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दान दिए बेटे को चार माह बाद मां ने फिर अपनाया
ब्यूरो/अमर उजाला, गाजियाबाद
Updated Sat, 18 Jun 2016 12:58 AM IST
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परवरिश कर रही थी बुजुर्ग महिला, पड़ोसियों ने की थी शिकायत
- फोटो : अमर उजाला
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राजनगर एक्सटेंशन की सेवी विला डे सोसायटी में एक बुजुुर्ग महिला के पास पाले जा रहे 21 माह के मासूम गजानन को शुक्रवार शाम चार माह बाद उसकी मां की गोद वापस मिल गई।
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शुक्रवार सुबह राजनगर एक्सटेंशन की सेवी विला डे सोसायटी में उस वक्त हंगामा मच गया जब एक बुजुर्ग महिला के पास रेजिडेंट्स ने गजानन को रोता हुआ देखा। उन्हें शक हुआ कि बच्चा बुजुर्ग महिला का नहीं है तो उससे पूछताछ की।
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महिला ने बताया कि यह बच्चा उसे दिल्ली स्थित एक आश्रम के महंत ने परवरिश के लिए दिया है। बच्चे के माता-पिता के बारे में उसे जानकारी नहीं है। आरडब्ल्यूए पदाधिकारी पंकज ने इसकी सूचना सिहानी गेट पुलिस को दी। मौके पर पहुंची पुलिस बुजुर्ग महिला और बच्चे को सिहानी गेट थाने ले आई।
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महिला और उसके बेटे से पूछताछ कर आश्रम के बारे में पुलिस ने जानकारी जुटाई। वहां से बच्चे के परिजनों का मोबाइल नंबर पुलिस को मिल गया। उस नंबर पर कॉल कर उन्हें थाने बुलाया गया। बच्चे की मां अपने परिजनों के साथ थाने पहुंची।
महिला ने बताया कि उसकी शादी साहिबाबाद निवासी युवक से तीन साल पहले हुई थी। उससे उसको यह बेटा हुआ है। पति से अब तलाक हो चुका है। महिला का दावा है कि उसने संकल्प लिया था कि अपना पहला बेटा वह आश्रम में दान करेगी।
इस वजह से फरवरी में बेटे गजानन को वह आश्रम में दान कर आई थी। वह बेटे से मिलने के लिए बीच में आश्रम जाती रहती थी। आश्रम के महंत पंजाब जा रहे थे तो उन्होंने परवरिश के लिए गजानन को आश्रम में आने वाली राजनगर एक्सटेंशन निवासी बुजुर्ग महिला को दिया था।
एसएचओ सिहानी गेट अवनीश गौतम ने बताया कि महिला को समझाया गया है कि वह बेटे की परवरिश खुद करे। उसने लिखित में इसका आश्वासन दिया तो बच्चे को वापस उनके सुपुर्द कर दिया गया है।