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डेंगू का एक मामला मिलने पर सर्वे के लिए 20 टीमें गठित
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डेंगू का एक मामला मिलने पर सर्वे के लिए 20 टीमें गठित
गाजियाबाद। सर्दी खत्म होने के बाद डेंगू की दस्तक होने पर स्वास्थ्य विभाग ने डेंगू और मलेरिया की रोकथाम के लिए 20 टीमें गठित की हैं। प्राथमिक तौर पर वैशाली, वसुंधरा, इंदिरापुरम, राजेंद्रनगर, साहिबाबाद सहित अन्य क्षेत्रों में आठ टीमें काम करेंगी, इसके अलावा पुराने शहर में डेंगू प्रभावित रही प्रमुख कॉलोनियों गोविंदपुरम, कविनगर, विजय नगर, गांधी नगर, राजनगर एक्सटेंशन, पटेल नगर, नेहरू नगर सहित अन्य क्षेत्रों में एंटी डेंगू अभियान चलाया जाएगा।
राकेश मार्ग पर रहने वाले एक 16 वर्षीय किशोर डेंगू बुखार से ग्रसित हो गया था। उसे एमएमजी अस्पताल में भर्ती कराना पड़ा था। इस दौरान उसे 4 यूनिट खून भी चढ़ाने की जरूरत पड़ी थी। इसके अलावा पिछले वर्ष जिले में डेंगू के 1700 से अधिक मामले आए थे। इसे लेकर विभाग प्रभावित क्षेत्रों से अभियान की शुरुआत करेगा। डेंगू का प्रकोप बरसात के बाद ही सामने आता है। इस बार सर्दी समाप्त होने के दौरान कई बार तेज बारिश हुई थी। इसके बाद कुछ इलाकों में डेंगू का लार्वा पनप गया होगा।
जिला सर्विलांस अधिकारी डॉ. आरके गुप्ता का कहना है कि डेंगू का लार्वा अगर नष्ट नहीं किया जाता है तो वह कई साल तक निष्क्रिय रहता है। साफ पानी के संपर्क में आने पर वह लार्वा फिर से सक्रिय हो जाता है और मच्छर बनने लगते हैं। डॉ. गुप्ता का कहना है कि डेंगू का जो मामला सामने आया था, उससे माना जा रहा है कि क्षेत्र में बारिश के बाद डेंगू मच्छर पनप गया होगा। राकेश मार्ग इलाके में सर्वे करने के साथ एंटी डेंगू स्प्रे का भी छिड़काव कराया जा चुका है।
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हिंडन पार में विशेष सजगता
जिला मलेरिया अधिकारी जीके मिश्रा ने बताया कि इस मौसम में डेंगू मरीज मिलने के बाद विभाग अलर्ट हो गया है। डेंगू के मरीजों की संख्या में वृद्धि न हो, इस लिए विभाग की ओर से कार्य योजना तैयार कर ली गई है। उन्होंने बताया कि हिंडन पार क्षेत्र में डेंगू का प्रकोप ज्यादा रहता है, इसलिए पहली बार हिंडन पार क्षेत्र में डेंगू नियंत्रण के लिए अस्थाई केंद्र बनाया गया हैं। अस्थाई केंद्र पर 8 टीमों को तैनात की गई हैं। वे हिंडन पार क्षेत्र की कॉलोनियों में लोगों को जागरूक करने के साथ ही एंटी लार्वा दवा का छिड़काव भी करेंगी।
निगम के साथ चलाया जाएगा अभियान
सीएमओ डॉ. भवतोष शंखधार का कहना है कि सर्वे के निर्देश दिए गए हैं। नगर निगम के साथ कार्ययोजना तैयार की जा रही है, जिस क्षेत्र में लार्वा मिलेगा पहले उस क्षेत्र में एंटी लार्वा छिड़काव कराया जाएगा, इसके बाद फागिंग अभियान भी चलाया जाएगा।
नगर स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. मिथलेश कुमार का कहना है कि फागिंग के लिए 50 नई मशीनें आ चुकी हैं, सोमवार से नियमित किया जाएगा, जबकि अभी उन क्षेत्रों में फॉगिंग की जा रहीा है, जहां पर मच्छर होने की शिकायत मिल रही है।
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गाजियाबाद। सर्दी खत्म होने के बाद डेंगू की दस्तक होने पर स्वास्थ्य विभाग ने डेंगू और मलेरिया की रोकथाम के लिए 20 टीमें गठित की हैं। प्राथमिक तौर पर वैशाली, वसुंधरा, इंदिरापुरम, राजेंद्रनगर, साहिबाबाद सहित अन्य क्षेत्रों में आठ टीमें काम करेंगी, इसके अलावा पुराने शहर में डेंगू प्रभावित रही प्रमुख कॉलोनियों गोविंदपुरम, कविनगर, विजय नगर, गांधी नगर, राजनगर एक्सटेंशन, पटेल नगर, नेहरू नगर सहित अन्य क्षेत्रों में एंटी डेंगू अभियान चलाया जाएगा।
राकेश मार्ग पर रहने वाले एक 16 वर्षीय किशोर डेंगू बुखार से ग्रसित हो गया था। उसे एमएमजी अस्पताल में भर्ती कराना पड़ा था। इस दौरान उसे 4 यूनिट खून भी चढ़ाने की जरूरत पड़ी थी। इसके अलावा पिछले वर्ष जिले में डेंगू के 1700 से अधिक मामले आए थे। इसे लेकर विभाग प्रभावित क्षेत्रों से अभियान की शुरुआत करेगा। डेंगू का प्रकोप बरसात के बाद ही सामने आता है। इस बार सर्दी समाप्त होने के दौरान कई बार तेज बारिश हुई थी। इसके बाद कुछ इलाकों में डेंगू का लार्वा पनप गया होगा।
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जिला सर्विलांस अधिकारी डॉ. आरके गुप्ता का कहना है कि डेंगू का लार्वा अगर नष्ट नहीं किया जाता है तो वह कई साल तक निष्क्रिय रहता है। साफ पानी के संपर्क में आने पर वह लार्वा फिर से सक्रिय हो जाता है और मच्छर बनने लगते हैं। डॉ. गुप्ता का कहना है कि डेंगू का जो मामला सामने आया था, उससे माना जा रहा है कि क्षेत्र में बारिश के बाद डेंगू मच्छर पनप गया होगा। राकेश मार्ग इलाके में सर्वे करने के साथ एंटी डेंगू स्प्रे का भी छिड़काव कराया जा चुका है।
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हिंडन पार में विशेष सजगता
जिला मलेरिया अधिकारी जीके मिश्रा ने बताया कि इस मौसम में डेंगू मरीज मिलने के बाद विभाग अलर्ट हो गया है। डेंगू के मरीजों की संख्या में वृद्धि न हो, इस लिए विभाग की ओर से कार्य योजना तैयार कर ली गई है। उन्होंने बताया कि हिंडन पार क्षेत्र में डेंगू का प्रकोप ज्यादा रहता है, इसलिए पहली बार हिंडन पार क्षेत्र में डेंगू नियंत्रण के लिए अस्थाई केंद्र बनाया गया हैं। अस्थाई केंद्र पर 8 टीमों को तैनात की गई हैं। वे हिंडन पार क्षेत्र की कॉलोनियों में लोगों को जागरूक करने के साथ ही एंटी लार्वा दवा का छिड़काव भी करेंगी।
निगम के साथ चलाया जाएगा अभियान
सीएमओ डॉ. भवतोष शंखधार का कहना है कि सर्वे के निर्देश दिए गए हैं। नगर निगम के साथ कार्ययोजना तैयार की जा रही है, जिस क्षेत्र में लार्वा मिलेगा पहले उस क्षेत्र में एंटी लार्वा छिड़काव कराया जाएगा, इसके बाद फागिंग अभियान भी चलाया जाएगा।
नगर स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. मिथलेश कुमार का कहना है कि फागिंग के लिए 50 नई मशीनें आ चुकी हैं, सोमवार से नियमित किया जाएगा, जबकि अभी उन क्षेत्रों में फॉगिंग की जा रहीा है, जहां पर मच्छर होने की शिकायत मिल रही है।