जिन गाड़ियों को एक वार्ड में भेजा जाता है, दोपहर बाद ड्राइवर बदलकर पड़ोस के दूसरे वार्ड में भेज दिया जाता है। यह अलग-अलग ड्राइवर एक ही गाड़ी के जियो टैग के साथ फोटो खींचकर क्षेत्रीय निरीक्षकों कोे भेज देते हैं। पार्षदों का आरोप है कि कूड़ा उठान के इस खेल में नगर निगम के सफाई निरीक्षक भी शामिल रहते हैं।
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आंकड़ों में नगर निगम की व्यवस्था
शहर के कुल वार्ड 100
प्रतिदिन निकलने वाला कचरा एक हजार मीट्रिक टन
वार्डों में कूड़ा कलेक्शन के वाहन 200
ठेके पर लिए गए वाहन 84 छोटे हाथी
पार्षद बोले
तीन माह से वार्ड में कूड़ा कलेक्शन की सिर्फ एक गाड़ी पहुंच रही है। हिंडन विहार क्षेत्र में सितंबर के बाद से गाड़ी कूड़ा कलेक्शन करने नहीं पहुंची है। एक ही गाड़ी पर ड्राइवर बदलकर दोपहर में उसे दूसरे वार्ड में भेज दिया जाता है। - देवेंद्र भारती, पार्षद वार्ड-17 सेवा नगर
कई माह से मैं लगातार नगर निगम अधिकारियों से शिकायत कर रहा हूं कि वार्ड में सिर्फ एक गाड़ी कूड़ा कलेक्शन के लिए पहुंच रही है। भुगतान दो गाड़ियों का किया जा रहा है। बावजूद इसके अधिकारियों ने दूसरी गाड़ी का संचालन शुरू नहीं कराया।- आफिस चौधरी, पार्र्षद वार्ड-48
10-15 बार शिकायत के बाद अब करीब एक सप्ताह से वार्ड में दोनों गाड़ियां आनी शुरू हुई हैं, लेकिन सिर्फ एक-एक चक्कर लगाया जा रहा है। ठेकेदार और निगम कर्मचारी डीजल बचा लेते हैं। अपर नगरायुक्त को भी इस स्थिति से अवगत कराया गया है। ऐसे गाजियाबाद का स्वच्छ बनना मुश्किल है। - नरेश जाटव, पार्षद डूंडाहेड़ा क्षेत्र
वार्ड में दो गाड़ियां तो भेजी जा रही हैं, लेकिन पूरे वार्ड का कूड़ा कलेक्शन नहीं किया जा रहा। गाड़ी चालक एक सिर्फ चक्कर लगाकर चले जाते हैं। अगले दिन फिर वार्ड के बाकी बचे क्षेत्र में कलेक्शन किया जाता है। एक मोहल्ले में दो दिन में एक बार गाड़ी पहुंचती है। - जाकिर सैफी, पार्षद कैला भट्ठा