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प्रताप विहार में हरित पट्टी पर बने 50 घरों पर चला बुलडोजर
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प्रताप विहार में नगर निगम की कार्रवाई के बाद सामान को समेटकर ले जाते हुए लोग
- फोटो : GHAZIABAD City
प्रताप विहार में हरित पट्टी पर बने 50 घरों पर चला बुलडोजर
गाजियाबाद। प्रताप विहार में डीएवी पब्लिक स्कूल के बराबर हरित पट्टी पर बने अवैध घरों और झुग्गियों पर शुक्रवार को नगर निगम का बुलडोजर चला। कार्रवाई शुरू होते ही लोगों ने घरों से जरूरी सामान निकालना शुरू कर दिया। हाईटेंशन लाइन के नीचे हरित पट्टी पर अवैध रूप से बने 50 घरों और 10 झुग्गियों को निगम के बुलडोजर ने जमींदोज कर दिया। निगम ने हरित पट्टी की 360 करोड़ रुपये की 60 हजार वर्ग मीटर जमीन कब्जा मुक्त कराई। भारी फोर्स के चलते लोगों का विरोध काम नहीं आया।
जीडीए की ओर से प्रताप विहार योजना लाने के बाद हाईटेंशन लाइन के नीचे करीब डेढ़ किमी लंबी हरित पट्टी विकसित की गई थी। हाईटेंशन लाइन के नीचे पार्क के अलावा करीब दो दशक पहले तक खाली जमीन थी। लेकिन डीएवी के बराबर हरित पट्टी पर पहले झुग्गियां बसनी शुरू हुईं, फिर झुग्गियों में रहने वालों ने पक्के घर बना लिए। कई घर तो बिल्कुल हाईटेंशन लाइन के नीचे व पोल से सटे हुए बने हुए थे। हादसे की संभावना को देखते हुए नगर निगम की टीम की ओर से कई बार लोगों से घरों और झुग्गियों को खाली करने को कहा लेकिन नोटिस के बावजूद घर खाली नहीं करने पर ध्वस्तीकरण की कार्रवाई की गई। कार्रवाई को अपर नगर आयुक्त व संपत्ति अधिकारी आरएन पांडेय के निर्देशन में अंजाम दिया गया। उनके साथ विजयनगर थाने का पुलिस बल तैनात रहा।
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जिंदगी की पूंजी जमींदोज होते देख झलके लोगों के आंसू
20 साल से रह रहे थे। जिंदगी भर की जमा पूंजी से आठ लाख खर्च कर दो कमरे बनाए थे। तीन बेटी व एक बेटा है। नगर निगम ने घर तोड़ दिया, अब बच्चों को लेकर कहां जाएंगे। निगम को कार्रवाई करने से पहले अवैध निर्माण कराने में दोषी लोगों पर कार्रवाई करनी चाहिए थी। -रीना देवी, पीड़ित
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घर में केवल एक बेटा कमाता है। विकलांग होने के चलते घर का ही आसरा था। घर को बुलडोजर से ढहा दिया गया। गरीबों की कोई सुनने वाला नहीं है। उन पर कार्रवाई की है तो दोषियों को भी सजा दिलाएं। -रमेश कुमार, पीड़ित
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प्रधानमंत्री आवास में लोन लेकर तीन कमरों का निर्माण कराया था। घर में छोटे चार बच्चे हैं। छत छिनने के बाद अब कहां जाएंगे। सालों से रहने और घर बनाने तक तो कोई रोकने नहीं आया। अब जिंदगी भर की कमाई को पल भर में मिट्टी में मिला दी। -पुष्पा, पीड़ित
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जैसे-तैसे पैसे इकठ्ठा कर दो कमरे बनवाए थे। उसे निगम ने तोड़ दिया। अवैध निर्माण कराने में दोषियों पर तो कोई कार्रवाई नहीं की जाती। केवल गरीबों पर ही सबका बस चलता है। पांच बच्चे हैं, उनको लेकर कहां जाएं। -नगीना, पीड़ित
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कोट...
प्रताप विहार में हरित पट्टी पर हाईटेंशन लाइन के नीचे अवैध रूप से घरों व झुग्गियों का निर्माण किया गया था। लोगों को घर खाली करने के कई बार नोटिस दिए गए। हरित पट्टी के साथ हाईटेंशन लाइन के नीचे अवैध निर्माण व हादसे की संभावना होने के चलते ध्वस्तीकरण की कार्रवाई की गई है। कार्रवाई में 360 करोड़ की 60 हजार वर्ग मीटर जमीन को कब्जा मुक्त कराया गया है। -आरएन पांडेय, अपर नगर आयुक्त
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गाजियाबाद। प्रताप विहार में डीएवी पब्लिक स्कूल के बराबर हरित पट्टी पर बने अवैध घरों और झुग्गियों पर शुक्रवार को नगर निगम का बुलडोजर चला। कार्रवाई शुरू होते ही लोगों ने घरों से जरूरी सामान निकालना शुरू कर दिया। हाईटेंशन लाइन के नीचे हरित पट्टी पर अवैध रूप से बने 50 घरों और 10 झुग्गियों को निगम के बुलडोजर ने जमींदोज कर दिया। निगम ने हरित पट्टी की 360 करोड़ रुपये की 60 हजार वर्ग मीटर जमीन कब्जा मुक्त कराई। भारी फोर्स के चलते लोगों का विरोध काम नहीं आया।
जीडीए की ओर से प्रताप विहार योजना लाने के बाद हाईटेंशन लाइन के नीचे करीब डेढ़ किमी लंबी हरित पट्टी विकसित की गई थी। हाईटेंशन लाइन के नीचे पार्क के अलावा करीब दो दशक पहले तक खाली जमीन थी। लेकिन डीएवी के बराबर हरित पट्टी पर पहले झुग्गियां बसनी शुरू हुईं, फिर झुग्गियों में रहने वालों ने पक्के घर बना लिए। कई घर तो बिल्कुल हाईटेंशन लाइन के नीचे व पोल से सटे हुए बने हुए थे। हादसे की संभावना को देखते हुए नगर निगम की टीम की ओर से कई बार लोगों से घरों और झुग्गियों को खाली करने को कहा लेकिन नोटिस के बावजूद घर खाली नहीं करने पर ध्वस्तीकरण की कार्रवाई की गई। कार्रवाई को अपर नगर आयुक्त व संपत्ति अधिकारी आरएन पांडेय के निर्देशन में अंजाम दिया गया। उनके साथ विजयनगर थाने का पुलिस बल तैनात रहा।
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जिंदगी की पूंजी जमींदोज होते देख झलके लोगों के आंसू
20 साल से रह रहे थे। जिंदगी भर की जमा पूंजी से आठ लाख खर्च कर दो कमरे बनाए थे। तीन बेटी व एक बेटा है। नगर निगम ने घर तोड़ दिया, अब बच्चों को लेकर कहां जाएंगे। निगम को कार्रवाई करने से पहले अवैध निर्माण कराने में दोषी लोगों पर कार्रवाई करनी चाहिए थी। -रीना देवी, पीड़ित
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घर में केवल एक बेटा कमाता है। विकलांग होने के चलते घर का ही आसरा था। घर को बुलडोजर से ढहा दिया गया। गरीबों की कोई सुनने वाला नहीं है। उन पर कार्रवाई की है तो दोषियों को भी सजा दिलाएं। -रमेश कुमार, पीड़ित
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प्रधानमंत्री आवास में लोन लेकर तीन कमरों का निर्माण कराया था। घर में छोटे चार बच्चे हैं। छत छिनने के बाद अब कहां जाएंगे। सालों से रहने और घर बनाने तक तो कोई रोकने नहीं आया। अब जिंदगी भर की कमाई को पल भर में मिट्टी में मिला दी। -पुष्पा, पीड़ित
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जैसे-तैसे पैसे इकठ्ठा कर दो कमरे बनवाए थे। उसे निगम ने तोड़ दिया। अवैध निर्माण कराने में दोषियों पर तो कोई कार्रवाई नहीं की जाती। केवल गरीबों पर ही सबका बस चलता है। पांच बच्चे हैं, उनको लेकर कहां जाएं। -नगीना, पीड़ित
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कोट...
प्रताप विहार में हरित पट्टी पर हाईटेंशन लाइन के नीचे अवैध रूप से घरों व झुग्गियों का निर्माण किया गया था। लोगों को घर खाली करने के कई बार नोटिस दिए गए। हरित पट्टी के साथ हाईटेंशन लाइन के नीचे अवैध निर्माण व हादसे की संभावना होने के चलते ध्वस्तीकरण की कार्रवाई की गई है। कार्रवाई में 360 करोड़ की 60 हजार वर्ग मीटर जमीन को कब्जा मुक्त कराया गया है। -आरएन पांडेय, अपर नगर आयुक्त