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कंपनी ऑपरेटर को झांसा देकर 37 हजार ठगे
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कंपनी ऑपरेटर को झांसा देकर 37 हजार ठगे
इंदिरापुरम। निजी कंपनी के ऑपरेटर विनोद कुमार को ठग ने एप में फंसे छह हजार रुपये निकालने का झांसा देकर उनके खाते से 37 हजार रुपये का चूना लगा दिया। ठग ने एप डाउनलोड कराकर मोबाइल रिसेट कर सोशल मीडिया साइट भी हैक कर ली। दूसरे मामले में वैशाली निवासी रोहित कुमार को ओएलएक्स पर फर्नीचर का विज्ञापन देना भारी पड़ गया। उनके साथ 45 हजार रुपये की ठगी हो गई।
मूल रूप से प्रयागराज के रहने वाले विनोद कुमार ने बताया कि उनके मोबाइल एप में छह हजार रुपये फंस गए थे। पैसों को दूसरे खाते में ट्रांसफर करने के लिए उन्होंने ग्राहक सेवा केंद्र पर फोन किया। ठग ने उन्हें पदाधिकारी बताया फिर टीमव्यूवर एप डाउनलोड कराकर फोन हैक कर लिया। आरोप है कि ठग ने छह हजार निकलवाने के बहाने पहली बार में 12 हजार रुपये और दूसरी बार में 25 हजार रुपये की ट्रांजेक्शन कर ली। इतना ही नहीं, दोबारा समस्या के समाधान का आश्वासन देकर मोबिविक एप डाउनलोड कराकर मोबाइल रिसेट कर सोशल मीडिया साइट भी हैक कर ली। विनोद के मुताबिक, ठग ने उनके सोशल मीडिया अकाउंट को अभी तक चला रहा है। वैशाली निवासी रोहित ने बताया कि उन्होंने ओएलएक्स पर फर्नीचर बेचने का विज्ञापन दिया। शातिर ने फोन कर डाइनिंग टेबल खरीदने की इच्छा जाहिर की। कुछ देर बाद खाते की जानकारी ली और क्यूआर कोड स्कैन कराकर 45 हजार रुपये निकाल लिए।
सीओ इंदिरापुरम तृतीय अभय कुमार मिश्र ने बताया कि ठगी के दोनों मामलों में रिपोर्ट दर्ज कर ली है। फोन नंबर और खाते से ट्रांजेक्शन के आधार पर जांच कर रहे हैं।
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इंदिरापुरम। निजी कंपनी के ऑपरेटर विनोद कुमार को ठग ने एप में फंसे छह हजार रुपये निकालने का झांसा देकर उनके खाते से 37 हजार रुपये का चूना लगा दिया। ठग ने एप डाउनलोड कराकर मोबाइल रिसेट कर सोशल मीडिया साइट भी हैक कर ली। दूसरे मामले में वैशाली निवासी रोहित कुमार को ओएलएक्स पर फर्नीचर का विज्ञापन देना भारी पड़ गया। उनके साथ 45 हजार रुपये की ठगी हो गई।
मूल रूप से प्रयागराज के रहने वाले विनोद कुमार ने बताया कि उनके मोबाइल एप में छह हजार रुपये फंस गए थे। पैसों को दूसरे खाते में ट्रांसफर करने के लिए उन्होंने ग्राहक सेवा केंद्र पर फोन किया। ठग ने उन्हें पदाधिकारी बताया फिर टीमव्यूवर एप डाउनलोड कराकर फोन हैक कर लिया। आरोप है कि ठग ने छह हजार निकलवाने के बहाने पहली बार में 12 हजार रुपये और दूसरी बार में 25 हजार रुपये की ट्रांजेक्शन कर ली। इतना ही नहीं, दोबारा समस्या के समाधान का आश्वासन देकर मोबिविक एप डाउनलोड कराकर मोबाइल रिसेट कर सोशल मीडिया साइट भी हैक कर ली। विनोद के मुताबिक, ठग ने उनके सोशल मीडिया अकाउंट को अभी तक चला रहा है। वैशाली निवासी रोहित ने बताया कि उन्होंने ओएलएक्स पर फर्नीचर बेचने का विज्ञापन दिया। शातिर ने फोन कर डाइनिंग टेबल खरीदने की इच्छा जाहिर की। कुछ देर बाद खाते की जानकारी ली और क्यूआर कोड स्कैन कराकर 45 हजार रुपये निकाल लिए।
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सीओ इंदिरापुरम तृतीय अभय कुमार मिश्र ने बताया कि ठगी के दोनों मामलों में रिपोर्ट दर्ज कर ली है। फोन नंबर और खाते से ट्रांजेक्शन के आधार पर जांच कर रहे हैं।
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