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टोल टैक्स बढ़े मगर अंडरपास में बल्ब तक नहीं
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टोल टैक्स बढ़े मगर अंडरपास में बल्ब तक नहीं
गाजियाबाद। दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे पर एक अप्रैल से टोल टैक्स की दर बढ़ गई, लेकिन वाहन चालकों को जो सुविधा मिलनी चाहिए वह नहीं मिल रही है। एक्सप्रेसवे पर कई जगह रात में स्ट्रीट लाइटें नहीं जलती हैं। बम्हैटा के पास बनाए गए दो अंडरपास में प्रकाश की व्यवस्था नहीं होने से शाम होते ही उनमें अंधेरा हो जाता है। वाहनों की आवाजाही के बीच तंग अंधेरी जगह में हादसे की आशंका बनी रहती है। ऐसे में महिलाएं और पैदल राहगीर अंडर पास से गुजरने से परहेज करते हैं। लोगों की सुविधा के लिए बम्हैटा के पास एनएचएआई ने दो अंडरपास बनवाए थे। हर रोज करीब 10 हजार वाहन चालक यहां से गुजरते हैं, वहीं आसपास के औद्योगिक क्षेत्रों में काम कर रहे पांच हजार लोगों के लिए भी एक्सप्रेसवे को पार करने का जरिया भी यही दोनों अंडरपास है। करीब 60 मीटर लंबे अंडरपास की ऊंचाई कम है, जिसके चलते दिन के समय में भी इसमें स्पष्ट दिखाई नहीं देता है। वहीं रात के समय पूरी तरह अंधेरा पसरा रहता है। लालकुआं, बम्हैटा, पंचशील, शंकर विहार में रहने वाली महिलाएं व अन्य श्रमिक देर शाम काम करने के बाद अपने घरों तक पहुंचने के लिए अंडरपास की जगह एक्सप्रेसवे से ही सड़क पर करती हैं, जिससे हादसे कर भी खतरा बना रहता है। अंडरपास की चौड़ाई और ऊंचाई कम होने से ये तंग गली में तब्दील हो गया है। अंडरपास से बाहर आने के स्थान पर भी स्थायी रास्ता नहीं बनाया गया है, जिससे दिन के समय वाहनों की आवाजाही अधिक होने पर जाम की स्थिति बन जाती है। ऐसे में दुपहिया वाहन चालकों और पैदल राहगीरों को सांस लेने में भी समस्या होती है। एनएचएआई के परियोजना निदेशक अरविंद सिंह का कहना है कि अंडरपास में प्रकाश की व्यवस्था नहीं होने के संबंध में जानकारी नहीं है। दिखवाकर प्रकाश की व्यवस्था कराई जाएगी।
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गाजियाबाद। दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे पर एक अप्रैल से टोल टैक्स की दर बढ़ गई, लेकिन वाहन चालकों को जो सुविधा मिलनी चाहिए वह नहीं मिल रही है। एक्सप्रेसवे पर कई जगह रात में स्ट्रीट लाइटें नहीं जलती हैं। बम्हैटा के पास बनाए गए दो अंडरपास में प्रकाश की व्यवस्था नहीं होने से शाम होते ही उनमें अंधेरा हो जाता है। वाहनों की आवाजाही के बीच तंग अंधेरी जगह में हादसे की आशंका बनी रहती है। ऐसे में महिलाएं और पैदल राहगीर अंडर पास से गुजरने से परहेज करते हैं। लोगों की सुविधा के लिए बम्हैटा के पास एनएचएआई ने दो अंडरपास बनवाए थे। हर रोज करीब 10 हजार वाहन चालक यहां से गुजरते हैं, वहीं आसपास के औद्योगिक क्षेत्रों में काम कर रहे पांच हजार लोगों के लिए भी एक्सप्रेसवे को पार करने का जरिया भी यही दोनों अंडरपास है। करीब 60 मीटर लंबे अंडरपास की ऊंचाई कम है, जिसके चलते दिन के समय में भी इसमें स्पष्ट दिखाई नहीं देता है। वहीं रात के समय पूरी तरह अंधेरा पसरा रहता है। लालकुआं, बम्हैटा, पंचशील, शंकर विहार में रहने वाली महिलाएं व अन्य श्रमिक देर शाम काम करने के बाद अपने घरों तक पहुंचने के लिए अंडरपास की जगह एक्सप्रेसवे से ही सड़क पर करती हैं, जिससे हादसे कर भी खतरा बना रहता है। अंडरपास की चौड़ाई और ऊंचाई कम होने से ये तंग गली में तब्दील हो गया है। अंडरपास से बाहर आने के स्थान पर भी स्थायी रास्ता नहीं बनाया गया है, जिससे दिन के समय वाहनों की आवाजाही अधिक होने पर जाम की स्थिति बन जाती है। ऐसे में दुपहिया वाहन चालकों और पैदल राहगीरों को सांस लेने में भी समस्या होती है। एनएचएआई के परियोजना निदेशक अरविंद सिंह का कहना है कि अंडरपास में प्रकाश की व्यवस्था नहीं होने के संबंध में जानकारी नहीं है। दिखवाकर प्रकाश की व्यवस्था कराई जाएगी।