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गरीबों का राशन कार्ड पाने के लिए अमीर भी लाइन में
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गरीबों का राशन कार्ड पाने के लिए अमीर भी लाइन में
गाजियाबाद। कोरोना काल में सरकार की ओर से चलाई जा रही गरीब कल्याण योजना गरीब परिवारों को भुखमरी से बचाने में मददगार बनी है लेकिन मुफ्त राशन पाने के लिए अमीर भी राशन कार्ड बनवाने की कतार में लग गए हैं। खाद्य आपूर्ति कार्यालय में हर महीने सैकड़ों ऐसे आवेदन आ रहे हैं जिनमें आवेदनकर्ता मकान, दुकान और वाहनों के मालिक हैं। रोजाना आने वाले करीब 600 आवेदनों में से जांच में 50 फीसदी से ज्यादा अपात्र पाए जा रहे हैं। आपूर्ति विभाग के अधिकारियों ने ऐसे लोगों के आवेदन निरस्त कर दिए हैं।
कोरोना काल से पहले सरकार द्वारा अंत्योदय कार्ड के माध्यम से गरीबी रेखा के नीचे के लोग यानी 48 हजार रुपये वार्षिक आय से कम के परिवारों के लिये 35 किलो राशन उपलब्ध कराया जा रहा था। कोरोना काल में प्रति यूनिट अतिरिक्त 5 किलो राशन का वितरण किया जाने लगा। साथ ही नमक, चीनी, तेल की आपूर्ति भी की जा रही है। इस योजना केलिये गरीबी रेखा से ऊपर के लोग पात्र नही हैं। बावजूद इसके लोग खुद को पात्र बनाने के लिये फर्जी आय प्रमाण पत्र बनवाकर राशन कार्ड के लिये आवेदन कर रहे हैं। गाजियाबाद शहर क्षेत्र में वर्तमान समय में करीब 4.37 लाख राशन कार्ड धारक हैं।
केस-1
गोविंदपुर में रहने वाले वीके सिंह रिटायर्ड सरकारी कर्मचारी और पेंशनभोगी हैं। राशन कार्ड पाने के लिये इन्होंने तथ्य छिपाकर ऑनलाइन आवेदन कर दिया। हालांकि मौके पर पहुंची निगम की टीम ने जब जानकारी जुटाई तो इनका आवेदन निरस्त कर दिया गया।
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केस-2
वसुंधरा सेक्टर-1 में रहने वाले नरोत्तम दास चार पहिया वाहन के मालिक है। खुद का घर होते हुए भी फर्जी तरीके से कम आय का प्रमाण पत्र बनवाकर राशन कार्ड के लिये आवेदन कर दिया।
केस -3
पंचशील कॉलोनी में रहने वाले विजय सिंह के पास दो मंजिला मकान है। एक बार आवेदन निरस्त होने के बाद उन्होंने खुद को किरायेदार बताकर राशन कार्ड बनवाने की कोशिश की। हालांकि सर्वे की टीम ने जांच कर इनका आवेदन निरस्त कर दिया ।
केस-4
मानसरोवर पार्क में रहने वाले निशांत पाठक के राशन कार्ड के लिये आवेदन करने पर जब निगम की सर्वे टीम जांच करने पहुंची तो वह हार्डवेयर की दुकान और दो पहिया वाहन के मालिक पाए गए। उनका आवेदन निरस्त कर दिया गया।
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बयान
क्षेत्रीय खाद्य अधिकारी अश्विनी कुमार ने बताया कि राशन कार्ड बनवाने के लिए मिले आवेदनों की जांच की गई हैं। इनमें कई आवेदकों अपात्र पाए गए हैं। गलत आय प्रमाण पत्र देकर कार्ड बनवाने के लिए आवेदन किया गया था। जांच के बाद उन्हें निरस्त कर दिया गया है।
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राशन कार्ड के लिए यह नहीं होंगे पात्र
यदि परिवार आयकर दाता, चार पहिया वाहन मालिक, घर, एसी, परिवार के पास सिंचित भूमि, 80 वर्ग मीटर का व्यावसायिक भूखंड या शस्त्र लाइसेंस है तो राशन कार्ड के लिये पात्र नहीं होंगे।
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राशन कार्ड के लिए पात्रता
ऐसे परिवार जिनमें कोई कैंसर या कुष्ठ रोग से पीड़ित है, अनाथ बच्चे, परित्यक्त्य महिलाएं, जूते चप्पल की मरम्मत करने वाले, भिक्षावृति करने वाले, फेरी लगाने वाले, गरीबी रेखा के नीचे के आवासहीन परिवार जिनकी वार्षिक आय 48 हजार रुपये सालाना से कम है वह राशन कार्ड के लिए पात्र होंगे।
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गाजियाबाद। कोरोना काल में सरकार की ओर से चलाई जा रही गरीब कल्याण योजना गरीब परिवारों को भुखमरी से बचाने में मददगार बनी है लेकिन मुफ्त राशन पाने के लिए अमीर भी राशन कार्ड बनवाने की कतार में लग गए हैं। खाद्य आपूर्ति कार्यालय में हर महीने सैकड़ों ऐसे आवेदन आ रहे हैं जिनमें आवेदनकर्ता मकान, दुकान और वाहनों के मालिक हैं। रोजाना आने वाले करीब 600 आवेदनों में से जांच में 50 फीसदी से ज्यादा अपात्र पाए जा रहे हैं। आपूर्ति विभाग के अधिकारियों ने ऐसे लोगों के आवेदन निरस्त कर दिए हैं।
कोरोना काल से पहले सरकार द्वारा अंत्योदय कार्ड के माध्यम से गरीबी रेखा के नीचे के लोग यानी 48 हजार रुपये वार्षिक आय से कम के परिवारों के लिये 35 किलो राशन उपलब्ध कराया जा रहा था। कोरोना काल में प्रति यूनिट अतिरिक्त 5 किलो राशन का वितरण किया जाने लगा। साथ ही नमक, चीनी, तेल की आपूर्ति भी की जा रही है। इस योजना केलिये गरीबी रेखा से ऊपर के लोग पात्र नही हैं। बावजूद इसके लोग खुद को पात्र बनाने के लिये फर्जी आय प्रमाण पत्र बनवाकर राशन कार्ड के लिये आवेदन कर रहे हैं। गाजियाबाद शहर क्षेत्र में वर्तमान समय में करीब 4.37 लाख राशन कार्ड धारक हैं।
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केस-1
गोविंदपुर में रहने वाले वीके सिंह रिटायर्ड सरकारी कर्मचारी और पेंशनभोगी हैं। राशन कार्ड पाने के लिये इन्होंने तथ्य छिपाकर ऑनलाइन आवेदन कर दिया। हालांकि मौके पर पहुंची निगम की टीम ने जब जानकारी जुटाई तो इनका आवेदन निरस्त कर दिया गया।
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केस-2
वसुंधरा सेक्टर-1 में रहने वाले नरोत्तम दास चार पहिया वाहन के मालिक है। खुद का घर होते हुए भी फर्जी तरीके से कम आय का प्रमाण पत्र बनवाकर राशन कार्ड के लिये आवेदन कर दिया।
केस -3
पंचशील कॉलोनी में रहने वाले विजय सिंह के पास दो मंजिला मकान है। एक बार आवेदन निरस्त होने के बाद उन्होंने खुद को किरायेदार बताकर राशन कार्ड बनवाने की कोशिश की। हालांकि सर्वे की टीम ने जांच कर इनका आवेदन निरस्त कर दिया ।
केस-4
मानसरोवर पार्क में रहने वाले निशांत पाठक के राशन कार्ड के लिये आवेदन करने पर जब निगम की सर्वे टीम जांच करने पहुंची तो वह हार्डवेयर की दुकान और दो पहिया वाहन के मालिक पाए गए। उनका आवेदन निरस्त कर दिया गया।
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बयान
क्षेत्रीय खाद्य अधिकारी अश्विनी कुमार ने बताया कि राशन कार्ड बनवाने के लिए मिले आवेदनों की जांच की गई हैं। इनमें कई आवेदकों अपात्र पाए गए हैं। गलत आय प्रमाण पत्र देकर कार्ड बनवाने के लिए आवेदन किया गया था। जांच के बाद उन्हें निरस्त कर दिया गया है।
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राशन कार्ड के लिए यह नहीं होंगे पात्र
यदि परिवार आयकर दाता, चार पहिया वाहन मालिक, घर, एसी, परिवार के पास सिंचित भूमि, 80 वर्ग मीटर का व्यावसायिक भूखंड या शस्त्र लाइसेंस है तो राशन कार्ड के लिये पात्र नहीं होंगे।
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राशन कार्ड के लिए पात्रता
ऐसे परिवार जिनमें कोई कैंसर या कुष्ठ रोग से पीड़ित है, अनाथ बच्चे, परित्यक्त्य महिलाएं, जूते चप्पल की मरम्मत करने वाले, भिक्षावृति करने वाले, फेरी लगाने वाले, गरीबी रेखा के नीचे के आवासहीन परिवार जिनकी वार्षिक आय 48 हजार रुपये सालाना से कम है वह राशन कार्ड के लिए पात्र होंगे।