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एक साल में 105 झोलाछाप को नोटिस, 40 के खिलाफ दर्ज हुई रिपोर्ट
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एक साल में 105 झोलाछाप को नोटिस, 40 पर हुई रिपोर्ट दर्ज
गाजियाबाद। झोलाछाप के इलाज से बुजुर्ग की मौत होने के बाद भी स्वास्थ्य विभाग सजग नहीं हुआ है। सीएमओ कार्यालय से लेकर मुख्यमंत्री पोर्टल पर हर महीने झोलाछाप के खिलाफ 30 से 40 शिकायतें पहुंचती हैं लेकिन कार्रवाई के नाम पर विभाग की ओर से महज नोटिस ही जारी किया जाता है। वर्ष 2021 में स्वास्थ्य विभाग ने सिर्फ 105 झोलाछाप के खिलाफ नोटिस जारी किया। इसमें से सिर्फ 40 के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज हुई थी। गिरफ्तारी के बारे में स्वास्थ्य विभाग को भी जानकारी नहीं है।
झोलाछाप करते हैं सेहत से खिलवाड़
जिला एमएमजी अस्पताल में प्रतिदिन पांच से सात ऐसे मरीज भर्ती होते हैं, जिनकी झोलाछाप के इलाज से हालत से बिगड़ जाती है। अस्पताल के सीएमएस डॉ. मनोज कुमार चतुर्वेदी का कहना है कि विजय नगर, सुदामापुरी, कैला भट्ठा, प्रताप विहार क्षेत्र से कई ऐसे मरीज भर्ती किए जाते हैं, जो पहले हुए इलाज के बारे में झोलाछाप से दवाई लेना बताते हैं। कई मरीज ऐसे होते हैं जिन्हें जरूरत नहीं रहती है लेकिन झोलाछाप पैसा बनाने के चक्कर में ग्लूकोज की ड्रिप लगा देते हैं।
निजी की महंगी फीस, सरकारी में डॉक्टरों की कमी से झोलाछाप से कराते हैं इलाज
जिला एमएमजी अस्पताल में मरीज को इलाज कराने के लिए पर्चा बनवाने और दवाई लेने तक दो से ढाई घंटे का समय लगता है। जबकि जिले में अधिकांश निजी चिकित्सकों की फीस एक हजार से 1500 रुपये है। सरकारी स्वास्थ्य केंद्रों पर डॉक्टरों की कमी और निजी डॉक्टरों की महंगी फीस होने से लोग झोलाछाप से मजबूरी में इलाज कराते हैं।
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जनवरी से अब तक 13 के खिलाफ दर्ज कराई एफआईआर
नोडल अधिकारी डॉ. जीपी मथुरिया का कहना है कि जनवरी से लेकर अब तक 17 के खिलाफ नोटिस जारी की गई थी, उनमें से 13 के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई गई थी। चार ने कागजात उपलब्ध करा दिया था। इलाज और पंजीकरण से संबंधित जो कागजात उपलब्ध नहीं करा पाए थे, उनके खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई थी।
शहरी और ग्रामीण क्षेत्र में दो डॉक्टरों को दी जाएगी जिम्मेदारी
सीएमओ डॉ. भवतोष शंखधार ने बताया कि अभी तक डॉ. जीपी मथुरिया के पास पूरे जिले की जिम्मेदारी थी, उनके पास और भी कार्य रहता है, इसलिए अब शहरी क्षेत्र में डॉ. विश्राम सिंह और ग्रामीण क्षेत्र में डॉ. जीपी मथुरिया को जिम्मेदारी दी जाएगी।
क्षेत्र में झोलाछाप
विजय नगर 80
अर्थला 35
साहिबाबाद 75
लोनी, पसोंड्रा 103
नंदग्राम 22
सिहानी सेवानगर 25
डासना 30
मोदीनगर भोजपुर 109
मुरादनगर ग्रामीण क्षेत्र 102
मसूरी, नाहल कुशलिया 44
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गाजियाबाद। झोलाछाप के इलाज से बुजुर्ग की मौत होने के बाद भी स्वास्थ्य विभाग सजग नहीं हुआ है। सीएमओ कार्यालय से लेकर मुख्यमंत्री पोर्टल पर हर महीने झोलाछाप के खिलाफ 30 से 40 शिकायतें पहुंचती हैं लेकिन कार्रवाई के नाम पर विभाग की ओर से महज नोटिस ही जारी किया जाता है। वर्ष 2021 में स्वास्थ्य विभाग ने सिर्फ 105 झोलाछाप के खिलाफ नोटिस जारी किया। इसमें से सिर्फ 40 के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज हुई थी। गिरफ्तारी के बारे में स्वास्थ्य विभाग को भी जानकारी नहीं है।
झोलाछाप करते हैं सेहत से खिलवाड़
जिला एमएमजी अस्पताल में प्रतिदिन पांच से सात ऐसे मरीज भर्ती होते हैं, जिनकी झोलाछाप के इलाज से हालत से बिगड़ जाती है। अस्पताल के सीएमएस डॉ. मनोज कुमार चतुर्वेदी का कहना है कि विजय नगर, सुदामापुरी, कैला भट्ठा, प्रताप विहार क्षेत्र से कई ऐसे मरीज भर्ती किए जाते हैं, जो पहले हुए इलाज के बारे में झोलाछाप से दवाई लेना बताते हैं। कई मरीज ऐसे होते हैं जिन्हें जरूरत नहीं रहती है लेकिन झोलाछाप पैसा बनाने के चक्कर में ग्लूकोज की ड्रिप लगा देते हैं।
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निजी की महंगी फीस, सरकारी में डॉक्टरों की कमी से झोलाछाप से कराते हैं इलाज
जिला एमएमजी अस्पताल में मरीज को इलाज कराने के लिए पर्चा बनवाने और दवाई लेने तक दो से ढाई घंटे का समय लगता है। जबकि जिले में अधिकांश निजी चिकित्सकों की फीस एक हजार से 1500 रुपये है। सरकारी स्वास्थ्य केंद्रों पर डॉक्टरों की कमी और निजी डॉक्टरों की महंगी फीस होने से लोग झोलाछाप से मजबूरी में इलाज कराते हैं।
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जनवरी से अब तक 13 के खिलाफ दर्ज कराई एफआईआर
नोडल अधिकारी डॉ. जीपी मथुरिया का कहना है कि जनवरी से लेकर अब तक 17 के खिलाफ नोटिस जारी की गई थी, उनमें से 13 के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई गई थी। चार ने कागजात उपलब्ध करा दिया था। इलाज और पंजीकरण से संबंधित जो कागजात उपलब्ध नहीं करा पाए थे, उनके खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई थी।
शहरी और ग्रामीण क्षेत्र में दो डॉक्टरों को दी जाएगी जिम्मेदारी
सीएमओ डॉ. भवतोष शंखधार ने बताया कि अभी तक डॉ. जीपी मथुरिया के पास पूरे जिले की जिम्मेदारी थी, उनके पास और भी कार्य रहता है, इसलिए अब शहरी क्षेत्र में डॉ. विश्राम सिंह और ग्रामीण क्षेत्र में डॉ. जीपी मथुरिया को जिम्मेदारी दी जाएगी।
क्षेत्र में झोलाछाप
विजय नगर 80
अर्थला 35
साहिबाबाद 75
लोनी, पसोंड्रा 103
नंदग्राम 22
सिहानी सेवानगर 25
डासना 30
मोदीनगर भोजपुर 109
मुरादनगर ग्रामीण क्षेत्र 102
मसूरी, नाहल कुशलिया 44