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Ghaziabad News: रेड एपल बिल्डर और बैंक के तीन पूर्व अधिकारियों समेत 13 के खिलाफ धोखाधड़ी की रिपोर्ट दर्ज

Ghaziabad Bureau गाजियाबाद ब्यूरो
Updated Mon, 10 Jul 2023 01:21 AM IST
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Fraud report filed against 13 including Red Apple builder and three former bank officials
गाजियाबाद। रेड एपल रेजिडेंसी के बिल्डर पर धोखाधड़ी का एक और मामला दर्ज हुआ है। पिलखुवा के रहने वाले पुनीत राज शर्मा ने बिल्डर पर फ्लैट देने के नाम पर 10.82 लाख रुपये लेने और उनकी सहमति के बिना उनके नाम से करीब 11.43 लाख रुपये का लोन करा लेने का आरोप लगाया है। आरोप है कि 22.26 लाख रुपये लेने के 10 साल के बाद भी बिल्डर ने फ्लैट नहीं दिया। उन्होंने पुलिस से शिकायत की, लेकिन रिपोर्ट दर्ज नहीं हुई। अब कोर्ट के आदेश पर उन्होंने आइडिया बिल्डर्स प्राइवेट लिमिटेड, नौ डायरेक्टर और बैंक के तत्कालीन क्षेत्रीय प्रबंधक, ब्रांच मैनेजर और लोन मैनेजर के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई है। पुलिस मामले की जांच कर रही है।
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पुनीत राज शर्मा का कहना है कि मंजू जे ग्रुप की कंपनी आइडिया बिल्डर्स की ओर से राजनगर एक्सटेंशन में बनाई जा रही रेड एपल हाउसिंग सोसायटी में फ्लैट खरीदने के लिए जून 2013 में वह बिल्डर के कार्यालय पर गए थे। वहां डायरेक्टर प्रतीक जैन, विजयंत जैन, राजकुमार जैन, अक्षय जैन, नमन जैन, मंजू जैन, वीरेंद्र जैन, तरुण कुमार और मुकेश गोस्वामी से बात हुई। उन्होंने उस वक्त प्री-मानसून महीने में फ्लैट बुक कराने पर ऑफर देने की बात कही थी। फ्लैट नंबर 809 का सौदा बिल्डर से 23.91 लाख रुपये में तय हुआ था। बुकिंग के दौरान उन्होंने दो लाख रुपये का चेक सेल्स अधिकारी को दिया। उन्हें निर्माण के आधार पर भुगतान का प्लान बताया गया। बाद में इस फ्लैट की कीमत बढ़ाकर 26.22 लाख कर दी गई।
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सितंबर 2013 को सेल्स अधिकारी ने उन्हें स्टेट बैंक आफ पटियाला की शास्त्रीनगर शाखा में बुलाया और होम लोन दिलाने की बात कही। त्रिपक्षीय एग्रीमेंट के लिए शाखा प्रबंधक और लोन प्रबंधक से मिलवाया तो उन्होंने कहा कि इस फ्लैट पर 15 लाख रुपये का लोन हो सकता है। लोन स्वीकृत होने के बाद बैंक के अधिकारियों ने बिल्डर को सीएलपी के अनुसार भुगतान करने की बजाय दो किस्तों में करीब 11.48 लाख का भुगतान कर दिया। उन्हें सूचित किए बिना बैंक अधिकारियों ने सितंबर 2013 में 7.88 लाख और फरवरी 2015 में 3.55 लाख रुपये बिल्डर को दे दिए।
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समय पर फ्लैट न मिलने के कारण वह कई बार साइट पर गए, लेकिन निर्माण बंद मिला। डायरेक्टर प्रतीक जैन और विजयंत जैन से शिकायत की तो धमकाया और जान से मारने की धमकी देकर भगा दिया। इसके बाद उन्होंने पुलिस को शिकायत दी, लेकिन कार्रवाई नहीं हुई। एसीपी नंदग्राम रवि कुमार सिंह का कहना है कि बिल्डर और बैंक के अधिकारियों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर ली गई है। मामले की जांच की जा रही है।
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