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चुनाव से लौटे 120 पुलिसकर्मी संक्रमित
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चुनाव से लौटे 120 पुलिसकर्मी संक्रमित
गाजियाबाद। कोविड-19 का बढ़ता संक्रमण और ऊपर से चुनाव ड्यूटी। पुलिस को वर्तमान में दोहरी चुनौती से जूझना पड़ रहा है। दो चरणों के त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव के बाद ड्यूटी से लौटने पर जांच कराई गई तो 120 पुलिसकर्मी कोरोना संक्रमित निकले। पुलिस में कोरोना के संक्रमण का यह आंकड़ा देख खुद पुलिस अधिकारी भी चिंतित हैं। इतना ही नहीं, गंभीर बात यह है कि अभी 100 से अधिक पुलिसकर्मियों में कोरोना के लक्षण दिखाई दे रहे हैं, जिनकी जांच रिपोर्ट अभी आनी बाकी है।
क्राइम कंट्रोल और कानून व्यवस्था बनाए रखने के साथ-साथ पुलिस पर वर्तमान में कोरोना प्रोटोकॉल, रात्रि कर्फ्यू व कोरोना कर्फ्यू का पालन कराने की जिम्मेदारी है। इसी जिम्मेदारी के बीच त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव संपन्न कराने का जिम्मा भी पुलिस के कंधों पर है। पहले चरण और दूसरे चरण का पंचायत चुनाव संपन्न कराने के लिए पुलिस गैर जनपद में ड्यूटी पर गई तो वहां कोरोना संक्रमण से नहीं बच पाई। गाजियाबाद वापस लौटने पर गत 20 व 21 अप्रैल को पुलिसकर्मियों की कोरोना जांच कराई गई तो करीब 120 पुलिसकर्मी संक्रमित निकले। बताया जा रहा है कि सैकड़ों पुलिसकर्मियों में कोरोना के लक्षण दिखाई दे रहे हैं। उन्होंने अपनी जांच भी कराई है, लेकिन अभी उनकी रिपोर्ट आना बाकी है। अंदेशा जताया जा रहा है कि रिपोर्ट आने पर यह आंकड़ा बढ़ सकता है। इसके बावजूद पुलिस के सामने अब आगामी 24 और 29 अप्रैल को पंचायत चुनाव कराने की चुनौती बरकरार है।
सिपाही से सीओ तक संक्रमित, एक पुलिसकर्मी की पत्नी की मौत हुई
पुलिस अधिकारियों के मुताबिक बीते कुछ दिनों में सिपाही से लेकर सीओ तक कोरोना संक्रमित पाए गए हैं। इतना ही नहीं पुलिस कर्मचारियों और अधिकारियों के परिवार के लोग भी संक्रमण की चपेट में आ गए हैं। मुरादनगर थाने में तैनात एक हेड कांस्टेबल की पत्नी की मौत भी हो चुकी है। जिला स्तर के कुछ पुलिस अधिकारियों के परिजन भी संक्रमण की चपेट में आ गए हैं। उनके सामने परिजनों से दूर रहकर उनके उपचार और ड्यूटी की बाध्यता दोनों की चुनौती है।
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अधिकारियों का कहना है कि पिछले साल की भांति पुलिस कंट्रोल रूम पर अब क्राइम की बजाए कोरोना से जुड़ी परेशानियों की कॉल अधिक आ रही हैं। कोई इलाज न मिलने की शिकायत कर रहा है तो कोई अस्पतालों में बेड, दवा न मिलने का रोना रो रहा है। इसके अलावा कुछ लोग एंबुलेंस उपलब्ध कराने की गुहार लगा रहे हैं। इन सभी कॉल पर पुलिस को मौके पर जाना पड़ रहा है।
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गाजियाबाद। कोविड-19 का बढ़ता संक्रमण और ऊपर से चुनाव ड्यूटी। पुलिस को वर्तमान में दोहरी चुनौती से जूझना पड़ रहा है। दो चरणों के त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव के बाद ड्यूटी से लौटने पर जांच कराई गई तो 120 पुलिसकर्मी कोरोना संक्रमित निकले। पुलिस में कोरोना के संक्रमण का यह आंकड़ा देख खुद पुलिस अधिकारी भी चिंतित हैं। इतना ही नहीं, गंभीर बात यह है कि अभी 100 से अधिक पुलिसकर्मियों में कोरोना के लक्षण दिखाई दे रहे हैं, जिनकी जांच रिपोर्ट अभी आनी बाकी है।
क्राइम कंट्रोल और कानून व्यवस्था बनाए रखने के साथ-साथ पुलिस पर वर्तमान में कोरोना प्रोटोकॉल, रात्रि कर्फ्यू व कोरोना कर्फ्यू का पालन कराने की जिम्मेदारी है। इसी जिम्मेदारी के बीच त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव संपन्न कराने का जिम्मा भी पुलिस के कंधों पर है। पहले चरण और दूसरे चरण का पंचायत चुनाव संपन्न कराने के लिए पुलिस गैर जनपद में ड्यूटी पर गई तो वहां कोरोना संक्रमण से नहीं बच पाई। गाजियाबाद वापस लौटने पर गत 20 व 21 अप्रैल को पुलिसकर्मियों की कोरोना जांच कराई गई तो करीब 120 पुलिसकर्मी संक्रमित निकले। बताया जा रहा है कि सैकड़ों पुलिसकर्मियों में कोरोना के लक्षण दिखाई दे रहे हैं। उन्होंने अपनी जांच भी कराई है, लेकिन अभी उनकी रिपोर्ट आना बाकी है। अंदेशा जताया जा रहा है कि रिपोर्ट आने पर यह आंकड़ा बढ़ सकता है। इसके बावजूद पुलिस के सामने अब आगामी 24 और 29 अप्रैल को पंचायत चुनाव कराने की चुनौती बरकरार है।
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सिपाही से सीओ तक संक्रमित, एक पुलिसकर्मी की पत्नी की मौत हुई
पुलिस अधिकारियों के मुताबिक बीते कुछ दिनों में सिपाही से लेकर सीओ तक कोरोना संक्रमित पाए गए हैं। इतना ही नहीं पुलिस कर्मचारियों और अधिकारियों के परिवार के लोग भी संक्रमण की चपेट में आ गए हैं। मुरादनगर थाने में तैनात एक हेड कांस्टेबल की पत्नी की मौत भी हो चुकी है। जिला स्तर के कुछ पुलिस अधिकारियों के परिजन भी संक्रमण की चपेट में आ गए हैं। उनके सामने परिजनों से दूर रहकर उनके उपचार और ड्यूटी की बाध्यता दोनों की चुनौती है।
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अधिकारियों का कहना है कि पिछले साल की भांति पुलिस कंट्रोल रूम पर अब क्राइम की बजाए कोरोना से जुड़ी परेशानियों की कॉल अधिक आ रही हैं। कोई इलाज न मिलने की शिकायत कर रहा है तो कोई अस्पतालों में बेड, दवा न मिलने का रोना रो रहा है। इसके अलावा कुछ लोग एंबुलेंस उपलब्ध कराने की गुहार लगा रहे हैं। इन सभी कॉल पर पुलिस को मौके पर जाना पड़ रहा है।