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लोन एप: 1000 लोगों से की 500 करोड़ की ठगी
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लोन एप: 1000 लोगों से की 500 करोड़ की ठगी
गाजियाबाद। लोन एप से 1000 लोगों से 500 करोड़ रुपये की ठगी करने वाले गिरोह के चार शातिरों को साइबर सेल और इंदिरापुरम पुलिस ने गिरफ्तार किया है। आरोपी ठगी की रकम निकालने के लिए सरगना से बैंक में चालू खाता खुलवाने के नाम पर एक लाख रुपये और बचत खाता खुलवाने के 50 हजार रुपये कमीशन लेते थे। पुलिस ने 270 खातों में 35 लाख रुपये फ्रीज कराए हैं। वहीं, अभी गिरोह के सरगना पुलिस की पकड़ दूर है।
एसपी क्राइम डॉ. दीक्षा शर्मा ने बताया कि दिल्ली के केशवपुरम निवासी उस्मान, उसके भाई फुरकान, प्रतापगढ़ गड़वारा निवासी सुनील कुमार और पीलीभीत के बरखेड़ा निवासी बलराम गंगवार को गिरफ्तार किया गया है। पूछताछ में शातिरों ने बताया कि वह दिल्ली में बैठकर गरीब लोगों को रुपये का लालच देकर उनके दस्तावेज लेते हैं और बैंक खाते खुलवाते हैं। इसके बाद खाते की चेकबुक, पासबुक, डेबिट कार्ड और इंटरनेट बैंकिंग खुद चलाते हैं। इंटरनेट बैंकिंग से ठगी की रकम अपने खातों में ट्रांसफर कर लेते हैं। एसपी क्राइम ने बताया शातिरों के पास बरामद एक खाते में 20 करोड़ रुपये का लेन देन सामने आया है। शातिर ने करीब 500 खाते खुलवा रखे हैं। साइबर सेल प्रभारी ने बताया कि उस्मान आठवीं पास है। दो साल पहले उसके साथ ठगी हुई तो उसने लोगों को ठगना शुरू कर दिया। । सुनील कुमार (28) बीए, बलराम गंगवार (28) बीटेक सीएसई और फुरकान (30) 12वीं पास हैं।
टेलीग्राम एप से चल रहा था गिरोह
लोन एप से ठगी का पूरा नेटवर्क टेलीग्राम से चल रहा था। सरगना को खाते खुलवाने की जानकारी टेलीग्राम पर बने ग्रुप में दी जाती थी। ग्रुप में ही ठगी के लिए लिंक शेयर किया जाता था, जिससे गिरोह के सदस्य अलग-अलग लोगों को लिंक भेजकर अपना शिकार बनाते थे। लोन देने के बाद लोगों के अश्लील फोटो वायरल करने की धमकी देकर ठगी करते थे।
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ये सामान किया बरामद
साइबर सेल ने शातिरों के पास से 247 डेबिट व क्रेडिट कार्ड, 14 पासबुक, 195 चेक बुक, 12 पैन कार्ड, 18 आधार कार्ड, 15 मोबाइल फोन, 11 सिम कार्ड, सात वोटर आईडी कार्ड, एक पेटीएम स्वेप मशीन, दो क्यूआर कोड, 70 हजार की नकदी, लैपटॉप और एक कार बरामद की है।
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गाजियाबाद। लोन एप से 1000 लोगों से 500 करोड़ रुपये की ठगी करने वाले गिरोह के चार शातिरों को साइबर सेल और इंदिरापुरम पुलिस ने गिरफ्तार किया है। आरोपी ठगी की रकम निकालने के लिए सरगना से बैंक में चालू खाता खुलवाने के नाम पर एक लाख रुपये और बचत खाता खुलवाने के 50 हजार रुपये कमीशन लेते थे। पुलिस ने 270 खातों में 35 लाख रुपये फ्रीज कराए हैं। वहीं, अभी गिरोह के सरगना पुलिस की पकड़ दूर है।
एसपी क्राइम डॉ. दीक्षा शर्मा ने बताया कि दिल्ली के केशवपुरम निवासी उस्मान, उसके भाई फुरकान, प्रतापगढ़ गड़वारा निवासी सुनील कुमार और पीलीभीत के बरखेड़ा निवासी बलराम गंगवार को गिरफ्तार किया गया है। पूछताछ में शातिरों ने बताया कि वह दिल्ली में बैठकर गरीब लोगों को रुपये का लालच देकर उनके दस्तावेज लेते हैं और बैंक खाते खुलवाते हैं। इसके बाद खाते की चेकबुक, पासबुक, डेबिट कार्ड और इंटरनेट बैंकिंग खुद चलाते हैं। इंटरनेट बैंकिंग से ठगी की रकम अपने खातों में ट्रांसफर कर लेते हैं। एसपी क्राइम ने बताया शातिरों के पास बरामद एक खाते में 20 करोड़ रुपये का लेन देन सामने आया है। शातिर ने करीब 500 खाते खुलवा रखे हैं। साइबर सेल प्रभारी ने बताया कि उस्मान आठवीं पास है। दो साल पहले उसके साथ ठगी हुई तो उसने लोगों को ठगना शुरू कर दिया। । सुनील कुमार (28) बीए, बलराम गंगवार (28) बीटेक सीएसई और फुरकान (30) 12वीं पास हैं।
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टेलीग्राम एप से चल रहा था गिरोह
लोन एप से ठगी का पूरा नेटवर्क टेलीग्राम से चल रहा था। सरगना को खाते खुलवाने की जानकारी टेलीग्राम पर बने ग्रुप में दी जाती थी। ग्रुप में ही ठगी के लिए लिंक शेयर किया जाता था, जिससे गिरोह के सदस्य अलग-अलग लोगों को लिंक भेजकर अपना शिकार बनाते थे। लोन देने के बाद लोगों के अश्लील फोटो वायरल करने की धमकी देकर ठगी करते थे।
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ये सामान किया बरामद
साइबर सेल ने शातिरों के पास से 247 डेबिट व क्रेडिट कार्ड, 14 पासबुक, 195 चेक बुक, 12 पैन कार्ड, 18 आधार कार्ड, 15 मोबाइल फोन, 11 सिम कार्ड, सात वोटर आईडी कार्ड, एक पेटीएम स्वेप मशीन, दो क्यूआर कोड, 70 हजार की नकदी, लैपटॉप और एक कार बरामद की है।