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दिसंबर से डंपिंग यार्ड में रखे जाएंगे कंडम वाहन, रखवाली के लिए बनेगी पुलिस चौकी
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दिसंबर से डंपिंग यार्ड में रखे जाएंगे कंडम वाहन, रखवाली के लिए बनेगी पुलिस चौकी
गाजियाबाद। बुलंदशहर रोड औद्योगिक क्षेत्र में बनने वाले डंपिंग यार्ड में दिसंबर से डंपिंग यार्ड में 10 साल पुराने डीजल और 15 साल पुराने पेट्रोल वाहनों को रखा जाएगा। कंडम वाहनों की रखवाली के लिए पुलिस चौकी भी बनेगी। आरटीओ प्रवर्तन और आईजी की बैठक में पुलिस चौकी की अनुमति मिल गई है। डंपिंग यार्ड और पुलिस चौकी बनाने के लिए शासन ने 38 लाख रुपये का बजट स्वीकृत कर दिया है।
संभागीय परिवहन अधिकारी (आरटीओ) प्रवर्तन केडी सिंह ने बताया कि प्रशासन के सहयोग से नगर निगम ने बुलंदशहर रोड औद्योगिक क्षेत्र में बीयर फैक्टरी के पास 1014158 वर्ग मीटर भूमि दी है। अब इस भूमि को समतल करने इसकी चारदीवारी कराने तारों की फेंसिंग और अन्य मरम्मत कार्य करने के साथ ही पुलिस चौकी के लिए एक कमरा और टॉयलेट भी बनाया जाएगा। यह पूरा काम नगर निगम को करना है। निगम ने इसका अनुमानित खर्च 3827120 रुपये का प्रस्ताव तैयार कर परिवहन विभाग को सौंपा था, जिसकी मांग परिवहन विभाग ने इस बजट की मांग शासन से की थी, जिसकी स्वीकृति शासन से हो गई है। आरटीओ का कहना है कि बजट विभाग को मिलते ही काम शुरू करा दिया जाएगा, दिसंबर से कंडम वाहन डंपिंग यार्ड में खड़े किए जाएंगे।
एनजीटी के आदेश का उल्लंघन
राष्ट्रीय हरित अधिकरण (एनजीटी) के आदेशों के अनुसार दिल्ली एनसीआर में 10 साल पुराने डीजल और 15 साल पुराने पेट्रोल वाहन चलाना पूरी तरह से प्रतिबंधित है। आदेश के बावजूद जिले में सड़कों पर बड़ी तादाद में 10 से 15 साल पुराने वाहन संचालित हैं। इसका सबसे बड़ा कारण यह है कि परिवहन विभाग के पास इन पुराने वाहनों को रखने के लिए कोई स्थान नहीं है। परिवहन विभाग द्वारा जो भी वाहन बंद किए जाते हैं, उन्हें संबंधित थानों में ही खड़ा करना पड़ता है ताकि उनमें पार्ट्स चोरी की घटनाएं न हों।
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हटेंगे 1.77 लाख पुराने वाहन
एआरटीओ (प्रशासन) राहुल श्रीवास्तव ने बताया कि संभागीय परिवहन विभाग ने हाल ही में 110 सीरीज को स्क्रैप पॉलिसी में शामिल किया है। इसकी सूचना वाहन स्वामियों को नोटिस जारी कर दी गई है। नोटिस में कहा गया है कि राष्ट्रीय हरित अधिकरण (एनजीटी) के आदेशों के अनुसार दिल्ली एनसीआर में 10 साल पुराने डीजल और 15 साल पुराने पेट्रोल वाहन चलाना प्रतिबंधित है। इससे वायु प्रदूषण बढ़ता है इसलिए इस अवधि को पूरी कर चुके वाहनों के स्वामी 90 दिन के अंदर पंजीयन निरस्त कराएं या एनओसी लेकर गैर जनपद भेज दें। पेट्रोल की यूपी 14 की ए सीरीज से लेकर एएम सीरीज तक 159000 वाहन और डीजल के ए सीरीज से लेकर बीयू सीरीज के 18 हजार वाहनों को निष्प्रयोज्य घोषित किया गया हैं।
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गाजियाबाद। बुलंदशहर रोड औद्योगिक क्षेत्र में बनने वाले डंपिंग यार्ड में दिसंबर से डंपिंग यार्ड में 10 साल पुराने डीजल और 15 साल पुराने पेट्रोल वाहनों को रखा जाएगा। कंडम वाहनों की रखवाली के लिए पुलिस चौकी भी बनेगी। आरटीओ प्रवर्तन और आईजी की बैठक में पुलिस चौकी की अनुमति मिल गई है। डंपिंग यार्ड और पुलिस चौकी बनाने के लिए शासन ने 38 लाख रुपये का बजट स्वीकृत कर दिया है।
संभागीय परिवहन अधिकारी (आरटीओ) प्रवर्तन केडी सिंह ने बताया कि प्रशासन के सहयोग से नगर निगम ने बुलंदशहर रोड औद्योगिक क्षेत्र में बीयर फैक्टरी के पास 1014158 वर्ग मीटर भूमि दी है। अब इस भूमि को समतल करने इसकी चारदीवारी कराने तारों की फेंसिंग और अन्य मरम्मत कार्य करने के साथ ही पुलिस चौकी के लिए एक कमरा और टॉयलेट भी बनाया जाएगा। यह पूरा काम नगर निगम को करना है। निगम ने इसका अनुमानित खर्च 3827120 रुपये का प्रस्ताव तैयार कर परिवहन विभाग को सौंपा था, जिसकी मांग परिवहन विभाग ने इस बजट की मांग शासन से की थी, जिसकी स्वीकृति शासन से हो गई है। आरटीओ का कहना है कि बजट विभाग को मिलते ही काम शुरू करा दिया जाएगा, दिसंबर से कंडम वाहन डंपिंग यार्ड में खड़े किए जाएंगे।
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एनजीटी के आदेश का उल्लंघन
राष्ट्रीय हरित अधिकरण (एनजीटी) के आदेशों के अनुसार दिल्ली एनसीआर में 10 साल पुराने डीजल और 15 साल पुराने पेट्रोल वाहन चलाना पूरी तरह से प्रतिबंधित है। आदेश के बावजूद जिले में सड़कों पर बड़ी तादाद में 10 से 15 साल पुराने वाहन संचालित हैं। इसका सबसे बड़ा कारण यह है कि परिवहन विभाग के पास इन पुराने वाहनों को रखने के लिए कोई स्थान नहीं है। परिवहन विभाग द्वारा जो भी वाहन बंद किए जाते हैं, उन्हें संबंधित थानों में ही खड़ा करना पड़ता है ताकि उनमें पार्ट्स चोरी की घटनाएं न हों।
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हटेंगे 1.77 लाख पुराने वाहन
एआरटीओ (प्रशासन) राहुल श्रीवास्तव ने बताया कि संभागीय परिवहन विभाग ने हाल ही में 110 सीरीज को स्क्रैप पॉलिसी में शामिल किया है। इसकी सूचना वाहन स्वामियों को नोटिस जारी कर दी गई है। नोटिस में कहा गया है कि राष्ट्रीय हरित अधिकरण (एनजीटी) के आदेशों के अनुसार दिल्ली एनसीआर में 10 साल पुराने डीजल और 15 साल पुराने पेट्रोल वाहन चलाना प्रतिबंधित है। इससे वायु प्रदूषण बढ़ता है इसलिए इस अवधि को पूरी कर चुके वाहनों के स्वामी 90 दिन के अंदर पंजीयन निरस्त कराएं या एनओसी लेकर गैर जनपद भेज दें। पेट्रोल की यूपी 14 की ए सीरीज से लेकर एएम सीरीज तक 159000 वाहन और डीजल के ए सीरीज से लेकर बीयू सीरीज के 18 हजार वाहनों को निष्प्रयोज्य घोषित किया गया हैं।