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घर का खर्च भी उठाउंगा, बच्चों को स्कूल से भी लाऊंगा घर चलो
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सालों से रूठे 25 दंपती हुए एक, तीन ने पकड़ी घर की राह
गाजियाबाद। राष्ट्रीय लोक अदालत में 1.33 लाख मामलों का निस्तारण हुआ। परिवार न्यायालय से जुड़े 268 मामलों में फैसला किया गया। इसमें 25 जोड़े साथ रहने को तैयार हुए। जबकि 243 जोड़ों ने अलग-अलग रहने का फैसला लिया। अदालत ने पति को खर्च देने का आदेश दिया। तीन जोड़े लोक अदालत से साथ-साथ जीवन बसर करने के लिए विदा हुए। न्यायाधीशों ने दोबारा साथ रहने की शुरुआत करने पर जोड़ों को बधाई दी। इस मौके पर जिला एवं सत्र न्यायाधीश जितेंद्र सिन्हा, परिवार न्यायालय की प्रधान न्यायाधीश अनीता राज, अपर जिला जज प्रथम रामचंद्र यादव, सीबीआई के विशेष जज रविंद्र प्रसाद गुप्ता, एससीएसटी कोर्ट के विशेष न्यायाधीश अरविंद यादव, मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट संदीप चौधरी, ई चालान प्रभारी अभिषेक व्यास, कोर्ट मैनेजर मनोज मिश्रा, सिस्टम ऑफिसर शिवम श्रीवास्तव, सहायक ऑफिसर विमलेश सहित अन्य स्टाफ मौजूद रहा।
घर का खर्च चलाने के साथ ही बच्चों को स्कूल से भी लाऊंगा, घर चलो
भाटिया मोड़ निवासी लक्ष्मी रानी की शादी लखावटी बुलंदशहर निवासी अरुण के साथ हुई थी। दोनों गाजियाबाद में रहते हुए काम करते थे। लक्ष्मी सेल्स का काम करती हैं, जबकि उनके पति अरुण कुमार ने गैस एजेंसी में कई छोटे वाहन सिलिंडर ढोने के लिए लगा रखे थे। कोरोना के मामले बढ़ने के बाद गाड़ियों का काम बंद हो गया तो उन्हें हटानी पड़ी। इससे अरुण बेरोजगार हो गए। पत्नी सेल्स का काम करने लगी। पत्नी का आरोप था कि वह घर का खर्च भी चलाए तीनों बच्चों को स्कूल लाने ले जाने का काम भी करे, इसलिए साथ नहीं रहना है। अरुण ने झगड़े को शांत करते हुए कहा कि अब वह टेंपू चलाकर घर का खर्च चलाएंगे और सुबह-दोपहर स्कूल से बच्चों को लाना ले जाना भी करेंगे।
मां-बाप व भाभी से अलग रहूंगा लेकिन साथ चलो
बरेली निवासी नीतू की शादी तीन साल पहले रोहित के साथ हुई थी। आए दिन घरेलू झगड़ों से तंग आकर नीतू अपने मायके बरेली चली गई थी। इसके बाद पति ने लॉकडाउन के दौरान जून में ई-मेल के जरिये पत्नी को वापस लाने का परिवार न्यायालय में मुकदमा दायर किया। पत्नी नीतू का कहना था कि वह सास-ससुर और जेठ-जेठानी के साथ नहीं रहना चाहती है, इसलिए वह अलग रहेगी। रोहित ने अदालत में कहा कि वह अपने मां-बाप और भाई-भाभी से अलग रहेगा, लेकिन साथ चलो। इस पर नीतू साथ जाने को तैयार हो गई।
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अब नहीं होगा मनमुटाव, साथ रहेंगे
कन्नौज निवासी प्रतिभा की शादी तीन साल पहले गाजियाबाद निवासी राहुल के साथ हुई है। मामूली घरेलू विवाद में वह अपने मायके कन्नौज चली गई। राहुल ने पहले सामान्य तरीके से पत्नी को मनाने का प्रयास किया, लेकिन वह ससुराल वापस आने को तैयार नहीं हुई तो राहुल ने पत्नी को साथ लाने के लिए मार्च 21 में परिवार न्यायालय की शरण ली। अदालत के समझाने पर प्रतिभा की पति के प्रति कड़वाहट दूर हो गई और साथ रहने को तैयार हो गई।
46.64 करोड़ रुपये वसूला अर्थदंड
राष्ट्रीय लोक अदालत में विभिन्न प्रकृति के सुलह योग्य शमनीय 21008 वादों का निस्तारण किया गया। इसमें अर्थदंड से दंडनीय मामलों में 46,64,96,250 रुपये अर्थदंड के रूप में वसूला गया। अलग- अलग प्रकृति के अलावा मोटर वाहन दुर्घटना से संबंधित कुल 151 मामलों में पक्षकारों को 1,39,03,000 रुपये देने के आदेश किए गए। बैंकों के लोन रिकवरी से संबंधित 351 मामलों का निस्तारण हुआ। इसमें 8286560 रुपये की धनराशि वसूल की गई। बीएसएनल से संबंधित कुल 69 मामलों का निस्तारण किया इसमें 2,77,005रुपये की वसूली की गई। राजस्व न्यायालयों से 111032 मामलों का निस्तारण किया गया। 1,33106 मामले निस्तारित हुए।
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गाजियाबाद। राष्ट्रीय लोक अदालत में 1.33 लाख मामलों का निस्तारण हुआ। परिवार न्यायालय से जुड़े 268 मामलों में फैसला किया गया। इसमें 25 जोड़े साथ रहने को तैयार हुए। जबकि 243 जोड़ों ने अलग-अलग रहने का फैसला लिया। अदालत ने पति को खर्च देने का आदेश दिया। तीन जोड़े लोक अदालत से साथ-साथ जीवन बसर करने के लिए विदा हुए। न्यायाधीशों ने दोबारा साथ रहने की शुरुआत करने पर जोड़ों को बधाई दी। इस मौके पर जिला एवं सत्र न्यायाधीश जितेंद्र सिन्हा, परिवार न्यायालय की प्रधान न्यायाधीश अनीता राज, अपर जिला जज प्रथम रामचंद्र यादव, सीबीआई के विशेष जज रविंद्र प्रसाद गुप्ता, एससीएसटी कोर्ट के विशेष न्यायाधीश अरविंद यादव, मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट संदीप चौधरी, ई चालान प्रभारी अभिषेक व्यास, कोर्ट मैनेजर मनोज मिश्रा, सिस्टम ऑफिसर शिवम श्रीवास्तव, सहायक ऑफिसर विमलेश सहित अन्य स्टाफ मौजूद रहा।
घर का खर्च चलाने के साथ ही बच्चों को स्कूल से भी लाऊंगा, घर चलो
भाटिया मोड़ निवासी लक्ष्मी रानी की शादी लखावटी बुलंदशहर निवासी अरुण के साथ हुई थी। दोनों गाजियाबाद में रहते हुए काम करते थे। लक्ष्मी सेल्स का काम करती हैं, जबकि उनके पति अरुण कुमार ने गैस एजेंसी में कई छोटे वाहन सिलिंडर ढोने के लिए लगा रखे थे। कोरोना के मामले बढ़ने के बाद गाड़ियों का काम बंद हो गया तो उन्हें हटानी पड़ी। इससे अरुण बेरोजगार हो गए। पत्नी सेल्स का काम करने लगी। पत्नी का आरोप था कि वह घर का खर्च भी चलाए तीनों बच्चों को स्कूल लाने ले जाने का काम भी करे, इसलिए साथ नहीं रहना है। अरुण ने झगड़े को शांत करते हुए कहा कि अब वह टेंपू चलाकर घर का खर्च चलाएंगे और सुबह-दोपहर स्कूल से बच्चों को लाना ले जाना भी करेंगे।
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मां-बाप व भाभी से अलग रहूंगा लेकिन साथ चलो
बरेली निवासी नीतू की शादी तीन साल पहले रोहित के साथ हुई थी। आए दिन घरेलू झगड़ों से तंग आकर नीतू अपने मायके बरेली चली गई थी। इसके बाद पति ने लॉकडाउन के दौरान जून में ई-मेल के जरिये पत्नी को वापस लाने का परिवार न्यायालय में मुकदमा दायर किया। पत्नी नीतू का कहना था कि वह सास-ससुर और जेठ-जेठानी के साथ नहीं रहना चाहती है, इसलिए वह अलग रहेगी। रोहित ने अदालत में कहा कि वह अपने मां-बाप और भाई-भाभी से अलग रहेगा, लेकिन साथ चलो। इस पर नीतू साथ जाने को तैयार हो गई।
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अब नहीं होगा मनमुटाव, साथ रहेंगे
कन्नौज निवासी प्रतिभा की शादी तीन साल पहले गाजियाबाद निवासी राहुल के साथ हुई है। मामूली घरेलू विवाद में वह अपने मायके कन्नौज चली गई। राहुल ने पहले सामान्य तरीके से पत्नी को मनाने का प्रयास किया, लेकिन वह ससुराल वापस आने को तैयार नहीं हुई तो राहुल ने पत्नी को साथ लाने के लिए मार्च 21 में परिवार न्यायालय की शरण ली। अदालत के समझाने पर प्रतिभा की पति के प्रति कड़वाहट दूर हो गई और साथ रहने को तैयार हो गई।
46.64 करोड़ रुपये वसूला अर्थदंड
राष्ट्रीय लोक अदालत में विभिन्न प्रकृति के सुलह योग्य शमनीय 21008 वादों का निस्तारण किया गया। इसमें अर्थदंड से दंडनीय मामलों में 46,64,96,250 रुपये अर्थदंड के रूप में वसूला गया। अलग- अलग प्रकृति के अलावा मोटर वाहन दुर्घटना से संबंधित कुल 151 मामलों में पक्षकारों को 1,39,03,000 रुपये देने के आदेश किए गए। बैंकों के लोन रिकवरी से संबंधित 351 मामलों का निस्तारण हुआ। इसमें 8286560 रुपये की धनराशि वसूल की गई। बीएसएनल से संबंधित कुल 69 मामलों का निस्तारण किया इसमें 2,77,005रुपये की वसूली की गई। राजस्व न्यायालयों से 111032 मामलों का निस्तारण किया गया। 1,33106 मामले निस्तारित हुए।