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एमएमजी अस्पताल को घोषित किया गया तंबाकू मुक्त क्षेत्र
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एमएमजी अस्पताल को घोषित किया गया तंबाकू मुक्त क्षेत्र
गाजियाबाद। एमएमजी अस्पताल परिसर को पूरी तरह तंबाकू मुक्त क्षेत्र घोषित किया गया। जिला अस्पताल परिसर में यदि कोई तंबाकू का सेवन करते हुए पाया गया तो उसका चालान काटकर जुर्माना वसूला जाएगा। विश्व तंबाकू निषेध दिवस पर मंगलवार को चार लोगों के चालान काटकर अभियान की शुरुआत कर दी गई। तंबाकू नियंत्रण कार्यक्रम के नोडल अधिकारी डॉ. राकेश कुमार गुप्ता ने बताया कोटपा अधिनियम के तहत सार्वजनिक स्थान पर तंबाकू का सेवन करने वालों के खिलाफ लगातार कार्रवाई के लिए एक फार्मासिस्ट की ड्यूटी लगाई गई है।
विश्व तंबाकू निषेध दिवस पर जिला अस्पताल स्थित गैर संचारी रोग (एनसीडी) विभाग में स्वास्थ्य और पर्यावरण पर तंबाकू के सेवन के दुष्प्रभाव विषय पर गोष्ठी का आयोजन किया गया। इसकी अध्यक्षता एमएमजी अस्पताल के सीएमएस डॉ. मनोज कुमार चतुर्वेदी ने की। उन्होंने बताया कि विश्व स्वास्थ्य संगठन के आंकड़े के अनुसार हर वर्ष सिगरेट उत्पादन के लिए दुनिया में 60 करोड़ से अधिक पेड़ काटे जाते हैं। कार्यक्रम में उपस्थित लोगों को तंबाकू का इस्तेमाल न करने के लिए शपथ भी दिलाई गई। विभिन्न स्थानों पर हस्ताक्षर अभियान भी चलाया गया। तंबाकू नियंत्रण कार्यक्रम के जिला सलाहकार डॉ. आशुतोष गौतम ने भी दुष्प्रभावों के बारे में जानकारी दी।
नोडल अधिकारी डॉ. राकेश ने तंबाकू से होने वाले दुष्प्रभाव के बारे में विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने बताया भारत में कैंसर का सबसे बड़ा कारण तंबाकू का सेवन है।
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गाजियाबाद। एमएमजी अस्पताल परिसर को पूरी तरह तंबाकू मुक्त क्षेत्र घोषित किया गया। जिला अस्पताल परिसर में यदि कोई तंबाकू का सेवन करते हुए पाया गया तो उसका चालान काटकर जुर्माना वसूला जाएगा। विश्व तंबाकू निषेध दिवस पर मंगलवार को चार लोगों के चालान काटकर अभियान की शुरुआत कर दी गई। तंबाकू नियंत्रण कार्यक्रम के नोडल अधिकारी डॉ. राकेश कुमार गुप्ता ने बताया कोटपा अधिनियम के तहत सार्वजनिक स्थान पर तंबाकू का सेवन करने वालों के खिलाफ लगातार कार्रवाई के लिए एक फार्मासिस्ट की ड्यूटी लगाई गई है।
विश्व तंबाकू निषेध दिवस पर जिला अस्पताल स्थित गैर संचारी रोग (एनसीडी) विभाग में स्वास्थ्य और पर्यावरण पर तंबाकू के सेवन के दुष्प्रभाव विषय पर गोष्ठी का आयोजन किया गया। इसकी अध्यक्षता एमएमजी अस्पताल के सीएमएस डॉ. मनोज कुमार चतुर्वेदी ने की। उन्होंने बताया कि विश्व स्वास्थ्य संगठन के आंकड़े के अनुसार हर वर्ष सिगरेट उत्पादन के लिए दुनिया में 60 करोड़ से अधिक पेड़ काटे जाते हैं। कार्यक्रम में उपस्थित लोगों को तंबाकू का इस्तेमाल न करने के लिए शपथ भी दिलाई गई। विभिन्न स्थानों पर हस्ताक्षर अभियान भी चलाया गया। तंबाकू नियंत्रण कार्यक्रम के जिला सलाहकार डॉ. आशुतोष गौतम ने भी दुष्प्रभावों के बारे में जानकारी दी।
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नोडल अधिकारी डॉ. राकेश ने तंबाकू से होने वाले दुष्प्रभाव के बारे में विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने बताया भारत में कैंसर का सबसे बड़ा कारण तंबाकू का सेवन है।
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