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Ghaziabad News: सेवानिवृत्त बुजुर्ग से 17.41 लाख रुपये ठगे
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गाजियाबाद। साइबर ठगों ने ऑनलाइन ट्रेडिंग में मुनाफे का लालच देकर वसुंधरा निवासी सेवानिवृत्त बुजुर्ग से 17.41 लाख रुपये ठग लिए। पीड़ित ने साइबर थाने में प्राथमिकी दर्ज कराई है।
एडीसीपी अपराध पीयूष कुमार सिंह ने बताया कि वसुंधरा सेक्टर 2-सी निवासी ऋतु बंसल के मुताबिक वह सरकारी विभाग से सेवानिवृत्त हैं और उन्होंने पहले से कुछ शेयरों में निवेश कर रखा था। ऑनलाइन ट्रेडिंग से संबंधित जानकारी भी लेते रहते हैं। इसी दौरान नौ मार्च को उन्हें एक व्हाट्सएप ग्रुप में जोड़ा गया। ग्रुप में शेयर बाजार और ट्रेडिंग से संबंधित सलाह दी जाती थी। ग्रुप में मौजूद लोग खुद को विशेषज्ञ निवेशक और कंपनी प्रतिनिधि बता रहे थे। पीड़ित के मुताबिक ग्रुप की एडमिन टीना मल्होत्रा नाम की महिला ने उनसे निजी तौर पर संपर्क किया। उसने दावा किया कि उसकी कंपनी के माध्यम से निवेश करने पर कम समय में अच्छा रिटर्न मिलेगा। साथ ही एक ट्रेडिंग प्लेटफॉर्म पर खाता खुलवाया गया। शुरुआत में छोटे निवेश पर मुनाफा दिखाकर भरोसा और मजबूत किया गया। ऋतु बंसल के मुताबिक पांच अप्रैल से 27 अप्रैल के बीच कई बार में अलग-अलग बैंक खातों और यूपीआई आईडी में कुल 17.41 लाख रुपये हस्तांतरित कराए गए। जब पीड़ित ने अपने निवेश और लाभ की रकम निकालने का प्रयास किया तो आरोपियों ने तकनीकी दिक्कत, टैक्स और प्रोसेसिंग शुल्क जैसी बातें कहकर उन्हें टालना शुरू कर दिया। बाद में उनसे और रकम जमा कराने का दबाव बनाया। कुछ दिनों बाद ग्रुप के एडमिन व अन्य के मोबाइल नंबर बंद हो गए। उन्हें साइबर ठगी का शक हुआ। एडीसीपी पीयूष कुमार सिंह ने बताया कि पीड़ित की तहरीर पर प्राथमिकी दर्ज कर ली गई है। बैंक और ट्रांजक्शन के आधार पर साइबर ठगों की जानकारी जुटाई जा रही है।
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एडीसीपी अपराध पीयूष कुमार सिंह ने बताया कि वसुंधरा सेक्टर 2-सी निवासी ऋतु बंसल के मुताबिक वह सरकारी विभाग से सेवानिवृत्त हैं और उन्होंने पहले से कुछ शेयरों में निवेश कर रखा था। ऑनलाइन ट्रेडिंग से संबंधित जानकारी भी लेते रहते हैं। इसी दौरान नौ मार्च को उन्हें एक व्हाट्सएप ग्रुप में जोड़ा गया। ग्रुप में शेयर बाजार और ट्रेडिंग से संबंधित सलाह दी जाती थी। ग्रुप में मौजूद लोग खुद को विशेषज्ञ निवेशक और कंपनी प्रतिनिधि बता रहे थे। पीड़ित के मुताबिक ग्रुप की एडमिन टीना मल्होत्रा नाम की महिला ने उनसे निजी तौर पर संपर्क किया। उसने दावा किया कि उसकी कंपनी के माध्यम से निवेश करने पर कम समय में अच्छा रिटर्न मिलेगा। साथ ही एक ट्रेडिंग प्लेटफॉर्म पर खाता खुलवाया गया। शुरुआत में छोटे निवेश पर मुनाफा दिखाकर भरोसा और मजबूत किया गया। ऋतु बंसल के मुताबिक पांच अप्रैल से 27 अप्रैल के बीच कई बार में अलग-अलग बैंक खातों और यूपीआई आईडी में कुल 17.41 लाख रुपये हस्तांतरित कराए गए। जब पीड़ित ने अपने निवेश और लाभ की रकम निकालने का प्रयास किया तो आरोपियों ने तकनीकी दिक्कत, टैक्स और प्रोसेसिंग शुल्क जैसी बातें कहकर उन्हें टालना शुरू कर दिया। बाद में उनसे और रकम जमा कराने का दबाव बनाया। कुछ दिनों बाद ग्रुप के एडमिन व अन्य के मोबाइल नंबर बंद हो गए। उन्हें साइबर ठगी का शक हुआ। एडीसीपी पीयूष कुमार सिंह ने बताया कि पीड़ित की तहरीर पर प्राथमिकी दर्ज कर ली गई है। बैंक और ट्रांजक्शन के आधार पर साइबर ठगों की जानकारी जुटाई जा रही है।
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