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दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे पर रोजाना 295 चालकों ने तोड़े नियम
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दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे पर रोजाना 295 चालकों ने तोड़े नियम
गाजियाबाद। पुलिस की सख्ती के बावजूद वाहन चालक यातायात नियमों को तोड़कर न सिर्फ अपनी बल्कि दूसरों की भी जान जोखिम में डाल रहे हैं। दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे और ईस्टर्न पेरिफेरल एक्सप्रेसवे पर रोजाना 295 वाहन चालक नियम तोड़ रहे हैं। 26 मार्च 2022 तक ट्रैफिक पुलिस ने इन दोनों एक्सप्रेसवे पर 25045 वाहन चालकों के चालान किए हैं। इनमें 95 फीसदी कार्रवाई दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे पर की गई है।
दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे पर रोजाना करीब 30 हजार वाहनों का आवागमन होता है। इनमें से करीब 60 फीसदी हल्के वाहन होते हैं। इस एक्सप्रेसवे पर हल्के वाहनों के लिए 100 किलोमीटर प्रति घंटा की स्पीड निर्धारित है, लेकिन डासना से काशी टोल प्लाजा तक 32 किलोमीटर लंबे मार्ग पर कोई कट न होने की वजह से यहां वाहन चालक फर्राटा भर रहे हैं। वाहनों की रफ्तार 100 की बजाय 150 किलोमीटर प्रति घंटा तक पहुंच रही है। गाजियाबाद ट्रैफिक पुलिस एक्सप्रेसवे पर लगे सीसीटीवी फुटेज के आधार पर नियम तोड़ने वाले वाहन चालकों का चालान कर मेसेज के जरिए उनके घर भेज रहे हैं। 21563 वाहनों के चालान ओवर स्पीड की वजह से किए गए हैं और 3482 वाहनों के विपरीत दिशा में दौड़ने की वजह से किए गए हैं।
150 सीसीटीवी कैमरों से रखी जा रही नजर
दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे पर 150 सीसीटीवी कैमरों के जरिए वाहन चालकों पर नजर रखी जा रही है। कैमरे इतने आधुनिक है कि इनसे 150 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से दौड़ते वाहन की नंबर प्लेट भी पढ़ी जा सकती है। ईस्टर्न पेरिफेरल एक्सप्रेसवे पर भी यातायात नियमों का उल्लंघन करने वाले वाहन चालकों की निगरानी के लिए सीसीटीवी लगाए गए हैं। यहां स्पीड डिस्प्ले स्क्रीन भी लगाई गई हैं।
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हादसों के बाद भी विपरीत दिशा में दौड़ रहे वाहन
दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे पर रांग साइड दौड़ते वाहनों की वजह से कई बड़ी सड़क दुर्घटनाएं हो चुकी है। बीते एक साल में 55 लोगों की जान हादसों में जा चुकी है, इसके बाद भी विपरीत दिशा में दौड़ने वाले वाहनों पर रोक नहीं लगी है। एक्सप्रेसवे के एंट्री प्वाइंट पर पुलिस कर्मियों की तैनाती न होने की वजह से लोग उल्टी दिशा में वाहन ले जाते हैं।
कोट
दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे और ईस्टर्न पेरिफेरल एक्सप्रेसवे पर ऑनलाइन के साथ-साथ विशेष अभियान चलाकर मैनुअल चालान भी किए जा रहे हैं। जिन वाहनों के चालान तीन से ज्यादा बार कट चुके हैं, उनकी सूची तैयार करके संभागीय परिवहन विभाग को भेजी जाएगी। उनका लाइसेंस निलंबित कराया जाएगा। - रामानंद कुशवाहा, एसपी ट्रैफिक
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गाजियाबाद। पुलिस की सख्ती के बावजूद वाहन चालक यातायात नियमों को तोड़कर न सिर्फ अपनी बल्कि दूसरों की भी जान जोखिम में डाल रहे हैं। दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे और ईस्टर्न पेरिफेरल एक्सप्रेसवे पर रोजाना 295 वाहन चालक नियम तोड़ रहे हैं। 26 मार्च 2022 तक ट्रैफिक पुलिस ने इन दोनों एक्सप्रेसवे पर 25045 वाहन चालकों के चालान किए हैं। इनमें 95 फीसदी कार्रवाई दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे पर की गई है।
दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे पर रोजाना करीब 30 हजार वाहनों का आवागमन होता है। इनमें से करीब 60 फीसदी हल्के वाहन होते हैं। इस एक्सप्रेसवे पर हल्के वाहनों के लिए 100 किलोमीटर प्रति घंटा की स्पीड निर्धारित है, लेकिन डासना से काशी टोल प्लाजा तक 32 किलोमीटर लंबे मार्ग पर कोई कट न होने की वजह से यहां वाहन चालक फर्राटा भर रहे हैं। वाहनों की रफ्तार 100 की बजाय 150 किलोमीटर प्रति घंटा तक पहुंच रही है। गाजियाबाद ट्रैफिक पुलिस एक्सप्रेसवे पर लगे सीसीटीवी फुटेज के आधार पर नियम तोड़ने वाले वाहन चालकों का चालान कर मेसेज के जरिए उनके घर भेज रहे हैं। 21563 वाहनों के चालान ओवर स्पीड की वजह से किए गए हैं और 3482 वाहनों के विपरीत दिशा में दौड़ने की वजह से किए गए हैं।
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150 सीसीटीवी कैमरों से रखी जा रही नजर
दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे पर 150 सीसीटीवी कैमरों के जरिए वाहन चालकों पर नजर रखी जा रही है। कैमरे इतने आधुनिक है कि इनसे 150 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से दौड़ते वाहन की नंबर प्लेट भी पढ़ी जा सकती है। ईस्टर्न पेरिफेरल एक्सप्रेसवे पर भी यातायात नियमों का उल्लंघन करने वाले वाहन चालकों की निगरानी के लिए सीसीटीवी लगाए गए हैं। यहां स्पीड डिस्प्ले स्क्रीन भी लगाई गई हैं।
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हादसों के बाद भी विपरीत दिशा में दौड़ रहे वाहन
दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे पर रांग साइड दौड़ते वाहनों की वजह से कई बड़ी सड़क दुर्घटनाएं हो चुकी है। बीते एक साल में 55 लोगों की जान हादसों में जा चुकी है, इसके बाद भी विपरीत दिशा में दौड़ने वाले वाहनों पर रोक नहीं लगी है। एक्सप्रेसवे के एंट्री प्वाइंट पर पुलिस कर्मियों की तैनाती न होने की वजह से लोग उल्टी दिशा में वाहन ले जाते हैं।
कोट
दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे और ईस्टर्न पेरिफेरल एक्सप्रेसवे पर ऑनलाइन के साथ-साथ विशेष अभियान चलाकर मैनुअल चालान भी किए जा रहे हैं। जिन वाहनों के चालान तीन से ज्यादा बार कट चुके हैं, उनकी सूची तैयार करके संभागीय परिवहन विभाग को भेजी जाएगी। उनका लाइसेंस निलंबित कराया जाएगा। - रामानंद कुशवाहा, एसपी ट्रैफिक