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वोट की परीक्षा में सिर्फ दो उम्मीदवार फर्स्ट डिविजन से हुए पास
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वोट की परीक्षा में सिर्फ दो उम्मीदवार फर्स्ट डिविजन से हुए पास
गाजियाबाद। वोट की परीक्षा में 70 सालों में सिर्फ दो उम्मीदवार फर्स्ट डिविजन से पास हुए हैं। कुल मतदान के 60 फीसदी से ज्यादा वोट इन विधायकों के हिस्से में आए, जबकि बाकी 30 से 40 फीसदी में अन्य प्रत्याशी रहे। हालांकि कई विधायक ऐसे रहे जो 50 फीसदी से ज्यादा वोट पाकर विधानसभा में पहुंचे। सबसे कम महज 21.25 फीसदी वोट पाने वाले भी जिले में विधायक बने।
वोट शेयर का सबसे बड़ा रिकॉर्ड 1957 में मोदीनगर सीट से कांग्रेस के टिकट पर जीतकर विधानसभा में पहुंचे विचित्र नारायण शर्मा के नाम है। उन्हें इस चुनाव में 70.81 फीसदी वोट मिले थे। उनके प्रतिद्वंदी हुकुम सिंह को महज 21.79 फीसदी वोट मिले थे। इसके बाद मोदी लहर में हुए 2017 के विधानसभा चुनाव में साहिबाबाद विधानसभा सीट से विधायक चुने गए सुनील शर्मा को 62.14 फीसदी वोट मिले थे। यह आंकड़ा 1951 के विधानसभा चुनाव से लेकर 2017 तक का दूसरा सबसे बड़ा आंकड़ा है। सुनील शर्मा के प्रतिद्वंदी और कांग्रेस के प्रत्याशी अमरपाल शर्मा को इस चुनाव में महज 26.50 फीसदी वोट मिले थे। जीत का अंतर काफी बड़ा था, 1.5 लाख वोटों से जीतने वाले वह यूपी के अकेले विधायक थे।
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21.25 फीसदी वोट पाकर पहुंच गए विधानसभा
जहां सबसे ज्यादा 70 फीसदी वोट पाकर विधानसभा में पहुंचने का रिकॉर्ड विचित्र नारायण शर्मा के नाम रहा, वहीं सबसे कम महज 21.25 फीसदी वोट पाकर विधायक बनने का रिकॉर्ड मोदीनगर के पूर्व विधायक राजपाल सिंह के नाम है। 2007 में वह मोदीनगर सीट से बसपा के टिकट पर चुनाव जीते थे। महज 32434 वोट पाकर विधायक बने राजपाल सिंह महज 12 सौ वोटों से धर्मेश सिंह तोमर से जीते थे।
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इन विधायकों को 50 फीसदी से ज्यादा वोट मिले
नाम वर्ष वोट मिले
डॉ. मंजू शिवाच 2017 50.57
अतुल गर्ग 2017 55.28
अजित पाल त्यागी 2017 55.75
बालेश्वर त्यागी 1996 57.88
ईश्वर दत्त त्यागी 1980 50.13
नोट: वोटों का आंकड़ा प्रतिशत में
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राम मंदिर से बड़ी रही थी मोदी लहर
उत्तर प्रदेश में राम मंदिर लहर में भाजपा के प्रत्याशियों को जीत तो कई चुनाव में लगातार मिली, लेकिन वोट शेयर उतना नहीं रहा था। 2014 में नरेंद्र मोदी प्रधानमंत्री बने तो 2017 का विधानसभा चुनाव उन्हीं के नेतृत्व में लड़ा गया। इस चुनाव में मोदी लहर ऐसी थी कि भाजपा के प्रत्याशियों पर जमकर वोट बरसे और कई सीटों पर इतिहास बन गया। साहिबाबाद के अलावा नोएडा में भी भाजपा विधायक पंकज सिंह को बड़ी जीत मिली थी।
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गाजियाबाद। वोट की परीक्षा में 70 सालों में सिर्फ दो उम्मीदवार फर्स्ट डिविजन से पास हुए हैं। कुल मतदान के 60 फीसदी से ज्यादा वोट इन विधायकों के हिस्से में आए, जबकि बाकी 30 से 40 फीसदी में अन्य प्रत्याशी रहे। हालांकि कई विधायक ऐसे रहे जो 50 फीसदी से ज्यादा वोट पाकर विधानसभा में पहुंचे। सबसे कम महज 21.25 फीसदी वोट पाने वाले भी जिले में विधायक बने।
वोट शेयर का सबसे बड़ा रिकॉर्ड 1957 में मोदीनगर सीट से कांग्रेस के टिकट पर जीतकर विधानसभा में पहुंचे विचित्र नारायण शर्मा के नाम है। उन्हें इस चुनाव में 70.81 फीसदी वोट मिले थे। उनके प्रतिद्वंदी हुकुम सिंह को महज 21.79 फीसदी वोट मिले थे। इसके बाद मोदी लहर में हुए 2017 के विधानसभा चुनाव में साहिबाबाद विधानसभा सीट से विधायक चुने गए सुनील शर्मा को 62.14 फीसदी वोट मिले थे। यह आंकड़ा 1951 के विधानसभा चुनाव से लेकर 2017 तक का दूसरा सबसे बड़ा आंकड़ा है। सुनील शर्मा के प्रतिद्वंदी और कांग्रेस के प्रत्याशी अमरपाल शर्मा को इस चुनाव में महज 26.50 फीसदी वोट मिले थे। जीत का अंतर काफी बड़ा था, 1.5 लाख वोटों से जीतने वाले वह यूपी के अकेले विधायक थे।
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21.25 फीसदी वोट पाकर पहुंच गए विधानसभा
जहां सबसे ज्यादा 70 फीसदी वोट पाकर विधानसभा में पहुंचने का रिकॉर्ड विचित्र नारायण शर्मा के नाम रहा, वहीं सबसे कम महज 21.25 फीसदी वोट पाकर विधायक बनने का रिकॉर्ड मोदीनगर के पूर्व विधायक राजपाल सिंह के नाम है। 2007 में वह मोदीनगर सीट से बसपा के टिकट पर चुनाव जीते थे। महज 32434 वोट पाकर विधायक बने राजपाल सिंह महज 12 सौ वोटों से धर्मेश सिंह तोमर से जीते थे।
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इन विधायकों को 50 फीसदी से ज्यादा वोट मिले
नाम वर्ष वोट मिले
डॉ. मंजू शिवाच 2017 50.57
अतुल गर्ग 2017 55.28
अजित पाल त्यागी 2017 55.75
बालेश्वर त्यागी 1996 57.88
ईश्वर दत्त त्यागी 1980 50.13
नोट: वोटों का आंकड़ा प्रतिशत में
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राम मंदिर से बड़ी रही थी मोदी लहर
उत्तर प्रदेश में राम मंदिर लहर में भाजपा के प्रत्याशियों को जीत तो कई चुनाव में लगातार मिली, लेकिन वोट शेयर उतना नहीं रहा था। 2014 में नरेंद्र मोदी प्रधानमंत्री बने तो 2017 का विधानसभा चुनाव उन्हीं के नेतृत्व में लड़ा गया। इस चुनाव में मोदी लहर ऐसी थी कि भाजपा के प्रत्याशियों पर जमकर वोट बरसे और कई सीटों पर इतिहास बन गया। साहिबाबाद के अलावा नोएडा में भी भाजपा विधायक पंकज सिंह को बड़ी जीत मिली थी।