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निठारी के एक और केस में कोली हत्या-दुष्कर्म का दोषी करार
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निठारी के एक और केस में कोली हत्या-दुष्कर्म का दोषी करार
गाजियाबाद। विशेष सीबीआई कोर्ट ने निठारी कांड के 14 वें मामले में सुरेंद्र कोली को अपहरण, हत्या और दुष्कर्म का दोषी करार दिया है। इसी केस में सह आरोपी मोनिंदर सिंह पंढेर को हत्या, अपहरण और दुष्कर्म में बरी कर दिया गया जबकि पहली बार देह व्यापार के जुर्म में दोषी करार दिया गया। दोनों को 19 मई को सजा सुनाई जाएगी। इससे पहले कोली को 12 और पंढेर को दो मामलों में सजा ए मौत सुनाई जा चुकी है।
वरिष्ठ अधिवक्ता सुधीर त्यागी और नवीन त्यागी ने 14 वें केस के बारे में बताया कि उत्तराखंड में ऊधमसिंह नगर निवासी व्यक्ति 2005 से गौतमबुद्धनगर के निठारी में रहता था। उसकी बेटी भी अपने लिए नौकरी तलाश कर रही थी। वह सात मई 2006 को घर से यह कहकर निकली थी कि निठारी के डी-पांच कोठी में बुलाया है। इसके बाद वह लौटकर नहीं आई। पिता ने आठ मई 2006 को नोएडा के थाना सेक्टर-20 में बेटी की गुमशुदगी दर्ज कराई थी। 24 अगस्त 2006 को पिता की अर्जी पर गौतमबुद्धनगर अदालत के आदेश पर मोनिंदर सिंह पंढेर और सुरेंद्र कोली पर अपहरण का केस दर्ज हुआ। विवेचना के दौरान पुलिस को लड़की का मोबाइल सुरेंद्र कोली से बरामद हुआ। इसके बाद पुलिस ने पंढेर और कोली से सख्ती से पूछताछ की तब उसका शव गांव निठारी स्थित डी-पांच कोठी के नाले से बरामद हुआ। डीएनए जांच से मृतका की पहचान हुई थी। वर्ष 2007 में सीबीआई ने तीनों के खिलाफ आरोप पत्र पेश किया था। निठारी कांड में सीबीआइ ने कुल 17 मामले दर्ज किए थे। 12 मामलों में पूर्व में सुरेंद्र कोली को फांसी की सजा हो चुकी है। पहले मामले में उसे 13 फरवरी 2009 फांसी की सजा सुनाई गई थी जबकि 12वें मामले में 16 जनवरी 2021 को। । कोली और पंधेर अभी जेल में हैं।
दरोगा सिमरनजीत कौर साक्ष्य के अभाव में बरी
14 वें केस में दरोगा सिमरनजीत कौर पर आरोप था कि उसने केस दर्ज करने में देरी की। निठारी कांड के दौरान वह निठारी चौकी पर तैनात थी। उस पर भ्रष्टाचार का आरोप भी लगाया गया था। सीबीआई इसके पर्याप्त साक्ष्य नहीं दे पाई। कोर्ट ने साक्ष्य के अभाव में इसे बरी कर दिया।
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निठारी कांड
कुल केस - 19 दर्ज
क्लोजर रिपोर्ट - 03 में
ट्रायल - 16 का
फैसला - 14 में
सुरेंद्र कोली
सजा ए मौत - 12 मामलों में
बरी - एक केस में
दोषी करार - एक (14 वें) केस में
विचाराधारीन - दो केस
मोनिंदर सिंह पंधेर
कुल केस - 07
सजा ए मौत - 02 केस में
बरी - चार केस में
दोषी - एक (14वें केस में)
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गाजियाबाद। विशेष सीबीआई कोर्ट ने निठारी कांड के 14 वें मामले में सुरेंद्र कोली को अपहरण, हत्या और दुष्कर्म का दोषी करार दिया है। इसी केस में सह आरोपी मोनिंदर सिंह पंढेर को हत्या, अपहरण और दुष्कर्म में बरी कर दिया गया जबकि पहली बार देह व्यापार के जुर्म में दोषी करार दिया गया। दोनों को 19 मई को सजा सुनाई जाएगी। इससे पहले कोली को 12 और पंढेर को दो मामलों में सजा ए मौत सुनाई जा चुकी है।
वरिष्ठ अधिवक्ता सुधीर त्यागी और नवीन त्यागी ने 14 वें केस के बारे में बताया कि उत्तराखंड में ऊधमसिंह नगर निवासी व्यक्ति 2005 से गौतमबुद्धनगर के निठारी में रहता था। उसकी बेटी भी अपने लिए नौकरी तलाश कर रही थी। वह सात मई 2006 को घर से यह कहकर निकली थी कि निठारी के डी-पांच कोठी में बुलाया है। इसके बाद वह लौटकर नहीं आई। पिता ने आठ मई 2006 को नोएडा के थाना सेक्टर-20 में बेटी की गुमशुदगी दर्ज कराई थी। 24 अगस्त 2006 को पिता की अर्जी पर गौतमबुद्धनगर अदालत के आदेश पर मोनिंदर सिंह पंढेर और सुरेंद्र कोली पर अपहरण का केस दर्ज हुआ। विवेचना के दौरान पुलिस को लड़की का मोबाइल सुरेंद्र कोली से बरामद हुआ। इसके बाद पुलिस ने पंढेर और कोली से सख्ती से पूछताछ की तब उसका शव गांव निठारी स्थित डी-पांच कोठी के नाले से बरामद हुआ। डीएनए जांच से मृतका की पहचान हुई थी। वर्ष 2007 में सीबीआई ने तीनों के खिलाफ आरोप पत्र पेश किया था। निठारी कांड में सीबीआइ ने कुल 17 मामले दर्ज किए थे। 12 मामलों में पूर्व में सुरेंद्र कोली को फांसी की सजा हो चुकी है। पहले मामले में उसे 13 फरवरी 2009 फांसी की सजा सुनाई गई थी जबकि 12वें मामले में 16 जनवरी 2021 को। । कोली और पंधेर अभी जेल में हैं।
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दरोगा सिमरनजीत कौर साक्ष्य के अभाव में बरी
14 वें केस में दरोगा सिमरनजीत कौर पर आरोप था कि उसने केस दर्ज करने में देरी की। निठारी कांड के दौरान वह निठारी चौकी पर तैनात थी। उस पर भ्रष्टाचार का आरोप भी लगाया गया था। सीबीआई इसके पर्याप्त साक्ष्य नहीं दे पाई। कोर्ट ने साक्ष्य के अभाव में इसे बरी कर दिया।
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निठारी कांड
कुल केस - 19 दर्ज
क्लोजर रिपोर्ट - 03 में
ट्रायल - 16 का
फैसला - 14 में
सुरेंद्र कोली
सजा ए मौत - 12 मामलों में
बरी - एक केस में
दोषी करार - एक (14 वें) केस में
विचाराधारीन - दो केस
मोनिंदर सिंह पंधेर
कुल केस - 07
सजा ए मौत - 02 केस में
बरी - चार केस में
दोषी - एक (14वें केस में)