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पांच दिन में 56 स्कूली बसें सीज, 62 के काटे चालान फिर भी स्कूलों ने नहीं कराई 643 की फिटनेस
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पांच दिन में 56 स्कूली बसें सीज 62 के काटे चालान
फिर भी स्कूलों ने नहीं कराई 643 की फिटनेस जांच
गाजियाबाद। मोदीनगर में छात्र अनुराग की मौत के बाद पांच दिन में बगैर फिटनेस जांच के चल रहीं 56 स्कूलीं बसें सीज कर दी गई और 62के चालान काटे गए। इसके बावजूद सिर्फ 122 ही फिटनेस की जांच के लिए पहुंची हैं। इनमें से 22 को प्रमाण पत्र जारी किया गया। फिटनेस प्रमाण पत्र की मियाद पूरी हो जाने के बाद भी 643 बच्चों को लाने.ले जाने में लगी हुई हैं। इनमें बड़ी संख्या में ऐसी हैं जिन्होंने खिड़की पर ग्रिल लगवाने जैसे सुरक्षा उपाय भी नहीं किए हैं।
यह हाल तब है जबकि आरटीओ दफ्तर के कर्मचारी स्कूलों में जाकर प्रबंधकों और प्रधानाचार्यो से कह रहे हैं कि बसों की फिटनेस जांच के साथ ही सुरक्षा के मानक पूरे करें। ऐसा न करने वाली बसों को काली सूची में डाला जा रहा है। इसका भी खास असर नहीं हो रहा है। शासन ने डीएम और आरटीओ को निर्देश दिए हैं कि स्कूली बसों की फिटनेस की जांच और सुरक्षा के मानकों पर पड़ताल कर 28 अप्रैल तक रिपोर्ट भेजी जाए। डीेएम आरके सिंह ने बताया कि आरटीओ को स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं कि बगैर फिटनेस प्रमाण पत्र और सुरक्षा उपाय के कोई भी स्कूल बस चलने न दी जाए।
आरटीओ दफ्तर के तकनीकी अधिकारी शेर सिंह ने बताया कि 8 साल तक पुराने वाहन के फिटनेस प्रमाण पत्र का हर 2 साल बाद नवीनीकरण कराना आवश्यक है। इसके बाद 15 साल तक हर साल प्रमाण पत्र लेना पड़ता है। प्रदूषण नियंत्रण के प्रमाण पत्र का हर साल नवीनीकरण कराना होता है। डासना स्थित फिटनेस सेंटर पर कम्प्यूटराइज्ड मशीनों द्वारा बसों की चेकिंग की जाती है। बस के गियर, ब्रेक, शीशाए टायर, ग्रिल, सीसीटीवी, सीट, इंजन ऑयल हैड लाइट आदि में कोई भी कमी होने पर बस को वापस कर दिया जा रहा है। एसे में स्कूल संचालक अपनी तरफ से पूरी तैयारी के बाद ही बस स्कूल भेज रहे हैं।
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स्कूल संचालकों दो दे रहे नोटिस : आरटीओ
आरटीओ अरुण कुमार ने बताया कि स्कूली बसों का सफर सुरक्षित बनाने के लिए तीन चरण में काम कर रहे हैं। सभी स्कूलों में जाकर हमारी टीमें लोगों को जागरुक कर रही हैं कि वे बसों की फिटनेस जांच तुरंत करा लें। दूसरे चरण में तय समय का नोटिस देकर स्कूल संचालकों से कहा जा रहा है कि बसों की फिटनेस जांच कराएं। नोटिस के बाद भी फिटनेस जांच न होने वाली बसों को काली सूची में डाला जा रहा है, ये नजर आते ही सीज की जाएंगी।
खराब फिटनेस वाली बसों को कर रहे वापस
इंडपेंडेंट स्कूल फेडरशेन ऑफ गाजियाबाद के अध्यक्ष सुभाष जैन ने बताया कि कोरोना काल में स्कूल बंद होने से बसों में फिटनेस के स्तर पर कई सारी कमियां आ गईं थीं। मोदीनगर हादसे के बाद से स्कूल संचालक इन्हीं कमियों को दूर करने में लगे हैं। खराब फिटनेस वाली कई बसों को स्कूलों से वापस किया गया है। इन्हें ठीक होने पर भी लगाया जा रहा है।
दिन फिटनेस जांच
21 अप्रैल 01 बस
22 अप्रैल 02 बस
23 अप्रैल 60 बस
24 अप्रैल 27 बस
25 अप्रैल 22 बस
कार्रवाई
तारीख सीज चालान
21 अप्रैल 19 27
22 अप्रैल 22 23
23 अप्रैल 10 05
24 अप्रैल 02 03
25 अप्रैल 03 04
जुर्माना
फिटनेस 5 हजार
बीमा. 2 हजार
बीमा. 10 हजार
लाइसेंस 5 हजार
क्षमता से ज्याद बसें 200 रुपये प्रति बच्चा
3 बसें जब्त की
सोमवार को परिवहन विभाग के अधिकारियों द्वारा 20 स्कूलों को निरीक्षण किया गया। इस दौरान बसों को चैक कर अनफिट बसों को ठीक कराने का नोटिस दिया गयाए वहीं सड़क पर मिली तीन अनफिट बसों को सीज कर दिया गया। 4 का चालान किया गया।
स्कूल का नाम बगैर फिटनेस जांच की बसें
प्रेसीडियम इंदिरापुरम 31
दिल्ली पब्लिक स्कूल, गाजियाबाद 20
जेकेजी इंटरनेशनल स्कूल 13
देहरादून पब्लिक स्कूल 10
प्रीती फाउंडेशन 9
इंद्रप्रस्थ पब्लिक स्कूल 08
एलके इंटरनेशनल 08
माउंट लिटेरा जी स्कूल 08
मुरादनगर पब्लिक स्कूल 08
सेठ आनंदपुरम जयपुरिया स्कूल 08
डायमंड पब्लिक स्कूल 07
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फिर भी स्कूलों ने नहीं कराई 643 की फिटनेस जांच
गाजियाबाद। मोदीनगर में छात्र अनुराग की मौत के बाद पांच दिन में बगैर फिटनेस जांच के चल रहीं 56 स्कूलीं बसें सीज कर दी गई और 62के चालान काटे गए। इसके बावजूद सिर्फ 122 ही फिटनेस की जांच के लिए पहुंची हैं। इनमें से 22 को प्रमाण पत्र जारी किया गया। फिटनेस प्रमाण पत्र की मियाद पूरी हो जाने के बाद भी 643 बच्चों को लाने.ले जाने में लगी हुई हैं। इनमें बड़ी संख्या में ऐसी हैं जिन्होंने खिड़की पर ग्रिल लगवाने जैसे सुरक्षा उपाय भी नहीं किए हैं।
यह हाल तब है जबकि आरटीओ दफ्तर के कर्मचारी स्कूलों में जाकर प्रबंधकों और प्रधानाचार्यो से कह रहे हैं कि बसों की फिटनेस जांच के साथ ही सुरक्षा के मानक पूरे करें। ऐसा न करने वाली बसों को काली सूची में डाला जा रहा है। इसका भी खास असर नहीं हो रहा है। शासन ने डीएम और आरटीओ को निर्देश दिए हैं कि स्कूली बसों की फिटनेस की जांच और सुरक्षा के मानकों पर पड़ताल कर 28 अप्रैल तक रिपोर्ट भेजी जाए। डीेएम आरके सिंह ने बताया कि आरटीओ को स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं कि बगैर फिटनेस प्रमाण पत्र और सुरक्षा उपाय के कोई भी स्कूल बस चलने न दी जाए।
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आरटीओ दफ्तर के तकनीकी अधिकारी शेर सिंह ने बताया कि 8 साल तक पुराने वाहन के फिटनेस प्रमाण पत्र का हर 2 साल बाद नवीनीकरण कराना आवश्यक है। इसके बाद 15 साल तक हर साल प्रमाण पत्र लेना पड़ता है। प्रदूषण नियंत्रण के प्रमाण पत्र का हर साल नवीनीकरण कराना होता है। डासना स्थित फिटनेस सेंटर पर कम्प्यूटराइज्ड मशीनों द्वारा बसों की चेकिंग की जाती है। बस के गियर, ब्रेक, शीशाए टायर, ग्रिल, सीसीटीवी, सीट, इंजन ऑयल हैड लाइट आदि में कोई भी कमी होने पर बस को वापस कर दिया जा रहा है। एसे में स्कूल संचालक अपनी तरफ से पूरी तैयारी के बाद ही बस स्कूल भेज रहे हैं।
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स्कूल संचालकों दो दे रहे नोटिस : आरटीओ
आरटीओ अरुण कुमार ने बताया कि स्कूली बसों का सफर सुरक्षित बनाने के लिए तीन चरण में काम कर रहे हैं। सभी स्कूलों में जाकर हमारी टीमें लोगों को जागरुक कर रही हैं कि वे बसों की फिटनेस जांच तुरंत करा लें। दूसरे चरण में तय समय का नोटिस देकर स्कूल संचालकों से कहा जा रहा है कि बसों की फिटनेस जांच कराएं। नोटिस के बाद भी फिटनेस जांच न होने वाली बसों को काली सूची में डाला जा रहा है, ये नजर आते ही सीज की जाएंगी।
खराब फिटनेस वाली बसों को कर रहे वापस
इंडपेंडेंट स्कूल फेडरशेन ऑफ गाजियाबाद के अध्यक्ष सुभाष जैन ने बताया कि कोरोना काल में स्कूल बंद होने से बसों में फिटनेस के स्तर पर कई सारी कमियां आ गईं थीं। मोदीनगर हादसे के बाद से स्कूल संचालक इन्हीं कमियों को दूर करने में लगे हैं। खराब फिटनेस वाली कई बसों को स्कूलों से वापस किया गया है। इन्हें ठीक होने पर भी लगाया जा रहा है।
दिन फिटनेस जांच
21 अप्रैल 01 बस
22 अप्रैल 02 बस
23 अप्रैल 60 बस
24 अप्रैल 27 बस
25 अप्रैल 22 बस
कार्रवाई
तारीख सीज चालान
21 अप्रैल 19 27
22 अप्रैल 22 23
23 अप्रैल 10 05
24 अप्रैल 02 03
25 अप्रैल 03 04
जुर्माना
फिटनेस 5 हजार
बीमा. 2 हजार
बीमा. 10 हजार
लाइसेंस 5 हजार
क्षमता से ज्याद बसें 200 रुपये प्रति बच्चा
3 बसें जब्त की
सोमवार को परिवहन विभाग के अधिकारियों द्वारा 20 स्कूलों को निरीक्षण किया गया। इस दौरान बसों को चैक कर अनफिट बसों को ठीक कराने का नोटिस दिया गयाए वहीं सड़क पर मिली तीन अनफिट बसों को सीज कर दिया गया। 4 का चालान किया गया।
स्कूल का नाम बगैर फिटनेस जांच की बसें
प्रेसीडियम इंदिरापुरम 31
दिल्ली पब्लिक स्कूल, गाजियाबाद 20
जेकेजी इंटरनेशनल स्कूल 13
देहरादून पब्लिक स्कूल 10
प्रीती फाउंडेशन 9
इंद्रप्रस्थ पब्लिक स्कूल 08
एलके इंटरनेशनल 08
माउंट लिटेरा जी स्कूल 08
मुरादनगर पब्लिक स्कूल 08
सेठ आनंदपुरम जयपुरिया स्कूल 08
डायमंड पब्लिक स्कूल 07