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कमिश्नर के दौरे से पहले बिछाईं साफ चादरें
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कमिश्नर के दौरे से पहले बिछाईं साफ चादरें
गाजियाबाद। डेंगू के बढ़ते मामलों को देखते हुए सोमवार कोकमिश्नर सेल्वा कुमारी जिले के अस्पतालों और स्वास्थ्य केंद्रों पर निरीक्षण के लिए पहुंचीं। इस दौरान डेंगू वार्डों की हकीकत छुपाने के लिए स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों ने बेड पर गंदी चादर बदल कर साफ चादरें बिछावा दीं। पुराने वार्ड में सीलन को देखते हुए मरीजों को भी दूसरे वार्ड में शिफ्ट किया गया। निरीक्षण के दौरान कमिश्नर ने मरीजों को मिलने वाले इलाज, सुविधाओं का हाल जाना। डेंगू के बढ़ते केस पर उन्होंने नाराजगी जताई। इस दौरान तीमारदारों में से शास्त्रीनगर निवासी संजय सिंह ने बताया कि बेटा डेंगू होने की वजह से चार दिन से अस्पताल में बेटा भर्ती है। उनके घर पर और आसपास अभी तक दवाओं का छिड़काव नहीं हुआ है। शास्त्रीनगर के ही अनिल ने भी ऐसी ही शिकायत की। उनकी बेटी डेंगू वार्ड में भर्ती है।
जिले की नोडल अधिकारी को भी तैनात किया गया है। कमिश्नर सेल्वा कुमारी शाम साढ़े पांच बजे संयुक्त अस्पताल पहुंची। वहां उन्होंने डेंगू वार्ड का निरीक्षण किया। वार्ड में छह डेंगू के मरीज भर्ती थे। उन्होंने मरीजों से बात की और अस्पताल की व्यवस्थाओं के बारे में जानकारी ली। वहां के बाद उन्होंने एमएमजी अस्पताल के डेंगू वार्ड का निरीक्षण किया। उन्होंने मरीजों से उनके घरों पर दवा के छिड़काव और सर्वे के संबंध में जानकारी ली। इसके बाद उन्होंने जिला ब्लड बैंक का निरीक्षण किया और वहां ब्लड कंपोनेंट अलग करने वाली ब्लड एफरेसिस मशीन के संबंध में जानकारी ली। उन्होंने इसको स्थापित कराने के लिए जल्द से जल्द अनुमति दिलवाने का आश्वासन दिया। उन्होंने संजयनगर में मिले दो डेंगू मरीजों के घर का भी निरीक्षण किया और दवाओं के छिड़काव की जानकारी ली। निरीक्षण के दौरान उनके साथ डेंगू की जिला नोडल अधिकारी डॉ. अंजू जोधा, जोनल सर्विलांस अधिकारी डॉ. तालियान सहित सीएमओ डॉ. भवतोष शंखधार मौजूद रहे।
डेंगू मरीजों के लिए 250 बेड हुए आरक्षित
निजी और सरकारी अस्पतालों में 250 बेड डेंगू मरीजों के लिए आरक्षित किए गए हैं। इसके अलावा स्वाइन फ्लू के भी 200 बेड आरक्षित हुए हैं। डेंगू संक्रमित 27 मरीज विभिन्न अस्पतालों में भर्ती हैं। इनमें से अधिकांश को प्लेटलेट्स की जरूरत पड़ी है। सरकारी अस्पतालों में 50 बेड आरक्षित किए गए हैं। सीएमओ ने बताया कि एमएमजी में 20, संयुक्त में 10 और डासना, मोदीनगर, मुरादनगर और लोनी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पर पांच-पांच बेड के वार्ड बनाए गए हैं।
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कंट्रोल रूम से मिलेगी प्लेटलेट्स की जानकारी
इंटीग्रेटेड कंट्रोल रूम के जरिये अब डेंगू और स्वाइन फ्लू के मरीजों को भी जानकारी मिलेगी। कोरोना के अलावा डेंगू के मरीजों के हालचाल के लिए कंट्रोल रूम से फोन किया जाएगा। जिन मरीजों को प्लेटलेट्स की जरूरत होगी, उन्हें सरकारी स्तर पर ये उपलब्ध कराई जाएगी। सभी सरकारी और निजी ब्लड बैंक को अलर्ट कर दिया गया है और प्लेटलेट्स की उपलब्धता की जानकारी ली गई। जानकारी के अनुसार अभी सभी ब्लड बैंकों में 120 जंबो पैक उपलब्ध हैं।
16 मरीज मिले, संख्या पहुंची 600 केपार
सोमवार को 16 डेंगू के नए मरीज मिले हैं, जिसकेबाद जिले में डेंगू के मरीजों की संख्या 614 तक पहुंच गई है। फिलहाल निजी और सरकारी अस्पतालों को मिलाकर डेंगू के 27 मरीजों का अस्पताल में इलाज चल रहा है। दोनों सरकारी अस्पतालों में छह-छह मरीज भर्ती हैं। बाकी सभी निजी अस्पतालों में इलाज चल रहा है जबकि 15 मरीज निजी अस्पतालों में भर्ती हैं। सीएमओ ने बताया कि निजी अस्पतालों को डेंगू के उपचार संबंधी गाइडलाइन जारी की जा चुकी है।
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गाजियाबाद। डेंगू के बढ़ते मामलों को देखते हुए सोमवार कोकमिश्नर सेल्वा कुमारी जिले के अस्पतालों और स्वास्थ्य केंद्रों पर निरीक्षण के लिए पहुंचीं। इस दौरान डेंगू वार्डों की हकीकत छुपाने के लिए स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों ने बेड पर गंदी चादर बदल कर साफ चादरें बिछावा दीं। पुराने वार्ड में सीलन को देखते हुए मरीजों को भी दूसरे वार्ड में शिफ्ट किया गया। निरीक्षण के दौरान कमिश्नर ने मरीजों को मिलने वाले इलाज, सुविधाओं का हाल जाना। डेंगू के बढ़ते केस पर उन्होंने नाराजगी जताई। इस दौरान तीमारदारों में से शास्त्रीनगर निवासी संजय सिंह ने बताया कि बेटा डेंगू होने की वजह से चार दिन से अस्पताल में बेटा भर्ती है। उनके घर पर और आसपास अभी तक दवाओं का छिड़काव नहीं हुआ है। शास्त्रीनगर के ही अनिल ने भी ऐसी ही शिकायत की। उनकी बेटी डेंगू वार्ड में भर्ती है।
जिले की नोडल अधिकारी को भी तैनात किया गया है। कमिश्नर सेल्वा कुमारी शाम साढ़े पांच बजे संयुक्त अस्पताल पहुंची। वहां उन्होंने डेंगू वार्ड का निरीक्षण किया। वार्ड में छह डेंगू के मरीज भर्ती थे। उन्होंने मरीजों से बात की और अस्पताल की व्यवस्थाओं के बारे में जानकारी ली। वहां के बाद उन्होंने एमएमजी अस्पताल के डेंगू वार्ड का निरीक्षण किया। उन्होंने मरीजों से उनके घरों पर दवा के छिड़काव और सर्वे के संबंध में जानकारी ली। इसके बाद उन्होंने जिला ब्लड बैंक का निरीक्षण किया और वहां ब्लड कंपोनेंट अलग करने वाली ब्लड एफरेसिस मशीन के संबंध में जानकारी ली। उन्होंने इसको स्थापित कराने के लिए जल्द से जल्द अनुमति दिलवाने का आश्वासन दिया। उन्होंने संजयनगर में मिले दो डेंगू मरीजों के घर का भी निरीक्षण किया और दवाओं के छिड़काव की जानकारी ली। निरीक्षण के दौरान उनके साथ डेंगू की जिला नोडल अधिकारी डॉ. अंजू जोधा, जोनल सर्विलांस अधिकारी डॉ. तालियान सहित सीएमओ डॉ. भवतोष शंखधार मौजूद रहे।
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डेंगू मरीजों के लिए 250 बेड हुए आरक्षित
निजी और सरकारी अस्पतालों में 250 बेड डेंगू मरीजों के लिए आरक्षित किए गए हैं। इसके अलावा स्वाइन फ्लू के भी 200 बेड आरक्षित हुए हैं। डेंगू संक्रमित 27 मरीज विभिन्न अस्पतालों में भर्ती हैं। इनमें से अधिकांश को प्लेटलेट्स की जरूरत पड़ी है। सरकारी अस्पतालों में 50 बेड आरक्षित किए गए हैं। सीएमओ ने बताया कि एमएमजी में 20, संयुक्त में 10 और डासना, मोदीनगर, मुरादनगर और लोनी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पर पांच-पांच बेड के वार्ड बनाए गए हैं।
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कंट्रोल रूम से मिलेगी प्लेटलेट्स की जानकारी
इंटीग्रेटेड कंट्रोल रूम के जरिये अब डेंगू और स्वाइन फ्लू के मरीजों को भी जानकारी मिलेगी। कोरोना के अलावा डेंगू के मरीजों के हालचाल के लिए कंट्रोल रूम से फोन किया जाएगा। जिन मरीजों को प्लेटलेट्स की जरूरत होगी, उन्हें सरकारी स्तर पर ये उपलब्ध कराई जाएगी। सभी सरकारी और निजी ब्लड बैंक को अलर्ट कर दिया गया है और प्लेटलेट्स की उपलब्धता की जानकारी ली गई। जानकारी के अनुसार अभी सभी ब्लड बैंकों में 120 जंबो पैक उपलब्ध हैं।
16 मरीज मिले, संख्या पहुंची 600 केपार
सोमवार को 16 डेंगू के नए मरीज मिले हैं, जिसकेबाद जिले में डेंगू के मरीजों की संख्या 614 तक पहुंच गई है। फिलहाल निजी और सरकारी अस्पतालों को मिलाकर डेंगू के 27 मरीजों का अस्पताल में इलाज चल रहा है। दोनों सरकारी अस्पतालों में छह-छह मरीज भर्ती हैं। बाकी सभी निजी अस्पतालों में इलाज चल रहा है जबकि 15 मरीज निजी अस्पतालों में भर्ती हैं। सीएमओ ने बताया कि निजी अस्पतालों को डेंगू के उपचार संबंधी गाइडलाइन जारी की जा चुकी है।