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जिला संयुक्त अस्पताल के नौ डॉक्टर संक्रमित, ऑपरेशन बंद
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जिला संयुक्त अस्पताल के नौ डॉक्टर संक्रमित, ऑपरेशन बंद
गाजियाबाद। जिला संयुक्त अस्पताल में छह महिला रोग विशेषज्ञ, दो नेत्र रोग विशेषज्ञ एवं एक बाल रोग विशेषज्ञ के संक्रमित होने के बाद अस्पताल में जांच और ऑपरेशन बंद कर दिए गए हैं। अस्पताल में कार्यरत सात महिला रोग विशेषज्ञों में से छह के संक्रमित होने के बाद प्रसव भी बंद हो गया है। एमएमजी अस्पताल में सर्जिकल वार्ड में पांच कोरोना मरीज मिलने के बाद वार्ड को सैनिटाइज कराने के लिए खाली कर दिया गया था। वार्ड में भर्ती मरीजों को होर्डिंग एरिया में शिफ्ट किया गया। बाद में दो मरीजों को संतोष अस्पताल में भर्ती कराया गया और तीन मरीजों में कोई लक्षण न होने से उन्हें डिस्चार्ज कर दिया गया था।
तीसरी लहर में संक्रमण बढ़ने के बाद सामान्य तौर पर सर्दी-जुकाम वाले मरीजों को बाद में ऑपरेशन कराने की डॉक्टर सलाह दे रहे हैं। संयुक्त अस्पताल में ऑपरेशन बंद हो चुका है, जबकि एमएमजी में भी सिर्फ 50 फीसदी ऑपरेशन हो रहे हैं। सामान्य दिनों में 10 से 12 ऑपरेशन एक दिन में होते थे, अब सिर्फ तीन से चार ऑपरेशन हो रहे हैं। मंगलवार को सिर्फ चार ऑपरेशन हुए हैं। आईएमए का अनुमान है कि इमरजेंसी को छोड़कर 50 फीसदी ऑपरेशन टाल दिए गए हैं।
ये टाले गए ऑपरेशन
हर्निया, मोतियाबिंद, पथरी, हड्डी, अपेंडिक्स, नाक, कान गला, पाइल्स सहित अन्य बीमारियों के ऑपरेशन टाले गए हैं। सिर्फ इमरजेंसी में ही मरीजों के ऑपेरशन किए जा रहे है।
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संयुक्त अस्पताल में होते थे 10 से 12 ऑपरेशन
सामान्य दिनों में संयुक्त अस्पताल में प्रतिदिन 10 से 12 ऑपेरशन होते थे। इनमें हड्डी, नाक, कान, गला, पेट संबंधी सर्जरी होती थीं, जबकि मोतियाबिंद के 20 से अधिक ऑपरेशन किए जाते थे। डॉक्टरों के संक्रमित होने से ऑपरेशन बंद हो चुके हैं।
डॉक्टर बाद में ऑपरेशन की दे रहे सलाह
विजय नगर निवासी रमेश ने बताया कि कुछ दिन से उनके पेट में दर्द हो रहा था। जांच के बाद पता चला कि अपेंडिक्स बढ़ गया है। डॉक्टर ने सलाह दी कि 10 दिन बाद ऑपरेशन कराना।
मोतियाबिंद के ऑपरेशन के लिए 15 दिन बाद बुलाया
संजय नगर निवासी रामकेश ने बताया कि दाईं आंख से कम दिखाई देता है। जांच कराने पर पता चला कि मोतियाबिंद है। संयुक्त अस्पताल में गया तो वहां बताया गया कि 15 दिन बाद आना।
50 फीसदी टल गए ऑपरेशन
कोविड संक्रमण तीसरी बार बढ़ने पर 50 फीसदी ऑपरेशन आगे के लिए बढ़ा दिए गए हैं, जिससे मरीजों को कोई परेशानी न हो। इनमें हर्निया, मोतियाबिंद, पथरी, हड्डी, अपेंडिक्स, नाक, कान गला, पाइल्स के ऑपरेशन शामिल हैं।
- डॉ. आरके गर्ग, अध्यक्ष आईएमए
लोग खुद भी जागरुक है
कहीं भी ऑपरेशन बंद करने के आदेश नहीं हैं, लेकिन तीसरी लहर में लोग स्वयं जागरूक हैं। अगर ऑपरेशन टाल सकते हैं तो कोई दिक्कत नहीं है। डॉक्टर की बात से मरीज संतुष्ट होते हैं तो वह आगे का समय ले लेते हैं।
- डॉ. भवतोष शंखधार, सीएमओ
बुखार होने पर रुकने को कहा
हमारे पास सर्दी, जुकाम और बुखार वाले जो मरीज आते हैं और अगर लगता है कि इस मरीज को ऑपरेशन बाद में किया जा सकता है तो उसे सलाह दी जाती है जुकाम-बुखार की दवा ले लो ऑपरेशन बाद में करा लेना।
- डॉ. राजीव गोयल, प्रदेश महामंत्री आईएमए
आरटीपीसीआर जांच के बाद ऑपरेशन
पहले एक दिन में 15 से 20 मरीज मोतियाबिंद का ऑपरेशन कराने के लिए आते थे, लेकिन इस समय सिर्फ 8 से 10 मरीज आ रहे हैं। पहले उनकी आरटीपीसीआर जांच कराई जाती है। रिपोर्ट आने के बाद जिस दिन ऑपरेशन करना होता है, उस दिन एंटीजन जांच भी कराई जा रही है।
- डॉ. नरेंद्र कुमार, नेत्र सर्जन एमएमजी अस्पताल
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गाजियाबाद। जिला संयुक्त अस्पताल में छह महिला रोग विशेषज्ञ, दो नेत्र रोग विशेषज्ञ एवं एक बाल रोग विशेषज्ञ के संक्रमित होने के बाद अस्पताल में जांच और ऑपरेशन बंद कर दिए गए हैं। अस्पताल में कार्यरत सात महिला रोग विशेषज्ञों में से छह के संक्रमित होने के बाद प्रसव भी बंद हो गया है। एमएमजी अस्पताल में सर्जिकल वार्ड में पांच कोरोना मरीज मिलने के बाद वार्ड को सैनिटाइज कराने के लिए खाली कर दिया गया था। वार्ड में भर्ती मरीजों को होर्डिंग एरिया में शिफ्ट किया गया। बाद में दो मरीजों को संतोष अस्पताल में भर्ती कराया गया और तीन मरीजों में कोई लक्षण न होने से उन्हें डिस्चार्ज कर दिया गया था।
तीसरी लहर में संक्रमण बढ़ने के बाद सामान्य तौर पर सर्दी-जुकाम वाले मरीजों को बाद में ऑपरेशन कराने की डॉक्टर सलाह दे रहे हैं। संयुक्त अस्पताल में ऑपरेशन बंद हो चुका है, जबकि एमएमजी में भी सिर्फ 50 फीसदी ऑपरेशन हो रहे हैं। सामान्य दिनों में 10 से 12 ऑपरेशन एक दिन में होते थे, अब सिर्फ तीन से चार ऑपरेशन हो रहे हैं। मंगलवार को सिर्फ चार ऑपरेशन हुए हैं। आईएमए का अनुमान है कि इमरजेंसी को छोड़कर 50 फीसदी ऑपरेशन टाल दिए गए हैं।
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ये टाले गए ऑपरेशन
हर्निया, मोतियाबिंद, पथरी, हड्डी, अपेंडिक्स, नाक, कान गला, पाइल्स सहित अन्य बीमारियों के ऑपरेशन टाले गए हैं। सिर्फ इमरजेंसी में ही मरीजों के ऑपेरशन किए जा रहे है।
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संयुक्त अस्पताल में होते थे 10 से 12 ऑपरेशन
सामान्य दिनों में संयुक्त अस्पताल में प्रतिदिन 10 से 12 ऑपेरशन होते थे। इनमें हड्डी, नाक, कान, गला, पेट संबंधी सर्जरी होती थीं, जबकि मोतियाबिंद के 20 से अधिक ऑपरेशन किए जाते थे। डॉक्टरों के संक्रमित होने से ऑपरेशन बंद हो चुके हैं।
डॉक्टर बाद में ऑपरेशन की दे रहे सलाह
विजय नगर निवासी रमेश ने बताया कि कुछ दिन से उनके पेट में दर्द हो रहा था। जांच के बाद पता चला कि अपेंडिक्स बढ़ गया है। डॉक्टर ने सलाह दी कि 10 दिन बाद ऑपरेशन कराना।
मोतियाबिंद के ऑपरेशन के लिए 15 दिन बाद बुलाया
संजय नगर निवासी रामकेश ने बताया कि दाईं आंख से कम दिखाई देता है। जांच कराने पर पता चला कि मोतियाबिंद है। संयुक्त अस्पताल में गया तो वहां बताया गया कि 15 दिन बाद आना।
50 फीसदी टल गए ऑपरेशन
कोविड संक्रमण तीसरी बार बढ़ने पर 50 फीसदी ऑपरेशन आगे के लिए बढ़ा दिए गए हैं, जिससे मरीजों को कोई परेशानी न हो। इनमें हर्निया, मोतियाबिंद, पथरी, हड्डी, अपेंडिक्स, नाक, कान गला, पाइल्स के ऑपरेशन शामिल हैं।
- डॉ. आरके गर्ग, अध्यक्ष आईएमए
लोग खुद भी जागरुक है
कहीं भी ऑपरेशन बंद करने के आदेश नहीं हैं, लेकिन तीसरी लहर में लोग स्वयं जागरूक हैं। अगर ऑपरेशन टाल सकते हैं तो कोई दिक्कत नहीं है। डॉक्टर की बात से मरीज संतुष्ट होते हैं तो वह आगे का समय ले लेते हैं।
- डॉ. भवतोष शंखधार, सीएमओ
बुखार होने पर रुकने को कहा
हमारे पास सर्दी, जुकाम और बुखार वाले जो मरीज आते हैं और अगर लगता है कि इस मरीज को ऑपरेशन बाद में किया जा सकता है तो उसे सलाह दी जाती है जुकाम-बुखार की दवा ले लो ऑपरेशन बाद में करा लेना।
- डॉ. राजीव गोयल, प्रदेश महामंत्री आईएमए
आरटीपीसीआर जांच के बाद ऑपरेशन
पहले एक दिन में 15 से 20 मरीज मोतियाबिंद का ऑपरेशन कराने के लिए आते थे, लेकिन इस समय सिर्फ 8 से 10 मरीज आ रहे हैं। पहले उनकी आरटीपीसीआर जांच कराई जाती है। रिपोर्ट आने के बाद जिस दिन ऑपरेशन करना होता है, उस दिन एंटीजन जांच भी कराई जा रही है।
- डॉ. नरेंद्र कुमार, नेत्र सर्जन एमएमजी अस्पताल