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लिंक भेजकर बनाए अश्लील वीडियो, 100 लोगों को भेजा

Ghaziabad Bureau गाजियाबाद ब्यूरो
Updated Thu, 15 Apr 2021 01:19 AM IST
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लिंक भेजकर बनाए अश्लील वीडियो, 100 लोगों को भेजा
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गाजियाबाद। बैंक खाते की डिटेल लेकर या केवाईसी के नाम पर ठगी की घटनाओं के बीच साइबर अपराधियों ने अब हनीट्रैप में फंसाकर रकम ऐंठने का ट्रेंड अपनाया है। मौजूदा हालातों की बात करें तो रोजाना तीन से चार ऐसे मामले सामने आ रहे हैं, जिसमें गैंग ने पीड़ित को हनीट्रैप में फंसाया और फिर उसकी अश्लील वीडियो वायरल करने की धमकी देकर मोटी रकम ऐंठ ली। रुपयों की डिमांड जारी रहने पर पीड़ित को आखिरकार पुलिस की मदद लेनी पड़ी। इस साल 31 मार्च तक इस तरह के 100 से अधिक मामले सामने आएं हैं। हालांकि परंपरागत ठगी की बात करें तो गाजियाबाद के लोग लोन के झांसे में आकर सबसे ज्यादा ठगे गए हैं।
साइबर एक्सपर्ट के मुताबिक, ब्लैकमेलर गैंग स्क्रीन रिकॉर्डर एप से लोगों को अपने शिकंजे में जकड़ रहा है। इसके चलते पुलिस ने लोगों के लिए एडवाइजरी जारी की है कि अनजान लोगों के साथ वीडियो कॉल न करें। अन्य कॉल की तरह इसे भी रिकॉर्ड करके इसका दुरुपयोग किया जा सकता है। ब्लैकमेलर गैंग में तमाम युवतियां शामिल हैं, जो सुनियोजित तरीके से लोगों को झांसे में लेती हैं। मिस कॉल, व्हाट्सएप या फेसबुक से शुरू होने वाला सिलसिला चैटिंग से होते हुए वीडियो कॉलिंग तक पहुंचता है। अश्लील वीडियो कॉल कर उसे स्क्रीन रिकॉर्डर एप से रिकॉर्ड कर लिया जाता है और फिर शुरू होता है ब्लैकमेलिंग का खेल।
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तीन तरह की धमकियों से करते हैं ब्लैकमेल
- स्क्रीन रिकॉर्डर एप से रिकॉर्ड की गई अश्लील वीडियो व्हॉट्सएप पर भेजी जाती है और उसे वायरल करने की धमकी देकर रकम मांगते हैं।
- रकम नहीं देने पर गैंग के सदस्य युवती का फर्जी परिजन या फर्जी पुलिस बनकर केस दर्ज कराने की धमकी देते हैं।
- गैंग अश्लील वीडियो का कुछ हिस्सा यूट्यूब पर अपलोड करता है। उसके बाद यूट्यूब टीम का फर्जी सदस्य बनकर फोन किया जाता है। वीडियो का यूट्यूब लिंक भेजकर केस दर्ज कराने की धमकी दी जाती है।
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ऐसे बचे जालसाजों से
- अनजान नंबर की वीडियो कॉल रिसीव न करें।
- कॉल रिसीव करने पर मोबाइल का कैमरा रीयर मोड पर कर दें।
- वीडियो यूट्यूब पर अपलोड होने पर उसे फ्लैग कर दें। 24 घंटे में यूट्यूब टीम उस वीडियो को यूट्यूब से हटा देगी।
- ब्लैकमेल कर पैसों की मांग की जाए तो तत्काल साइबर सेल को सूचित करें।
हनी ट्रैप से ब्लैकमेलिंग के ताजा मामले
- सिहानी गेट थानाक्षेत्र में जीडीए के इंजीनियर को हनीट्रैप में फंसाकर रकम वसूली।
- नेहरू नगर में रहने वाले कंस्ट्रक्शन कारोबारी को ब्लैकमेलर गिरोह ने शिकार बनाया।
- नगर कोतवाली क्षेत्र में युवक की अश्लील वीडियो वायरल करने की धमकी देकर पैसे मांगे।
- जिले में तैनात एक दरोगा को भी हनीट्रैप गैंग ने अपना निशाना बनाते हुए रकम वसूली।
पिछले साल से बढ़ा सोशल मीडिया से जुड़ा अपराध
साइबर सेल से मिले आंकड़ों के मुताबिक, सोशल मीडिया के जरिये साइबर अपराध का ग्राफ पहले की तुलना में काफी बढ़ा है। एक जनवरी से 31 मार्च तक व्हाट्सएप, फेसबुक, ट्विटर, इंस्टाग्राम, यूट्यूब के जरिये साइबर अपराध के 264 मामले साइबर सेल में सामने आ चुके हैं। जबकि पिछले साल एक जनवरी से 31 मार्च तक महज 92 मामले सामने आए थे। इससे साफ जाहिर है कि साइबर अपराधियों ने लोगों के सोशल एकाउंट्स को बड़े पैमाने पर निशाना बनाना शुरू कर दिया है। इनमें अधिकांशत: फर्जी फेसबुक अकाउंट बनाकर लोगों से रकम मांगने के मामले हैं।
साइबर अपराध के मामलों का आंकड़ा
लोन - 264
बैंक/क्रेडिट कार्ड - 212
नौकरी - 134
फेसबुक - 120
लकी ड्रा - 104
ओएलएक्स - 77
एटीएम - 74
पेटीएम केवाईसी - 64
व्हाट्सएप्प - 48
जीमेल- 35
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