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गाजियाबाद निगम में होंगे 100 वार्ड
अमर उजाला ब्यूरो/ गाजियाबाद
Updated Sat, 08 Apr 2017 12:42 AM IST
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मेयर अशु वर्मा
- फोटो : अमर उजाला
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गाजियाबाद नगर निगम में अब 100 वार्ड होंगे। 2011 की जनगणना के अनुसार निगम क्षेत्र का परिसीमन किया जाएगा। प्रत्येक वार्ड को 16.50 हजार की आबादी के हिसाब से बांटा जाएगा। यदि परिसीमन होते वक्त यह आंकड़ा फिट नहीं बैठता है, तो आबादी में 15 प्रतिशत की बढ़ोतरी या कमी की जा सकती है।
निगम प्रशासन को 12 अप्रैल तक नए स्वरूप से परिसीमन करके फाइनल रिपोर्ट बनाकर शासन को भेजी जाएगी। अमर उजाला ने यह खबर पूर्व ही प्रकाशित कर दी थी। अब शासन ने इस पर मुहर लगाई है।
इस बार के नगर निगम के निकाय चुनाव नए परिसीमन के हिसाब से होंगे। निगम प्रशासन के पास इस संबंध में शासन का शासनादेश आ चुका है। मेयर अशु वर्मा ने बताया कि 2011 की जनगणना के हिसाब से नगर निगम क्षेत्र में अब 100 वार्ड होंगे। अभी तक 80 वार्ड ही थे।
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शासन ने वार्ड बढ़ाने के लिए नया पैमाना तैयार किया है। इसके तहत जिस निगम की आबादी 18 लाख से ज्यादा है, वहां 110 वार्ड होंगे। वहीं जहां पर आबादी 15 लाख से ऊपर है, वहां पर 100 वार्ड बनाए जाएंगे। गाजियाबाद की शहरी आबादी 16.48 लाख है।
उन्होंने बताया कि परिसीमन करते वक्त यदि कोई बड़ी सड़क, रेल मार्ग, बड़ा नाला आते हैं तो वार्ड को बांटा नहीं जाएगा। कोशिश रहेगी कि वार्ड की सीमा बंटे नहीं। इस संबंध में प्रमुख सचिव आवास कुमार कमलेश जल्द ही वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिए डीएम और निगम अधिकारियों के साथ आवश्यक चर्चा करके दिशा-निर्देश देंगे।
निगम की कमेटी करेगी नया परिसीमन
निगम के अपर नगर आयुक्त की अध्यक्षता में एक कमेटी बनाई गई है। यह कमेटी निगम क्षेत्र का अवलोकन करेगी और नए परिसीमन के मुताबिक वार्डों को बंटवारा व सीमा निर्धारित करेगी।
अपर नगर आयुक्त डीके सिन्हा ने बताया कि कमेटी में संजय चौहान, एसके तिवारी, दिनेश शर्मा, नानक चंद, योगेश कुमार व शशीकांत के साथ अन्य अधिकारी है। टीम शनिवार से शहर का सर्वे शुरू कर देगी, क्योंकि टीम को 12 अप्रैल तक अपनी रिपोर्ट बनाकर भेजनी है।
वर्तमान में ये हैं बड़े वार्ड
वर्तमान में आबादी के हिसाब से करीब आधा दर्जन ऐसे वार्ड हैं, जिन्हें यदि छोटा किया जाता है तो विकास कार्य ज्यादा होंगे। मसलन वार्ड 49, 29, 9, 75, 40 व 48 काफी बड़े हैं। अमूमन निगम अधिकारियों का ध्यान ऐसे वार्डों की तरफ ज्यादा रहेगा जो बड़े हैं और उन्हें परिसीमन करे मानक के अनुसार छोटा किया जा सकता है।
सर्वे के लिए बनाया प्रोफार्मा
नगर निगम ने परिसीमन के लिए प्रोफार्मा बनाया है। इसमें अधिकारियों को वार्ड का नाम, वार्ड सीमा, वार्ड में स्थित मोहल्लों का नाम, जनसंख्या (कुल जनसंख्या, अनुसूचित जाति/अनुसूचित जाति), औसत प्रतिनिधित्व से अंतर व अन्य विवरण देना होगा।
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निगम प्रशासन को 12 अप्रैल तक नए स्वरूप से परिसीमन करके फाइनल रिपोर्ट बनाकर शासन को भेजी जाएगी। अमर उजाला ने यह खबर पूर्व ही प्रकाशित कर दी थी। अब शासन ने इस पर मुहर लगाई है।
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इस बार के नगर निगम के निकाय चुनाव नए परिसीमन के हिसाब से होंगे। निगम प्रशासन के पास इस संबंध में शासन का शासनादेश आ चुका है। मेयर अशु वर्मा ने बताया कि 2011 की जनगणना के हिसाब से नगर निगम क्षेत्र में अब 100 वार्ड होंगे। अभी तक 80 वार्ड ही थे।
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शासन ने वार्ड बढ़ाने के लिए नया पैमाना तैयार किया है। इसके तहत जिस निगम की आबादी 18 लाख से ज्यादा है, वहां 110 वार्ड होंगे। वहीं जहां पर आबादी 15 लाख से ऊपर है, वहां पर 100 वार्ड बनाए जाएंगे। गाजियाबाद की शहरी आबादी 16.48 लाख है।
उन्होंने बताया कि परिसीमन करते वक्त यदि कोई बड़ी सड़क, रेल मार्ग, बड़ा नाला आते हैं तो वार्ड को बांटा नहीं जाएगा। कोशिश रहेगी कि वार्ड की सीमा बंटे नहीं। इस संबंध में प्रमुख सचिव आवास कुमार कमलेश जल्द ही वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिए डीएम और निगम अधिकारियों के साथ आवश्यक चर्चा करके दिशा-निर्देश देंगे।
निगम की कमेटी करेगी नया परिसीमन
निगम के अपर नगर आयुक्त की अध्यक्षता में एक कमेटी बनाई गई है। यह कमेटी निगम क्षेत्र का अवलोकन करेगी और नए परिसीमन के मुताबिक वार्डों को बंटवारा व सीमा निर्धारित करेगी।
अपर नगर आयुक्त डीके सिन्हा ने बताया कि कमेटी में संजय चौहान, एसके तिवारी, दिनेश शर्मा, नानक चंद, योगेश कुमार व शशीकांत के साथ अन्य अधिकारी है। टीम शनिवार से शहर का सर्वे शुरू कर देगी, क्योंकि टीम को 12 अप्रैल तक अपनी रिपोर्ट बनाकर भेजनी है।
वर्तमान में ये हैं बड़े वार्ड
वर्तमान में आबादी के हिसाब से करीब आधा दर्जन ऐसे वार्ड हैं, जिन्हें यदि छोटा किया जाता है तो विकास कार्य ज्यादा होंगे। मसलन वार्ड 49, 29, 9, 75, 40 व 48 काफी बड़े हैं। अमूमन निगम अधिकारियों का ध्यान ऐसे वार्डों की तरफ ज्यादा रहेगा जो बड़े हैं और उन्हें परिसीमन करे मानक के अनुसार छोटा किया जा सकता है।
सर्वे के लिए बनाया प्रोफार्मा
नगर निगम ने परिसीमन के लिए प्रोफार्मा बनाया है। इसमें अधिकारियों को वार्ड का नाम, वार्ड सीमा, वार्ड में स्थित मोहल्लों का नाम, जनसंख्या (कुल जनसंख्या, अनुसूचित जाति/अनुसूचित जाति), औसत प्रतिनिधित्व से अंतर व अन्य विवरण देना होगा।