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Ghaziabad News: कनाडा के एनआरआई को सेक्सटॉर्शन में फंसाने वाले चार अंतरराष्ट्रीय ठग गिरफ्तार
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गाजियाबाद। कनाडा में रहने वाले एनआरआई को फेसबुक पर फर्जी महिला आईडी से फंसाकर सेक्सटॉर्शन करने वाले अंतरराष्ट्रीय साइबर ठग गिरोह का क्राइम ब्रांच ने पर्दाफाश किया है। पुलिस ने गिरोह के चार सदस्यों को गिरफ्तार किया है, जबकि मुख्य सरगना समेत तीन आरोपी अभी फरार हैं। जांच में सामने आया है कि गिरोह वर्ष 2023 से सक्रिय था और अब तक देश के विभिन्न राज्यों में 6.68 करोड़ रुपये की ठगी कर चुका है।
एसीपी अपराध अमित सक्सेना ने शुक्रवार को प्रेस वार्ता में बताया कि एनसीआरबी पोर्टल पर इस गिरोह के खिलाफ 40 शिकायतें दर्ज हैं। गिरोह में 20 से अधिक सदस्य सक्रिय हैं। ठगी की रकम को 130 से अधिक बैंक खातों में घुमाया जाता था। इनमें से एक खाता गाजियाबाद के आरडीसी स्थित निजी बैंक की शाखा में संचालित हो रहा था, जिसके जरिए कनाडा के एनआरआई से ठगी की रकम मंगाई गई थी। इसी खाते के ट्रांजेक्शन से पुलिस गिरोह तक पहुंची।
ऐसे फंसाया जाल में
एसीपी के अनुसार गिरोह ने फेसबुक पर नवप्रीत कौर नाम से फर्जी महिला आईडी बनाई थी। इसी आईडी से कनाडा में रह रहे एनआरआई को फ्रेंड रिक्वेस्ट भेजकर दोस्ती की। कुछ दिन बातचीत के बाद फेसबुक मैसेंजर पर वीडियो कॉल किया। कॉल के दौरान वीडियो रिकॉर्ड कर लिया गया और उसे एआई तकनीक से एडिट कर अश्लील वीडियो तैयार किया गया। इसके बाद वीडियो को सोशल मीडिया और परिचितों में वायरल करने की धमकी देकर 50 हजार डॉलर की मांग की गई। पीड़ित की शिकायत पर क्राइम ब्रांच ने जांच शुरू की।
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पुलिस ने सर्विलांस और बैंक खातों के लेनदेन के आधार पर मुजफ्फरनगर के सिविल लाइन थाना क्षेत्र का सरवट गांव निवासी मोहम्मद अमान त्यागी (25), मोहम्मद हम्माद त्यागी और मोहम्मद फैजान मलिक, मोहम्मद फैसल को गिरफ्तार किया। उनके कब्जे से पांच मोबाइल फोन, चार अकाउंट किट, पांच सिम कार्ड और 2600 रुपये नकद बरामद हुए हैं। मोबाइल फोन की जांच में फर्जी खातों की जानकारी और सेक्सटॉर्शन से जुड़े कई वीडियो मिले हैं।
15 हजार में खरीदते थे बैंक खाते
पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि वे जरूरतमंद लोगों को 15 हजार रुपये का लालच देकर बैंक खाते खरीदते थे। खाता खुलवाने के बाद उसकी पूरी किट, पासबुक, एटीएम कार्ड और लिंक सिम ले लेते थे। इन खातों की डिटेल व्हाट्सएप ग्रुप में शेयर की जाती थी, जहां से मुख्य आरोपी ठगी की रकम मंगवाते थे। जिस खाते पर शिकायत अधिक आती, उसे बंद कर नया खाता इस्तेमाल करने लगते थे। इसी कारण पुलिस को उन्हें ट्रेस करने में परेशानी आ रही थी। वसूली गई रकम को शेयर ट्रेडिंग में निवेश किया जाता था।
मेवात से चल रहा था पूरा नेटवर्क, कोलंबिया तक जुड़े तार
एसीपी ने बताया कि गिरोह का मुख्य सरगना हरियाणा के मेवात जिले के पुन्हाना निवासी मोहम्मद फैसल है। वह बीकॉम पास है। उसके दो साथी नूह मेवात निवासी सानिब और मुजफ्फरनगर निवासी मारुफ फरार हैं। ये तीनों मेवात से ही लोगों को वीडियो कॉल कर जाल में फंसाते थे। जांच में सामने आया है कि गिरोह दिल्ली से भी कॉल करता था और इसके तार कोलंबिया तक जुड़े हैं। फरार आरोपियों की तलाश में पुलिस दबिश दे रही है।
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एसीपी अपराध अमित सक्सेना ने शुक्रवार को प्रेस वार्ता में बताया कि एनसीआरबी पोर्टल पर इस गिरोह के खिलाफ 40 शिकायतें दर्ज हैं। गिरोह में 20 से अधिक सदस्य सक्रिय हैं। ठगी की रकम को 130 से अधिक बैंक खातों में घुमाया जाता था। इनमें से एक खाता गाजियाबाद के आरडीसी स्थित निजी बैंक की शाखा में संचालित हो रहा था, जिसके जरिए कनाडा के एनआरआई से ठगी की रकम मंगाई गई थी। इसी खाते के ट्रांजेक्शन से पुलिस गिरोह तक पहुंची।
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ऐसे फंसाया जाल में
एसीपी के अनुसार गिरोह ने फेसबुक पर नवप्रीत कौर नाम से फर्जी महिला आईडी बनाई थी। इसी आईडी से कनाडा में रह रहे एनआरआई को फ्रेंड रिक्वेस्ट भेजकर दोस्ती की। कुछ दिन बातचीत के बाद फेसबुक मैसेंजर पर वीडियो कॉल किया। कॉल के दौरान वीडियो रिकॉर्ड कर लिया गया और उसे एआई तकनीक से एडिट कर अश्लील वीडियो तैयार किया गया। इसके बाद वीडियो को सोशल मीडिया और परिचितों में वायरल करने की धमकी देकर 50 हजार डॉलर की मांग की गई। पीड़ित की शिकायत पर क्राइम ब्रांच ने जांच शुरू की।
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पुलिस ने सर्विलांस और बैंक खातों के लेनदेन के आधार पर मुजफ्फरनगर के सिविल लाइन थाना क्षेत्र का सरवट गांव निवासी मोहम्मद अमान त्यागी (25), मोहम्मद हम्माद त्यागी और मोहम्मद फैजान मलिक, मोहम्मद फैसल को गिरफ्तार किया। उनके कब्जे से पांच मोबाइल फोन, चार अकाउंट किट, पांच सिम कार्ड और 2600 रुपये नकद बरामद हुए हैं। मोबाइल फोन की जांच में फर्जी खातों की जानकारी और सेक्सटॉर्शन से जुड़े कई वीडियो मिले हैं।
15 हजार में खरीदते थे बैंक खाते
पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि वे जरूरतमंद लोगों को 15 हजार रुपये का लालच देकर बैंक खाते खरीदते थे। खाता खुलवाने के बाद उसकी पूरी किट, पासबुक, एटीएम कार्ड और लिंक सिम ले लेते थे। इन खातों की डिटेल व्हाट्सएप ग्रुप में शेयर की जाती थी, जहां से मुख्य आरोपी ठगी की रकम मंगवाते थे। जिस खाते पर शिकायत अधिक आती, उसे बंद कर नया खाता इस्तेमाल करने लगते थे। इसी कारण पुलिस को उन्हें ट्रेस करने में परेशानी आ रही थी। वसूली गई रकम को शेयर ट्रेडिंग में निवेश किया जाता था।
मेवात से चल रहा था पूरा नेटवर्क, कोलंबिया तक जुड़े तार
एसीपी ने बताया कि गिरोह का मुख्य सरगना हरियाणा के मेवात जिले के पुन्हाना निवासी मोहम्मद फैसल है। वह बीकॉम पास है। उसके दो साथी नूह मेवात निवासी सानिब और मुजफ्फरनगर निवासी मारुफ फरार हैं। ये तीनों मेवात से ही लोगों को वीडियो कॉल कर जाल में फंसाते थे। जांच में सामने आया है कि गिरोह दिल्ली से भी कॉल करता था और इसके तार कोलंबिया तक जुड़े हैं। फरार आरोपियों की तलाश में पुलिस दबिश दे रही है।