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मंत्री-विधायकों के गोद लिए स्वास्थ्यकेंद्रों पर डेंगू की जांच न उपचार
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मंत्री-विधायकों के गोद लिए स्वास्थ्यकेंद्रों पर डेंगू की जांच न उपचार
गाजियाबाद। जिले में डेंगू व वायरल बुखार तेजी से पैर पसार हो रहा है, लेकिन गाजियाबाद के मंत्री-विधायकों के गोद लिए अस्पतालों में डेंगू की न जांच की सुविधा है और न ही उपचार उपलब्ध है। ऐसे में मरीजों को जिला अस्पताल या मेरठ तक दौड़ लगानी पड़ रही है। जबकि इस समय प्रतिदिन आठ से दस मरीजों में डेंगू की पुष्टि हो रही है। सबसे अधिक परेशानी भोजपुर, मोदीनगर और लोनी क्षेत्र के मरीजों को होती है, क्योंकि इन क्षेत्रों से जिला अस्पताल की दूरी 35 से 40 किमी है। स्वास्थ्य विभाग का कहना है कि स्वास्थ्य केंद्रों से सैंपल जांच के लिए आईडीएसपी में संचालित पब्लिक हेल्थ लैब में जांच की जाती है।
डेंगू के 8 नए मरीज और 24 स्थानों पर मिला लार्वा
जिले में पिछले 10 दिनों में डेंगू के 79 मरीज मिल चुके हैं। इनमें से 23 मरीज निजी और एक सरकारी अस्पताल में भर्ती हैं। मलेरिया के अब तक 10 और स्क्रब टाइफस के 25 मरीजों की पुष्टि हो चुकी है। वायरल के एक हजार से अधिक मरीजों मिल चुके हैं। रविवार को डेंगू के आठ नए मरीज मिलने के साथ ही 24 स्थानों पर डेंगू का लार्वा भी पाया गया है। संयुक्त अस्पताल के फिजिशियन डॉ. आरसी गुप्ता का कहना है कि बुखार होने पर अधिकांश मरीज बिना किसी डॉक्टर के सलाह के ही दवा ले लेते हैं, यह स्वास्थ्य के लिए खतरनाक है। बुखार होने पर डॉक्टर की सलाह लेना जरूरी है, ताकि सही बीमारी का पता चल सकेगा।
कराएंगे जांच की व्यवस्था
जिले में सीएचसी और पीएचसी पर डेंगू व मलेरिया की जांच की सुविधा नहीं है। स्वास्थ्य अधिकारियों के अनुसार इसके लिए लैब की जरूरत पड़ती है। फिलहाल सीएचसी और पीएचसी पर लैब बनाना संभव नहीं है। जनप्रतिनिधि दावा कर रहे हैं कि जरूरत पड़ने पर सभी केंद्रों पर जांच की व्यवस्था कराई जाएगी।
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सैंपल एमएमजी जाते हैं
मैंने तीन स्वास्थ्य केंद्र विजयनगर, बागू और हरवंश नगर को गोद लिया है। सभी पर इलाज की बेहतर व्यवस्था है। जांच के लिए सैंपल एमएमजी अस्पताल भेजे जाते हैं। जरूरत पड़ने पर बेड की संख्या बढ़ाई जाएगी, लेकिन अभी आवश्यकता नहीं है।
अतुल गर्ग, स्वास्थ्य राज्यमंत्री एवं शहर विधायक
भर्ती हो सकते हैं मरीज
स्वास्थ्य केंद्र पर इलाज की व्यवस्था की गई है। डेंगू की जांच के लिए सैंपल मोदीनगर सीएचसी का स्टॉफ एमएमजी अस्पताल में ले जाता है। अस्पताल में भर्ती और इलाज की पूरी व्यवस्था है।
- डॉ मंजू शिवाच, विधायक, मोदीनगर
व्यवस्था कराएंगे
मुझे पहले राजबाग स्वास्थ्य केंद्र मिला था, वहां पर पूरी व्यवस्था कराई गई थी। अब सरस्वती कॉलोनी का नगरीय स्वास्थ्य केंद्र मिला है। यहां पर व्यवस्था की जाएगी कि मरीजों को जांच व इलाज की पूरी व्यवस्था मिल सके।
सुनील शर्मा, विधायक, साहिबाबाद
डेंगू की भी जांच करवाएंगे
मैंने चिरोड़ी स्वास्थ्य केंद्र गोद लिया है। वहां पर सभी तरह जांच हो रही है। अगर डेंगू की जांच नहीं की जा रही है तो उसकी भी व्यवस्था जल्द कराई जाएगी।
नंद किशोर गुर्जर, विधायक, लोनी
एमएमजी में है लैब की सुविधा
जिले के सभी स्वास्थ्य केंद्रों पर इलाज के लिए आने वाले संदिग्ध मरीजों के सैंपल लिए जाते हैं। उनकी जांच एमएमजी अस्पताल परिसर में आईडीएसपी लैब में की जाती है। प्रयास किया जा रहा है कि सैंपल की रिपोर्ट उसी दिन मिल जाए, जिससे मरीज को जल्द उपचार मिल सके।
- डॉ. भवतोष शंखधार, सीएमओ
डेंगू-मलेरिया के आंकड़े
वर्ष - डेंगू मरीज - मलेरिया मरीज
2021 - 79 - 10
2020 - 15 - 13
2019 - 88 - 142
2018 - 68 - 150
2017 - 232 - 293
2016 - 621 - 128
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गाजियाबाद। जिले में डेंगू व वायरल बुखार तेजी से पैर पसार हो रहा है, लेकिन गाजियाबाद के मंत्री-विधायकों के गोद लिए अस्पतालों में डेंगू की न जांच की सुविधा है और न ही उपचार उपलब्ध है। ऐसे में मरीजों को जिला अस्पताल या मेरठ तक दौड़ लगानी पड़ रही है। जबकि इस समय प्रतिदिन आठ से दस मरीजों में डेंगू की पुष्टि हो रही है। सबसे अधिक परेशानी भोजपुर, मोदीनगर और लोनी क्षेत्र के मरीजों को होती है, क्योंकि इन क्षेत्रों से जिला अस्पताल की दूरी 35 से 40 किमी है। स्वास्थ्य विभाग का कहना है कि स्वास्थ्य केंद्रों से सैंपल जांच के लिए आईडीएसपी में संचालित पब्लिक हेल्थ लैब में जांच की जाती है।
डेंगू के 8 नए मरीज और 24 स्थानों पर मिला लार्वा
जिले में पिछले 10 दिनों में डेंगू के 79 मरीज मिल चुके हैं। इनमें से 23 मरीज निजी और एक सरकारी अस्पताल में भर्ती हैं। मलेरिया के अब तक 10 और स्क्रब टाइफस के 25 मरीजों की पुष्टि हो चुकी है। वायरल के एक हजार से अधिक मरीजों मिल चुके हैं। रविवार को डेंगू के आठ नए मरीज मिलने के साथ ही 24 स्थानों पर डेंगू का लार्वा भी पाया गया है। संयुक्त अस्पताल के फिजिशियन डॉ. आरसी गुप्ता का कहना है कि बुखार होने पर अधिकांश मरीज बिना किसी डॉक्टर के सलाह के ही दवा ले लेते हैं, यह स्वास्थ्य के लिए खतरनाक है। बुखार होने पर डॉक्टर की सलाह लेना जरूरी है, ताकि सही बीमारी का पता चल सकेगा।
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कराएंगे जांच की व्यवस्था
जिले में सीएचसी और पीएचसी पर डेंगू व मलेरिया की जांच की सुविधा नहीं है। स्वास्थ्य अधिकारियों के अनुसार इसके लिए लैब की जरूरत पड़ती है। फिलहाल सीएचसी और पीएचसी पर लैब बनाना संभव नहीं है। जनप्रतिनिधि दावा कर रहे हैं कि जरूरत पड़ने पर सभी केंद्रों पर जांच की व्यवस्था कराई जाएगी।
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सैंपल एमएमजी जाते हैं
मैंने तीन स्वास्थ्य केंद्र विजयनगर, बागू और हरवंश नगर को गोद लिया है। सभी पर इलाज की बेहतर व्यवस्था है। जांच के लिए सैंपल एमएमजी अस्पताल भेजे जाते हैं। जरूरत पड़ने पर बेड की संख्या बढ़ाई जाएगी, लेकिन अभी आवश्यकता नहीं है।
अतुल गर्ग, स्वास्थ्य राज्यमंत्री एवं शहर विधायक
भर्ती हो सकते हैं मरीज
स्वास्थ्य केंद्र पर इलाज की व्यवस्था की गई है। डेंगू की जांच के लिए सैंपल मोदीनगर सीएचसी का स्टॉफ एमएमजी अस्पताल में ले जाता है। अस्पताल में भर्ती और इलाज की पूरी व्यवस्था है।
- डॉ मंजू शिवाच, विधायक, मोदीनगर
व्यवस्था कराएंगे
मुझे पहले राजबाग स्वास्थ्य केंद्र मिला था, वहां पर पूरी व्यवस्था कराई गई थी। अब सरस्वती कॉलोनी का नगरीय स्वास्थ्य केंद्र मिला है। यहां पर व्यवस्था की जाएगी कि मरीजों को जांच व इलाज की पूरी व्यवस्था मिल सके।
सुनील शर्मा, विधायक, साहिबाबाद
डेंगू की भी जांच करवाएंगे
मैंने चिरोड़ी स्वास्थ्य केंद्र गोद लिया है। वहां पर सभी तरह जांच हो रही है। अगर डेंगू की जांच नहीं की जा रही है तो उसकी भी व्यवस्था जल्द कराई जाएगी।
नंद किशोर गुर्जर, विधायक, लोनी
एमएमजी में है लैब की सुविधा
जिले के सभी स्वास्थ्य केंद्रों पर इलाज के लिए आने वाले संदिग्ध मरीजों के सैंपल लिए जाते हैं। उनकी जांच एमएमजी अस्पताल परिसर में आईडीएसपी लैब में की जाती है। प्रयास किया जा रहा है कि सैंपल की रिपोर्ट उसी दिन मिल जाए, जिससे मरीज को जल्द उपचार मिल सके।
- डॉ. भवतोष शंखधार, सीएमओ
डेंगू-मलेरिया के आंकड़े
वर्ष - डेंगू मरीज - मलेरिया मरीज
2021 - 79 - 10
2020 - 15 - 13
2019 - 88 - 142
2018 - 68 - 150
2017 - 232 - 293
2016 - 621 - 128