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Ghaziabad News: धोखाधड़ी कर 100 करोड़ की जमीन 51.94 करोड़ में बेचने का आरोप
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गाजियाबाद। वसुंधरा सेक्टर चार निवासी संजीव गौर ने बैंक पर धोखाधड़ी कर 100 करोड़ रुपये की जमीन 51.94 करोड़ रुपये में बेचने का आरोप लगाया है। इस मामले में पीड़ित ने नंदग्राम थाने में प्राथमिकी दर्ज कराई है।
एसीपी नंदग्राम जियाउद्दीन अहमद ने बताया कि वसुंधरा सेक्टर चार में रहने वाले संजीव गौर तरुणिका कौड हाउसिंग एंड कंसट्रक्शन लिमिटेड के डायरेक्टर हैं। उन्होंने शिकायत देकर बताया है कि वर्ष 2008-09 में उनकी कंपनी ने सिकरोड गांव में 20020.20 वर्ग मीटर जमीन खरीदी थी। इस संपत्ति को गिरवीं रखकर बैंक से कंपनी ने करीब सात करोड़ का कैश क्रेडिट व सात करोड़ रुपये बैंक गारंटी की सुविधा ली थी। वर्ष 2021 तक कंपनी ने बैंक को करीब पांच करोड़ रुपये कैश क्रेडिट के रूप में वापस कर दिए। करीब सवा तीन करोड़ रुपए की बैंक गांरटी भी वापस लौटा दी।
ब्याज के रूप में करीब छह करोड़ रुपये बैंक को दिए। फिर कोविड महामारी के चलते कंपनी का काम बंद हो गया, जिससे बैंक ने कंपनी के खाते को एनपीए घोषित कर दिया। फिर बैंक ने सरफेशी एक्ट का डिमान्ड नोटिस भेजा। उक्त नोटिस के बाद ओटीएस (वन टाइम सेटेलमेंट) प्रपोजल बैंक को दिया और एक करोड़ की राशि भी बैंक को जमा करवाई। बैंक के पूर्ण बकाया रकम न बताए जाने के कारण वह ओटीएस पूरा नहीं हुआ। इसके बाद बैंक ने धोखाधड़ी कर करीब 100 करोड़ रुपये की जमीन को 51.94 करोड़ रुपये नीलाम कर दिया। एसीपी ने बताया कि मामले की जांच कर आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
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एसीपी नंदग्राम जियाउद्दीन अहमद ने बताया कि वसुंधरा सेक्टर चार में रहने वाले संजीव गौर तरुणिका कौड हाउसिंग एंड कंसट्रक्शन लिमिटेड के डायरेक्टर हैं। उन्होंने शिकायत देकर बताया है कि वर्ष 2008-09 में उनकी कंपनी ने सिकरोड गांव में 20020.20 वर्ग मीटर जमीन खरीदी थी। इस संपत्ति को गिरवीं रखकर बैंक से कंपनी ने करीब सात करोड़ का कैश क्रेडिट व सात करोड़ रुपये बैंक गारंटी की सुविधा ली थी। वर्ष 2021 तक कंपनी ने बैंक को करीब पांच करोड़ रुपये कैश क्रेडिट के रूप में वापस कर दिए। करीब सवा तीन करोड़ रुपए की बैंक गांरटी भी वापस लौटा दी।
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ब्याज के रूप में करीब छह करोड़ रुपये बैंक को दिए। फिर कोविड महामारी के चलते कंपनी का काम बंद हो गया, जिससे बैंक ने कंपनी के खाते को एनपीए घोषित कर दिया। फिर बैंक ने सरफेशी एक्ट का डिमान्ड नोटिस भेजा। उक्त नोटिस के बाद ओटीएस (वन टाइम सेटेलमेंट) प्रपोजल बैंक को दिया और एक करोड़ की राशि भी बैंक को जमा करवाई। बैंक के पूर्ण बकाया रकम न बताए जाने के कारण वह ओटीएस पूरा नहीं हुआ। इसके बाद बैंक ने धोखाधड़ी कर करीब 100 करोड़ रुपये की जमीन को 51.94 करोड़ रुपये नीलाम कर दिया। एसीपी ने बताया कि मामले की जांच कर आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
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