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रेड एपल धोखाधड़ी मामले में पांच और लोगों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज
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रेड एपल धोखाधड़ी मामले में पांच और लोगों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज
गाजियाबाद। रेड एपल रेजीडेंसी में दुकानें दिलाने के साथ एक अन्य प्रोजेक्ट में फ्लैट दिलाने के नाम पर ठगी करने के मामले में पांच और लोगों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की गई है। नंदग्राम निवासी राजेश त्यागी की 2012 में रामप्रस्था निवासी बिल्डर प्रतीक जैन के पुत्र विजय जैन, विजयंत जैन, राजकुमार जैन, वीरेंद्र जैन, अक्षय जैन से हुई थी। इन्होंने आइडिया बिल्डर प्राइवेट लि. के प्रोजेक्ट रेड एपल रेजीडेंसी में आठ दुकानें का आश्वासन दिया। 30 मार्च 2013 को दुकानें बुक कराते हुए दो करोड़ 49 लाख रुपये भुगतान कर दिया गया। राजेश त्यागी ने रेड एपल रेजीडेंसी के ही रामपुरी स्थित अन्य प्रोजेक्ट इंफ्राकोन प्राइवेट लि. 371 वर्गमीटर का फ्लैट बुक कराया। दो करोड़ रुपये में हुए सौदे में एक करोड़ 45 लाख रुपये का भुगतान कर दिया। बाकी के 55 लाख रुपये जुलाई 2013 में नकद दे दिए गए। बिल्डर ने तीन महीने में फ्लैट पर कब्जा देने का वादा किया था लेकिन आज तक प्रोजेक्ट अधूरा पड़ा है, जिसके चलते फ्लैट नहीं मिला है। राजेश त्यागी से फ्लैट व दुकान दिलाने के नाम पर तीन करोड़ 48 लाख रुपये की ठगी कर ली गई।
मामले में पुलिस पहले ही नौ आरोपियों को गिरफ्तार करने के साथ ही 20 मामलों में चार्जशीट दर्ज कर चुकी है हालांकि नंदग्राम थाने में अब तक 90 रिपोर्ट दर्ज की जा चुकी हैं। करीब 900 लोगों को सात मंजिल पास रेड एपल होम्स में 900 लोगों को 14वीं मंजिल तक फ्लैट बेच दिए गए। मामले में विजयंत जैन प्रतीक जैन, अक्षय जैन, वीरेद्र जैन व राजकुमार जैन के खिलाफ धोखाधड़ी की धारा में रिपोर्ट दर्ज की गई है। कंपनी के मालिक राजकुमार जैन को पहले ही गिरफ्तार किया जा चुका है। उसने फर्जी कंपनियां बनाकर परिवार के सदस्यों को ही निदेशक बना रखा था। जिले के अलग-अलग थानों में अब तक 29 केस दर्ज हो चुके हैं। राजकुमार के साथ नमन जैन रिषभ जैन, अनुशा जैन और इंदु जैन को भी गिरफ्तार किया जा चुका है।
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गाजियाबाद। रेड एपल रेजीडेंसी में दुकानें दिलाने के साथ एक अन्य प्रोजेक्ट में फ्लैट दिलाने के नाम पर ठगी करने के मामले में पांच और लोगों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की गई है। नंदग्राम निवासी राजेश त्यागी की 2012 में रामप्रस्था निवासी बिल्डर प्रतीक जैन के पुत्र विजय जैन, विजयंत जैन, राजकुमार जैन, वीरेंद्र जैन, अक्षय जैन से हुई थी। इन्होंने आइडिया बिल्डर प्राइवेट लि. के प्रोजेक्ट रेड एपल रेजीडेंसी में आठ दुकानें का आश्वासन दिया। 30 मार्च 2013 को दुकानें बुक कराते हुए दो करोड़ 49 लाख रुपये भुगतान कर दिया गया। राजेश त्यागी ने रेड एपल रेजीडेंसी के ही रामपुरी स्थित अन्य प्रोजेक्ट इंफ्राकोन प्राइवेट लि. 371 वर्गमीटर का फ्लैट बुक कराया। दो करोड़ रुपये में हुए सौदे में एक करोड़ 45 लाख रुपये का भुगतान कर दिया। बाकी के 55 लाख रुपये जुलाई 2013 में नकद दे दिए गए। बिल्डर ने तीन महीने में फ्लैट पर कब्जा देने का वादा किया था लेकिन आज तक प्रोजेक्ट अधूरा पड़ा है, जिसके चलते फ्लैट नहीं मिला है। राजेश त्यागी से फ्लैट व दुकान दिलाने के नाम पर तीन करोड़ 48 लाख रुपये की ठगी कर ली गई।
मामले में पुलिस पहले ही नौ आरोपियों को गिरफ्तार करने के साथ ही 20 मामलों में चार्जशीट दर्ज कर चुकी है हालांकि नंदग्राम थाने में अब तक 90 रिपोर्ट दर्ज की जा चुकी हैं। करीब 900 लोगों को सात मंजिल पास रेड एपल होम्स में 900 लोगों को 14वीं मंजिल तक फ्लैट बेच दिए गए। मामले में विजयंत जैन प्रतीक जैन, अक्षय जैन, वीरेद्र जैन व राजकुमार जैन के खिलाफ धोखाधड़ी की धारा में रिपोर्ट दर्ज की गई है। कंपनी के मालिक राजकुमार जैन को पहले ही गिरफ्तार किया जा चुका है। उसने फर्जी कंपनियां बनाकर परिवार के सदस्यों को ही निदेशक बना रखा था। जिले के अलग-अलग थानों में अब तक 29 केस दर्ज हो चुके हैं। राजकुमार के साथ नमन जैन रिषभ जैन, अनुशा जैन और इंदु जैन को भी गिरफ्तार किया जा चुका है।
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