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UP: छह महीने रेकी, चार बार अभ्यास, फिर कैश वैन से लूटी रकम, यहां किया गया बंटवारा; गाजियाबाद डकैती की कहानी

Tue, 12 May 2026 03:09 PM IST
Sharukh Khan अमर उजाला नेटवर्क, गाजियाबाद
अमर उजाला नेटवर्क, गाजियाबाद Published by: Sharukh Khan Updated Tue, 12 May 2026 03:09 PM IST
सार

गाजियाबाद के कृष्णानगर बागू में एनएच-9 पर छह मई को कैश वैन में डकैती के मामले का खुलासा हो गया है। पुलिस ने एलएलबी छात्र समेत दो बदमाश गिरफ्तार किए हैं। पांच आरोपियों ने वारदात को अंजाम दिया था। पुलिस ने 8.06 लाख रुपये, कार व वारदात में इस्तेमाल औजार बरामद  किए हैं।

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Ghaziabad Cash Van Robbery Case Reconnaissance Six Months Robbery of Cash Van After Four Practice Two Arrested
Ghaziabad Cash Van Robbery - फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स

विस्तार

गाजियाबाद के कृष्णानगर बागू में एनएच-9 पर दिनदहाड़े कैश वैन डकैती के मामले में पुलिस ने एलएलबी छात्र समेत दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। जांच में सामने आया है कि बदमाशों ने वारदात से पहले करीब छह महीने तक रेकी की और चार बार अभ्यास भी किया। वारदात को पांच बदमाशों ने अंजाम दिया था।  
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आरोपी एलएलबी छात्र छह मई को वारदात के समय मौके पर नहीं था, लेकिन रेकी, साजिश और पैसे बांटने में शामिल था। डकैती के बाद 27 लाख रुपये डासना-मसूरी स्थित एक मकान में बांटे गए थे। पकड़े गए आरोपियों से पुलिस ने भागने में इस्तेमाल हुई कार के साथ 8.06 लाख रुपये, कुल्हाड़ी व अन्य औजार बरामद किए हैं।
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डीसीपी धवल जायसवाल ने बताया कि गिरफ्तार आरोपियों की पहचान विजयनगर प्रताप विहार निवासी मो. कैफ (23) और माता कॉलोनी निवासी रिजवान (20) के रूप में हुई है। रिजवान डासना स्थित लॉ कॉलेज में एलएलबी द्वितीय वर्ष का छात्र है।

 
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पुलिस के मुताबिक, गिरोह का मास्टरमाइंड जुबैर है। उसके साथ शोएब, फिरोज व एक अन्य आरोपी अभी फरार हैं। चारों पर 25-25 हजार रुपये का इनाम घोषित किया गया है। गिरोह में शामिल किसी भी बदमाश का आपराधिक इतिहास नहीं है।

 
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घटनास्थल के पास ही रहता है जुबैर : जांच में पता चला कि जुबैर घटनास्थल के पास ही विजयनगर में रहता है। उसे जानकारी थी कि इंडिया वन कंपनी की कैश वैन रोज कृष्णा मार्केट स्थित एटीएम में नकदी भरने आती है।

कैश वैन को एटीएम से करीब 100 मीटर दूर एनएच-9 पर खड़ा कर कर्मचारी एटीएम के अंदर जाते थे, जबकि चालक अकेला वैन में रहता था। इसी कमजोरी का फायदा उठाकर बदमाशों ने वैन को निशाना बनाया।

 

मुजफ्फरनगर के रहने वाले हैं मास्टरमाइंड और उसका भाई
पुलिस जांच में सामने आया कि जुबैर ने अपने सगे और चचेरे भाइयों को वारदात में शामिल किया था। लूट के बाद जिस घर में रकम बांटी गई, वहां रिजवान का चचेरा भाई फिरोज भी मौजूद था। पुलिस के मुताबिक, जुबैर मूल रूप से मुजफ्फरनगर के खतौली थाना क्षेत्र स्थित होली चौक का रहने वाला है। 

 

करीब 15 साल पहले परिवार के साथ गाजियाबाद आकर रहने लगा था। लूट की रकम में से कैफ ने पांच लाख और रिजवान ने चार लाख रुपये लिए थे। इनमें से कुछ खर्च भी कर दिए गए।

घटनास्थल पर वारदात से दो घंटे पहले पहुंच गए थे बदमाश
पुलिस के अनुसार, वारदात वाले दिन पांचों बदमाश कैश वैन आने से करीब दो घंटे पहले कुल्हाड़ी, ग्लाइंडर और तमंचे लेकर एनएच-9 पर पहुंच गए थे। कैशियर और सुरक्षाकर्मी जैसे ही एटीएम के अंदर गए, बदमाशों ने चालक तेजपाल से तमंचे के बल पर कैश वैन का दरवाजा खुलवाया और फिर उसे बाहर फेंक दिया। इसके बाद जुबैर ने फायरिंग कर दहशत फैलाई और आरोपी कैश वैन लेकर फरार हो गए। 

 

बदमाश विजयनगर कट से देहरादून-मेरठ एक्सप्रेसवे (डीएमई) होते हुए मसूरी की ओर भागे। रास्ते में उन्होंने कुल्हाड़ी और ग्लाइंडर से वैन का जाल काटा, सीसीटीवी तोड़े और डीवीआर निकाल लिया। इसके बाद 27 लाख रुपये से भरा कैश बॉक्स बलेनो कार में रखकर फरार हो गए। कैश वैन डीएमई पर छोड़ दी गई।

नंबर प्लेट बदली, व्हील कवर लगाए... फिर भी नहीं बचे
पुलिस के अनुसार, बदमाश बगैर नंबर प्लेट की बलेनो कार से डीएमई के रास्ते फरार हुए। एक्सप्रेसवे पर लगे सीसीटीवी कैमरों में कार कैद हो गई। बाद में आरोपी मोदीनगर, मुरादनगर, भोजपुर कट और कांवड़ मार्ग से गुजरते दिखाई दिए। 

 

रास्ते में उन्होंने कार पर नंबर प्लेट और व्हील कवर लगा दिए ताकि पुलिस पहचान न सके। हालांकि, पुलिस सीसीटीवी और तकनीकी जांच के आधार पर कार की पहचान कर आरोपियों तक पहुंच गई। पुलिस के मुताबिक, कार जुबैर की है। बदमाशों तक पहुंचने के लिए 450 सीसीटीवी और चार हजार मोबाइल फोन नंबरों पर हुई बातचीत की जांच की।
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