{"_id":"629670fa0f372916ee71f6df","slug":"ghaziabad-ghaziabad-city-news-gbd2393289122","type":"story","status":"publish","title_hn":"नोएडा पुलिस से संपर्क कर बिल्लू की संपत्ति और खातों की जांच करेगी पुलिस","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
नोएडा पुलिस से संपर्क कर बिल्लू की संपत्ति और खातों की जांच करेगी पुलिस
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
नोएडा पुलिस से संपर्क कर बिल्लू की संपत्ति और खातों की जांच करेगी पुलिस
गाजियाबाद। मुठभेड़ में मारा गया एक लाख का ईनामी अवनीश उर्फ बिल्लू के बाद पुलिस अब उसके गैंग के सदस्यों की तलाश में जुट गई है। दोहरे हत्याकांड की साजिश में बिल्लू के परिवार के लोगों के शामिल होने की बात सामने आई। पुलिस ने उसकी मां-बहन और बहनोई दीपक को भी गिरफ्तार कर चुकी है। पुलिस का कहना है कि जल्द ही बिल्लू के कुछ और साथियों को गिरफ्तार किया जाएगा। गाजियाबाद पुलिस अब जीबीनगर पुलिस से संपर्क कर बिल्लू व उसके परिवार के लोगों की संपत्ति और खातों की जांच करेगी। एसएसपी मुनिराज जी ने बताया कि पूर्व में बिल्लू की मां के खाते की जांच कराई गई थी हालांकि खाता खाली मिला था।
बिल्लू रंगदारी और उसके साथी बिल्लू के नाम पर बिल्डरों से वसूली करते थे। वसूली की रकम ये लोग कहां ठिकाने लगाते थे, पुलिस इस पर काम कर रही है। पुलिस का कहना है कि आशंका है कि बिल्लू ने अपने परिचितों के नाम पर खाते खुलवाए थे। एसएसपी ने बताया कि बिल्लू की गैंग में 50 से ज्यादा युवा शामिल हैं। इनमें से कुछ दिल्ली के भी कुछ बदमाश शामिल हैं। दिल्ली पुलिस से संपर्क साधकर उनकी भी कुंडली खंगाली जा रही है। पुलिस सभी के खातों की जानकारी निकाली जाएगी, अगर अवैधानिक पाया गया तो उन्हें फ्रीज कराएगी। संपत्ति की जानकारी निकलवाकर उन पर भी आगे की कार्रवाई करने की तैयारी में है।
दोहरे हत्याकांड में सात लोगों की भूमिका आई सामने
20 अप्रैल को हुए दोहरे हत्याकांड मामले में बिल्लू समेत अभी तक सात आरोपियों की भूमिका सामने आई है। बिल्लू की इस साजिश में उसके परिवार के तीन लोगों समेत अनिल को पुलिस पकड़ चुकी हैं। बिल्लू और राकेश मुठभेड़ में मारे गए, जबकि विनोद अभी फरार है। पुलिस उसके गैंग के अन्य साथियों की तलाश में जुटी है।
विज्ञापन
बिल्लू और राकेश को शरण देने वाले पुलिस की रडार पर
दोहरा हत्याकांड के बाद से सभी आरोपी फरार चल रहे थे। मामले में पुलिस ने बिल्लू पर एक लाख और राकेश पर 50 हजार का इनाम घोषित कर दिया। लेकिन लंबे समय तक फरार रहे बिल्लू और राकेश को शरण देने वाले लोग भी पुलिस की रडार पर हैं। दोनों पुलिस से बचने के लिए दिल्ली समेत कई राज्यों में भागे। इस दौरान बिल्लू दिल्ली में समर्पण करने की फिराक में लगा था।
एसएसपी मुनिराज जी ने बताया कि बिल्लू गौतमबुद्धनगर जिले का रहने वाला था। वहां की पुलिस से संपर्क कर जानकारी की जाएगी कि पुलिस रिकार्ड में उसका गैंग पंजीकृत है या नहीं। पुलिस ने पंजीकृत नहीं किया है तो पंजीकरण किया जाएगा। साथ ही परिवार के खाते और संपत्ति के बारे में भी जानकारी जुटाई जा रही है।
विज्ञापन
गाजियाबाद। मुठभेड़ में मारा गया एक लाख का ईनामी अवनीश उर्फ बिल्लू के बाद पुलिस अब उसके गैंग के सदस्यों की तलाश में जुट गई है। दोहरे हत्याकांड की साजिश में बिल्लू के परिवार के लोगों के शामिल होने की बात सामने आई। पुलिस ने उसकी मां-बहन और बहनोई दीपक को भी गिरफ्तार कर चुकी है। पुलिस का कहना है कि जल्द ही बिल्लू के कुछ और साथियों को गिरफ्तार किया जाएगा। गाजियाबाद पुलिस अब जीबीनगर पुलिस से संपर्क कर बिल्लू व उसके परिवार के लोगों की संपत्ति और खातों की जांच करेगी। एसएसपी मुनिराज जी ने बताया कि पूर्व में बिल्लू की मां के खाते की जांच कराई गई थी हालांकि खाता खाली मिला था।
बिल्लू रंगदारी और उसके साथी बिल्लू के नाम पर बिल्डरों से वसूली करते थे। वसूली की रकम ये लोग कहां ठिकाने लगाते थे, पुलिस इस पर काम कर रही है। पुलिस का कहना है कि आशंका है कि बिल्लू ने अपने परिचितों के नाम पर खाते खुलवाए थे। एसएसपी ने बताया कि बिल्लू की गैंग में 50 से ज्यादा युवा शामिल हैं। इनमें से कुछ दिल्ली के भी कुछ बदमाश शामिल हैं। दिल्ली पुलिस से संपर्क साधकर उनकी भी कुंडली खंगाली जा रही है। पुलिस सभी के खातों की जानकारी निकाली जाएगी, अगर अवैधानिक पाया गया तो उन्हें फ्रीज कराएगी। संपत्ति की जानकारी निकलवाकर उन पर भी आगे की कार्रवाई करने की तैयारी में है।
विज्ञापन
दोहरे हत्याकांड में सात लोगों की भूमिका आई सामने
20 अप्रैल को हुए दोहरे हत्याकांड मामले में बिल्लू समेत अभी तक सात आरोपियों की भूमिका सामने आई है। बिल्लू की इस साजिश में उसके परिवार के तीन लोगों समेत अनिल को पुलिस पकड़ चुकी हैं। बिल्लू और राकेश मुठभेड़ में मारे गए, जबकि विनोद अभी फरार है। पुलिस उसके गैंग के अन्य साथियों की तलाश में जुटी है।
विज्ञापन
बिल्लू और राकेश को शरण देने वाले पुलिस की रडार पर
दोहरा हत्याकांड के बाद से सभी आरोपी फरार चल रहे थे। मामले में पुलिस ने बिल्लू पर एक लाख और राकेश पर 50 हजार का इनाम घोषित कर दिया। लेकिन लंबे समय तक फरार रहे बिल्लू और राकेश को शरण देने वाले लोग भी पुलिस की रडार पर हैं। दोनों पुलिस से बचने के लिए दिल्ली समेत कई राज्यों में भागे। इस दौरान बिल्लू दिल्ली में समर्पण करने की फिराक में लगा था।
एसएसपी मुनिराज जी ने बताया कि बिल्लू गौतमबुद्धनगर जिले का रहने वाला था। वहां की पुलिस से संपर्क कर जानकारी की जाएगी कि पुलिस रिकार्ड में उसका गैंग पंजीकृत है या नहीं। पुलिस ने पंजीकृत नहीं किया है तो पंजीकरण किया जाएगा। साथ ही परिवार के खाते और संपत्ति के बारे में भी जानकारी जुटाई जा रही है।