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निगेटिव रिपोर्ट पर ही गांवों में मिलेगी एंट्री
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निगेटिव रिपोर्ट पर ही गांवों में मिलेगी एंट्री
गाजियाबाद। कोरोना संक्रमण से बीच 41 गांवों में बाहरी व्यक्तियों को कोरोना की निगेटिव रिपोर्ट दिखाने के बाद ही प्रवेश मिलेगा। गांवों के बाहर ही रैपिड एंटीजन से जांच होगी। अगर पॉजिटिवि पाया जाता है तो गांव के बाहर ही आईसोलेशन की सुविधा भी मिलेगी। गांव के अंदर दुकाने खुलने का समय निर्धारित होगा। बिना मास्क के गांवों में घर बाहर निकलने पर चालान काटने की व्यवस्था को भी लागू कर दी गई है। गांवों में कोरोना की जांच से लेकर आईसोलेशन की व्यवस्था भी अलग से कराने का निर्देश दिया गया है। अभी तक संक्रमण की चपेट में आने से बचे इन गांवों में प्रशासन ने नया सुरक्षा कवच तैयार किया है, जिसमें ग्रामीणों की भी अहम भूमिका तय की गई है।
प्रशासन ने जिले के ऐसे गांवों को चिन्हित कराया है जिनमें अभी तक कोरोना संक्रमण का एक भी केस नहीं आया है। अब इन गांवों को कोरोना से बचाने की दिशा में अलग से दिशा निर्देश जारी किए गए। इसके साथ ही एक टीम को अलग से उन गांवों को चिन्हित करने में लगाया है जो भविष्य में संक्रमण मुक्त होती हैं। उनमें भी इसी तरह की व्यवस्था को लागू किया जाएगा। इस पूरे कार्य को प्रशासन ने स्वैच्छिक सामुदायिक कंटेनमेंट कार्यक्रम का नाम दिया है। इस कार्यक्रम के तहत शुक्रवार को जिलाधिकारी अजय शंकर पांडेय ने गांवों का दौरा किया। सदर तहसील के गांव मटियाला से कार्यक्रम की शुरुआत की गई है। जहां पर डीएम ने सारी व्यवस्थाओं का जायजा लिया। गांव के बाहर जीडीए की तरफ से बनाए गए सामुदायिक केंद्र को आईसोलेशन केंद्र बनाने का निर्देश दिया। मौके पर मौजूद सीएमओ को निर्देश दिया कि वो सामुदायिक केंद्र पर तत्काल दवा और चिकित्सा उपकरण भी उपलब्ध कराएं। उधर, एसडीएम सदर ने डीएम के निर्देश पर गांव में कोरोना की रोकथाम के लिए अलग से चार लोगों की टीम भी बना दी है।
शहरी क्षेत्र में लागू होगा प्लान
प्रशासन ने कहा कि आने वाले समय में शहरी और नगर पालिका क्षेत्र में भी माइक्रो सर्वे कराया जा रहा है। वहां पर भी इस प्लान को लागू किया जाएगा। शहर में वार्डों को तीन श्रेणी में बांटकर इस कार्यक्रम को लागू किया जाएगा। पहले वो वार्ड जहां कोई केस नहीं है। वहां कड़ाई की जाएगी। इसके अलावा दूसरे वो वार्ड जहां केस हैं लेकिन ज्यादा नहीं। उन्हें संक्रमण मुक्त करने पर जोर रहेगा। वहीं तीसरे ऐसे वार्ड जहां पर संक्रमण के अधिक मामले हैं, उन्हें संक्रमण मुक्त करने पर ध्यान रहेगा।
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संक्रमण मुक्त गांव
रजापुर के शमशेर, बहादुरपुर, शाहपुर निज मोरटा, नगला फिरोज, भोवापुर, मटियाला, रघुनथपुर, मकरेडा, अटोर, कुशलिया, निडौरी, कनौजा, समयपुर कटियार, निगावटी, नूरपुर, जलालाबाद, भिकनपुर, दौसाबंजारपुर, आबिदपुर, मानकी, काजमपुर, यसूफपुर और मनौटा शामिल हैं। भोजपुर ब्लॉक का तलहेटा, लतीफपुर टिबरा, सारा, याकुतपुर मवी, भोजपुर, खिलौरा रघुनाथपुर, मुरादाबाद, कलछीना, चिड़ियाला, जोया, ईसानगर, खानपुर आदि।
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गाजियाबाद। कोरोना संक्रमण से बीच 41 गांवों में बाहरी व्यक्तियों को कोरोना की निगेटिव रिपोर्ट दिखाने के बाद ही प्रवेश मिलेगा। गांवों के बाहर ही रैपिड एंटीजन से जांच होगी। अगर पॉजिटिवि पाया जाता है तो गांव के बाहर ही आईसोलेशन की सुविधा भी मिलेगी। गांव के अंदर दुकाने खुलने का समय निर्धारित होगा। बिना मास्क के गांवों में घर बाहर निकलने पर चालान काटने की व्यवस्था को भी लागू कर दी गई है। गांवों में कोरोना की जांच से लेकर आईसोलेशन की व्यवस्था भी अलग से कराने का निर्देश दिया गया है। अभी तक संक्रमण की चपेट में आने से बचे इन गांवों में प्रशासन ने नया सुरक्षा कवच तैयार किया है, जिसमें ग्रामीणों की भी अहम भूमिका तय की गई है।
प्रशासन ने जिले के ऐसे गांवों को चिन्हित कराया है जिनमें अभी तक कोरोना संक्रमण का एक भी केस नहीं आया है। अब इन गांवों को कोरोना से बचाने की दिशा में अलग से दिशा निर्देश जारी किए गए। इसके साथ ही एक टीम को अलग से उन गांवों को चिन्हित करने में लगाया है जो भविष्य में संक्रमण मुक्त होती हैं। उनमें भी इसी तरह की व्यवस्था को लागू किया जाएगा। इस पूरे कार्य को प्रशासन ने स्वैच्छिक सामुदायिक कंटेनमेंट कार्यक्रम का नाम दिया है। इस कार्यक्रम के तहत शुक्रवार को जिलाधिकारी अजय शंकर पांडेय ने गांवों का दौरा किया। सदर तहसील के गांव मटियाला से कार्यक्रम की शुरुआत की गई है। जहां पर डीएम ने सारी व्यवस्थाओं का जायजा लिया। गांव के बाहर जीडीए की तरफ से बनाए गए सामुदायिक केंद्र को आईसोलेशन केंद्र बनाने का निर्देश दिया। मौके पर मौजूद सीएमओ को निर्देश दिया कि वो सामुदायिक केंद्र पर तत्काल दवा और चिकित्सा उपकरण भी उपलब्ध कराएं। उधर, एसडीएम सदर ने डीएम के निर्देश पर गांव में कोरोना की रोकथाम के लिए अलग से चार लोगों की टीम भी बना दी है।
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शहरी क्षेत्र में लागू होगा प्लान
प्रशासन ने कहा कि आने वाले समय में शहरी और नगर पालिका क्षेत्र में भी माइक्रो सर्वे कराया जा रहा है। वहां पर भी इस प्लान को लागू किया जाएगा। शहर में वार्डों को तीन श्रेणी में बांटकर इस कार्यक्रम को लागू किया जाएगा। पहले वो वार्ड जहां कोई केस नहीं है। वहां कड़ाई की जाएगी। इसके अलावा दूसरे वो वार्ड जहां केस हैं लेकिन ज्यादा नहीं। उन्हें संक्रमण मुक्त करने पर जोर रहेगा। वहीं तीसरे ऐसे वार्ड जहां पर संक्रमण के अधिक मामले हैं, उन्हें संक्रमण मुक्त करने पर ध्यान रहेगा।
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संक्रमण मुक्त गांव
रजापुर के शमशेर, बहादुरपुर, शाहपुर निज मोरटा, नगला फिरोज, भोवापुर, मटियाला, रघुनथपुर, मकरेडा, अटोर, कुशलिया, निडौरी, कनौजा, समयपुर कटियार, निगावटी, नूरपुर, जलालाबाद, भिकनपुर, दौसाबंजारपुर, आबिदपुर, मानकी, काजमपुर, यसूफपुर और मनौटा शामिल हैं। भोजपुर ब्लॉक का तलहेटा, लतीफपुर टिबरा, सारा, याकुतपुर मवी, भोजपुर, खिलौरा रघुनाथपुर, मुरादाबाद, कलछीना, चिड़ियाला, जोया, ईसानगर, खानपुर आदि।