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पशु चिकित्सक की हत्या में महिला को आजीवन कारावास
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पशु चिकित्सक की हत्या में महिला को आजीवन कारावास
गाजियाबाद। पशु चिकित्सक डॉ. अमित कुमार वर्मा की हत्या के मामले में न्यायालय ने आरोपी महिला शहनाज को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। साथ ही दोषी पर 40 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया है। मामला अपर सत्र न्यायाधीश राकेश कुमार सप्तम की कोर्ट-18 में चल रहा था।
डॉ. अमित कुमार वर्मा पेशे से पशु चिकित्सक थे। वह मेरठ में काम करते थे और शास्त्री नगर में रहते थे। वहां शहनाज नाम की महिला अमित का खाना बनाने का काम करती थी। 2016 में अमित वैशाली सेक्टर 4 में नौकरी करने लगे और मेरठ से मकान खाली करने के दौरान शहनाज अमित को परेशान करने लगी और उनसे संबंध बनाने का दबाव बनाने लगी। आरोप था कि मना करने पर 16 मई 2016 को शहनाज डॉ. अमित के कमरे पर पहुंची और उसके चेहरे व शरीर पर तेजाब फेंक दिया। उसके बाद से डॉ. अमित को कौशांबी के यशोदा अस्पताल में उपचार चल रहा था। इस मामले में रिपोर्ट दर्ज कराई गई थी। उपचार के दौरान 24 सितंबर 2016 को अमित की मौत हो गई तो इस मामले में उनके माता-पिता ने थाना इंदिरापुरम में शहनाज के खिलाफ एक और मुकदमा दर्ज कराया गया था। पुलिस ने जांच में शहनाज के खिलाफ अदालत में चार्जशीट पेश की। इस मामले में अदालत ने साक्ष्य व गवाहों के बयान के आधार पर शुक्रवार को अपर सत्र न्यायाधीश राकेश कुमार सप्तम की अदालत ने शहनाज को दोषी मानते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई। साथ ही दोनों मुकदमों में 20-20 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया गया।
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गाजियाबाद। पशु चिकित्सक डॉ. अमित कुमार वर्मा की हत्या के मामले में न्यायालय ने आरोपी महिला शहनाज को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। साथ ही दोषी पर 40 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया है। मामला अपर सत्र न्यायाधीश राकेश कुमार सप्तम की कोर्ट-18 में चल रहा था।
डॉ. अमित कुमार वर्मा पेशे से पशु चिकित्सक थे। वह मेरठ में काम करते थे और शास्त्री नगर में रहते थे। वहां शहनाज नाम की महिला अमित का खाना बनाने का काम करती थी। 2016 में अमित वैशाली सेक्टर 4 में नौकरी करने लगे और मेरठ से मकान खाली करने के दौरान शहनाज अमित को परेशान करने लगी और उनसे संबंध बनाने का दबाव बनाने लगी। आरोप था कि मना करने पर 16 मई 2016 को शहनाज डॉ. अमित के कमरे पर पहुंची और उसके चेहरे व शरीर पर तेजाब फेंक दिया। उसके बाद से डॉ. अमित को कौशांबी के यशोदा अस्पताल में उपचार चल रहा था। इस मामले में रिपोर्ट दर्ज कराई गई थी। उपचार के दौरान 24 सितंबर 2016 को अमित की मौत हो गई तो इस मामले में उनके माता-पिता ने थाना इंदिरापुरम में शहनाज के खिलाफ एक और मुकदमा दर्ज कराया गया था। पुलिस ने जांच में शहनाज के खिलाफ अदालत में चार्जशीट पेश की। इस मामले में अदालत ने साक्ष्य व गवाहों के बयान के आधार पर शुक्रवार को अपर सत्र न्यायाधीश राकेश कुमार सप्तम की अदालत ने शहनाज को दोषी मानते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई। साथ ही दोनों मुकदमों में 20-20 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया गया।
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