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सख्ती बेअसर... धड़ल्ले से उड़ रही नियमों की धज्जियां
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सख्ती बेअसर... धड़ल्ले से उड़ रही नियमों की धज्जियां
गाजियाबाद। यातायात माह में भी वाहन चालक धड़ल्ले से यातायात नियमों का उल्लंघन कर रहे हैं। दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे पर प्रतिबंधित वाहन दौड़ रहे हैं। इन वाहनों को एक्सप्रेसवे पर ट्रैफिक पुलिसकर्मियों के लिए रोकना चुनौती बन गया है। गाजियाबाद सीमा में एक्सप्रेसवे पर आठ चेकिंग प्वाइंट पर ट्रैफिक पुलिसकर्मी तैनात हैं लेकिन तेज रफ्तार में एक्सप्रेसवे पर जाने वाले प्रतिबंधित वाहनों को रोकने भी हादसों को न्यौता देने जैसी स्थिति है।
पिछले नौ महीने में दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे और ईस्टर्न पेरिफेरल एक्सप्रेसवे पर 127 हादसे हुए इनमें 70 लोगों की मौत हुई है, जबकि 99 घायल हुए हैं। एसपी ट्रैफिक रामानंद कुशवाहा ने बताया कि बिना ई-चालान के एक्सप्रेसवे पर प्रतिबंधित वाहनों को रोकना संभव नहीं है। एनएचएआई को ई-चालान कराने के लिए कई बार पत्र लिखा जा चुका है। जब तक ई-चालान की प्रक्रिया शुरू नहीं होगी तब तक मैन्यूल चालान कराए जा रहे हैं लेकिन रोकना संभव नहीं है।
लोगों को खुद होना पड़ेगा जागरूक
एक्सप्रेसवे पर चेकिंग प्वाइंट पर खड़े ट्रैफिक पुलिसकर्मियों का कहना है कि जगह-जगह प्रतिबंधित वाहनों व अन्य यातायात नियमों के लिए साइन बोर्ड लगे हैं। इसके बावजूद लोग नियमों की अनदेखी कर तेज रफ्तार में दौड़ रहे हैं। तेज रफ्तार में अगर उन्हें रोकने का प्रयास करते हैं तो हादसा होने की आशंका रहती है।
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एक जनवरी से 30 सितंबर तक के चालान और हादसों के आंकड़े
वर्ष दुर्घटना घायल मृत्यु चालान
2020 708 469 327 377626
2021 824 551 392 306287
2022 633 446 276 242221
दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे पर हुए चालान
वर्ग चालान
तेज रफ्तार 53021
नो एंट्री 4165
उल्टी दिशा 8309
नो-पार्किंग 13366
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गाजियाबाद। यातायात माह में भी वाहन चालक धड़ल्ले से यातायात नियमों का उल्लंघन कर रहे हैं। दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे पर प्रतिबंधित वाहन दौड़ रहे हैं। इन वाहनों को एक्सप्रेसवे पर ट्रैफिक पुलिसकर्मियों के लिए रोकना चुनौती बन गया है। गाजियाबाद सीमा में एक्सप्रेसवे पर आठ चेकिंग प्वाइंट पर ट्रैफिक पुलिसकर्मी तैनात हैं लेकिन तेज रफ्तार में एक्सप्रेसवे पर जाने वाले प्रतिबंधित वाहनों को रोकने भी हादसों को न्यौता देने जैसी स्थिति है।
पिछले नौ महीने में दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे और ईस्टर्न पेरिफेरल एक्सप्रेसवे पर 127 हादसे हुए इनमें 70 लोगों की मौत हुई है, जबकि 99 घायल हुए हैं। एसपी ट्रैफिक रामानंद कुशवाहा ने बताया कि बिना ई-चालान के एक्सप्रेसवे पर प्रतिबंधित वाहनों को रोकना संभव नहीं है। एनएचएआई को ई-चालान कराने के लिए कई बार पत्र लिखा जा चुका है। जब तक ई-चालान की प्रक्रिया शुरू नहीं होगी तब तक मैन्यूल चालान कराए जा रहे हैं लेकिन रोकना संभव नहीं है।
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लोगों को खुद होना पड़ेगा जागरूक
एक्सप्रेसवे पर चेकिंग प्वाइंट पर खड़े ट्रैफिक पुलिसकर्मियों का कहना है कि जगह-जगह प्रतिबंधित वाहनों व अन्य यातायात नियमों के लिए साइन बोर्ड लगे हैं। इसके बावजूद लोग नियमों की अनदेखी कर तेज रफ्तार में दौड़ रहे हैं। तेज रफ्तार में अगर उन्हें रोकने का प्रयास करते हैं तो हादसा होने की आशंका रहती है।
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एक जनवरी से 30 सितंबर तक के चालान और हादसों के आंकड़े
वर्ष दुर्घटना घायल मृत्यु चालान
2020 708 469 327 377626
2021 824 551 392 306287
2022 633 446 276 242221
दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे पर हुए चालान
वर्ग चालान
तेज रफ्तार 53021
नो एंट्री 4165
उल्टी दिशा 8309
नो-पार्किंग 13366