फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Delhi NCR ›   Ghaziabad News ›   Skill Development Scheme 25109 people did not get employment

कौशल विकास योजना: प्रशिक्षण के बाद बेरोजगारों की फौज तैयार, 25109 लोगों को नहीं मिला रोजगार

Mon, 22 Aug 2022 01:09 AM IST
गाजियाबाद ब्यूरो अमर उजाला नेटवर्क, गाजियाबाद
अमर उजाला नेटवर्क, गाजियाबाद Published by: गाजियाबाद ब्यूरो Updated Mon, 22 Aug 2022 01:09 AM IST
सार

सबसे ज्यादा रोजगार सिलाई-कढ़ाई के क्षेत्र में युवाओं को मिला है। उसके बाद ब्यूटीशियन का कोर्स करने वाली युवतियों को रोजगार मिला है। हेल्थ केयर में भी युवा रोजगार हासिल करने में सफल हुए हैं लेकिन आईटी, रिटेल और ऊर्जा के क्षेत्र में प्रशिक्षण लेने वाले गिने-चुने युवाओं को ही रोजगार मिला है।

विज्ञापन
Skill Development Scheme 25109 people did not get employment
सांकेतिक तस्वीर

विस्तार

कौशल विकास योजना के तहत प्रशिक्षण लेने के बाद बेरोजगारों की फौज तैयार हो रही है। पिछले तीन साल में कौशल विकास केंद्र में 26500 युवाओं ने 15 रोजगार परक विषयों का प्रशिक्षण लिया। इनमें से मात्र 1391 युवाओं को ही रोजगार मिल सका है। प्रशिक्षित 25109 लोगों को कोई रोजगार नहीं मिला। जबकि, युवाओं के स्किल को विकसित करने के लिए कंपनियों को शासन से लाखों का भुगतान किया जा रहा है।

विज्ञापन


कौशल विकास योजना के तहत ब्यूटीशियन, हेल्थ केयर, सिलाई-कढ़ाई, कंप्यूटर, रिटेल, इलेक्ट्रिशियन, कंसट्रक्शन समेत 15 विषयों में एक साल का प्रशिक्षण दिया जाता है। इसके लिए कौशल विकास निगम ने निजी कंपनियों के साथ समन्वय स्थापित किया है। युवाओं को प्रशिक्षण देने के साथ-साथ रोजगार दिलवाने की जिम्मेदारी भी निगम और कंपनियों की है। बावजूद इसके प्रशिक्षण के बाद युवा नौकरी के लिए भटकने का मजबूर हो रहे हैं।
विज्ञापन


प्रशिक्षण पर खर्च हो गए 12 हजार
इलेक्ट्रिशियन का प्रशिक्षण लेने वाले मनोज ने बताया कि उन्हें नोएडा की एक कंपनी में बतौर ट्रेनी रखा गया था। एक साल के प्रशिक्षण में उनका करीब 10 से 12 हजार रुपये खर्च हो गया। सर्टिफिकेट तो मिला लेकिन नौकरी ढूंढने पर अनुभव और डिग्री नहीं होने से काम नहीं बना।
विज्ञापन
विज्ञापन


कम वेतन की दिलाई थी नौकरी
हेल्थ केयर क्षेत्र में एक साल का प्रशिक्षण लेने वाली प्रतिमा सिंह ने बताया कि प्रशिक्षण के बाद नौकरी तो मिली लेकिन वेतन इतना कम था कि आर्थिक गतिविधियों के लिए अन्य विकल्पों की तलाश करनी पड़ गई।


प्लेसमेंट में लग जाता है समय
कौशल विकास योजना के नोडल अधिकारी राधाकृष्ण का कहना है कि निगम और कंपनियां पूरी तरह रोजगार परक प्रशिक्षण देने के बाद रोजगार सृजन के लिए भी प्रशिक्षुओं के साथ खड़े रहते हैं। कई बार प्लेसमेंट मिलने में थोड़ा समय लग जाता है। ऐसे में युवा दूसरा विकल्प तलाश लेते हैं।

साल प्रशिक्षण लिया रोजगार मिला
2019-20 12285 172
2020-21 10000 1128
2022-23 4266 91
रोजगार क्षेत्र रोजगार मिला
सिलाई, कढ़ाई 660
ब्यूटीशियन- 332
हेल्थ केयर- 142
इलैक्ट्रीशियन- 125
कंसट्रक्शन- 23
रिटेल - 45
ऊर्जा - 20
कंप्यूटर ऑपरेटर- 45

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed