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जमीन बेचने के नाम पर 1.08 करोड़ रुपये की धोखाधड़ी
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जमीन बेचने के नाम पर 1.08 करोड़ रुपये की धोखाधड़ी
गाजियाबाद। बुलंदशहर के गांव कमालपुर निवासी एक व्यापारी के साथ चार लोगों ने मसूरी खिचरा में जमीन दिखाकर मुनाफे में बेचने का झांसा दिया और 1.08 करोड़ रुपये की धोखाधड़ी कर ली। आरोप है कि चारों ने साजिश के तहत उनके साथ धोखाधड़ी की है और एडवांस में 52 लाख रुपये भी लिए। व्यापारी ने इस मामले में कोर्ट का सहारा लेकर चारों आरोपियों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई है।
बुलंदशहर के कमालपुर निवासी हाजी मुस्तफा का कहना है कि वह और उनके साथी हाजी अशरफ और हाजी अय्यूब जमीन खरीदने-बेचने का काम करते हैं। आरोप है कि दोनों ने एक राय होकर साजिश रचकर उनके साथ धोखाधड़ी की। इसके लिए उन्होंने नूरजबी से मिलवाया जिसे उन्होंने अपना साझेदार बताया। इसके बाद उन सभी ने मिलकर उन्हें मसूरी के खिचरा में 16 बीघा जमीन दिखाई। जमीन का सौदा होने पर उन्होंने 50 प्रतिशत हिस्सेदारी के लिए सहमति दे दी। ऐसे में हाजी अशरफ और हाजी अय्यूब ने 50 प्रतिशत हिस्सेदारी के मुताबिक 52 लाख रुपये अदा करने के लिए कहे तो हाजी मुस्तफा ने दो बार में 52 लाख रुपये नूरजबी को दे दिए। इसके बाद 2017 में हाजी अशरफ और हाजी अय्यूब व नूरजबी ने उस जमीन को 1.30 करोड़ रुपये के मुनाफे से सौदा होने की बात कहकर हिस्सेदारी के अनुसार 65 लाख रुपये मुनाफे और 52 लाख रुपये एडवांस में से 10 लाख रुपये खर्चे के काट कर 1.07 करोड़ रुपये देने की बता कही। बाद में आरोपियों ने एक लाख रुपये धोखाधड़ी करके फिर ले लिए। ऐसे में हाजी अशरफ ने जून 2018 में मुस्तफा के परिचित शाहिद को अदा करने का वादा किया और ना लौटाने पर एक कंपनी के शेयर में उनके नाम से लगाने की बात कही। इसके बाद भी आरोपियों ने 2021 तक उनकी रकम नहीं लौटाई तो हाजी मुस्तफा ने रुपये वापस मांगे। आरोप है कि वह अब रुपये वापस लौटाने में बहाने बना रहे हैं और बलात्कार के झूठे मुकदमों में फंसाने की धमकी दे रहे हैं। मामले में नूरजबी, हाजी अशरफ, हाजी अय्यूब और त्रिवेंद्र जीत सिंह के खिलाफ मसूरी थाने में रिपोर्ट दर्ज हुई है। मसूरी थाना प्रभारी योगेंद्र सिंह ने बताया कि मामले की जांच की जा रही है।
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गाजियाबाद। बुलंदशहर के गांव कमालपुर निवासी एक व्यापारी के साथ चार लोगों ने मसूरी खिचरा में जमीन दिखाकर मुनाफे में बेचने का झांसा दिया और 1.08 करोड़ रुपये की धोखाधड़ी कर ली। आरोप है कि चारों ने साजिश के तहत उनके साथ धोखाधड़ी की है और एडवांस में 52 लाख रुपये भी लिए। व्यापारी ने इस मामले में कोर्ट का सहारा लेकर चारों आरोपियों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई है।
बुलंदशहर के कमालपुर निवासी हाजी मुस्तफा का कहना है कि वह और उनके साथी हाजी अशरफ और हाजी अय्यूब जमीन खरीदने-बेचने का काम करते हैं। आरोप है कि दोनों ने एक राय होकर साजिश रचकर उनके साथ धोखाधड़ी की। इसके लिए उन्होंने नूरजबी से मिलवाया जिसे उन्होंने अपना साझेदार बताया। इसके बाद उन सभी ने मिलकर उन्हें मसूरी के खिचरा में 16 बीघा जमीन दिखाई। जमीन का सौदा होने पर उन्होंने 50 प्रतिशत हिस्सेदारी के लिए सहमति दे दी। ऐसे में हाजी अशरफ और हाजी अय्यूब ने 50 प्रतिशत हिस्सेदारी के मुताबिक 52 लाख रुपये अदा करने के लिए कहे तो हाजी मुस्तफा ने दो बार में 52 लाख रुपये नूरजबी को दे दिए। इसके बाद 2017 में हाजी अशरफ और हाजी अय्यूब व नूरजबी ने उस जमीन को 1.30 करोड़ रुपये के मुनाफे से सौदा होने की बात कहकर हिस्सेदारी के अनुसार 65 लाख रुपये मुनाफे और 52 लाख रुपये एडवांस में से 10 लाख रुपये खर्चे के काट कर 1.07 करोड़ रुपये देने की बता कही। बाद में आरोपियों ने एक लाख रुपये धोखाधड़ी करके फिर ले लिए। ऐसे में हाजी अशरफ ने जून 2018 में मुस्तफा के परिचित शाहिद को अदा करने का वादा किया और ना लौटाने पर एक कंपनी के शेयर में उनके नाम से लगाने की बात कही। इसके बाद भी आरोपियों ने 2021 तक उनकी रकम नहीं लौटाई तो हाजी मुस्तफा ने रुपये वापस मांगे। आरोप है कि वह अब रुपये वापस लौटाने में बहाने बना रहे हैं और बलात्कार के झूठे मुकदमों में फंसाने की धमकी दे रहे हैं। मामले में नूरजबी, हाजी अशरफ, हाजी अय्यूब और त्रिवेंद्र जीत सिंह के खिलाफ मसूरी थाने में रिपोर्ट दर्ज हुई है। मसूरी थाना प्रभारी योगेंद्र सिंह ने बताया कि मामले की जांच की जा रही है।
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