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फर्जी समिति गठित कर सरकार से हड़प लिया 22 करोड़ ज्यादा मुआवजा

Ghaziabad Bureau गाजियाबाद ब्यूरो
Updated Fri, 20 May 2022 12:54 AM IST
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फर्जी समिति गठित कर सरकार से हड़प लिया 22 करोड़ ज्यादा मुआवजा
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गाजियाबाद। दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे के लिए अधिग्रहीत की गई जमीन से जुड़ा एक और फर्जीवाड़ा सामने आया है। गांव रसूलपुर सिकरोड़ा एवं मटियाला के खसरा नंबरों की जांच में फर्जी तथ्यों के आधार फर्जी सहकारी समिति गठित कर 22 करोड़ रुपये ज्यादा मुआवजा हड़पने का खुलासा हुआ है। पूर्व में दो अफसरों के रिश्तेदारों की तरह इस मामले में भी अधिग्रहण की धारा-3डी लागू होने के बाद बैनामा करके मुआवजा लिया गया। प्रशासन ने गोल्डी गुप्ता, अरुण गुप्ता व अशोक सहकारी समिति के अन्य सदस्यों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई गई है।
एडीएम प्रशासन रितु सुहास ने बताया कि गोल्डी गुप्ता और अरुण गुप्ता ने फर्जी तथ्यों के आधार पर अशोक सहकारी समिति गठित की थी। वर्ष 1999 में इसका पंजीकरण निरस्त हो गया था। दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे के लिए जमीन अधिग्रहण की प्रक्रिया के तहत धारा-3डी लागू होने के बाद वर्ष 2016 में इस क्षेत्र में जमीनों की खरीद-फरोख्त पर रोक लग चुकी थी। पंजीकरण निरस्त होने के बावजूद इस फर्जी सहकारी समिति के सदस्यों ने 3डी की कार्यवाही होने के बाद भी ग्राम मटियाला एवं रसूलपुर सिकरोडा में बैनामे किए और सरकार से जमीन का मुआवजा 22 करोड़ रुपये ज्यादा ले लिया। प्रशासन ने समिति के दो पदाधिकारियों को नामजद कर अन्य सदस्यों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई है।
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कई और लोग भी हैं फर्जीवाड़े में शामिल
इस फर्जीवाड़े में और भी लोगों के शामिल होने की बात सामने आई है। इसकी जांच की जा रही है। इन गांवों की अधिग्रहीत की गई अन्य खसरा संख्या की जमीन की भी जांच की जा रही है। जल्द ही कई और लोगों के नाम घोटाले में सामने आ सकते हैं। यह घोटाला भी तत्कालीन डीएम विमल कुमार शर्मा के कार्यकाल में हुआ है।
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लेखपाल से लेकर एडीएम व डीएम तक शामिल रहे थे घोटाले में
दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे के लिए अधिग्रहीत की गई जमीन का मुआवजा दिए जाने में बड़ा घोटाला पहले उजागर हो चुका है। तत्कालीन मंडलायुक्त प्रभात कुमार की जांच रिपोर्ट के आधार पर तत्कालीन लेखपाल, तत्कालीन एडीएम घनश्याम सिंह, तत्कालीन डीएम विमल शर्मा व निधि केसरवानी ने भी मुआवजा देने में बड़ा खेल किया था। आर्बिट्रेशन में वाद की सुनवाई करते हुए उन्होंने अपने चहेतों को आठ से 10 गुना मुआवजा दिला दिया था। इस मामले में बीते दिनों मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने आईएएस अधिकारी निधि केसरवानी पर कार्रवाई के लिए केंद्र सरकार को संस्तुति भेजी थी।
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