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Ghaziabad News: दूसरे के कागजात पर सिम लेकर धोखाधड़ी करने वाले चार गिरफ्तार
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इंदिरापुरम। कोतवाली पुलिस ने बुधवार को वसुंधरा सेक्टर-19 से चार जालसाजों को गिरफ्तार किया है। ये जालसाज जगह-जगह सड़क किनारे कैनोपी लगाकर राह चलते लोगों के कागजात पर दो सिम लेकर ठगी के लिए खाते खुलवाते थे। पुलिस का कहना है कि आरोपी लोगों के अंगूठे या अंगुली के निशान एक बार में फेल बताकर झांसा देते थे। इनसे एक अकाउंट किट-चेकबुक, विभिन्न बैंकों के 11 डेबिट कार्ड, 152 सिमकार्ड, चार फोन, 30 हजार रुपये नकद व बायोमीट्रिक डिवाइस बरामद की है।
एसीपी इंदिरापुरम स्वतंत्र कुमार सिंह ने बताया कि टीम ने सेक्टर 12 गुरुग्राम हरियाणा निवासी इरफान खान, नोएडा के बरौला सेक्टर 49 निवासी चरणजीत सरकार, शांतिनंगर गली नंबर दो सोनीपत हरियाणा का दीपक कुमार और दशरदपुरी दिल्ली निवासी मनोज कुमार को गिरफ्तार किया है। गिरोह का मास्टरमाइंड इरफान है। वो और मनोज दोनों बीकाॅम पास हैं जबकि चरणजीत सरकार और दीपक आठवीं पास हैं। इरफान मोबाइल नेटवर्क देने वाली एक नामी कंपनी से जुड़ा है। वह जगह जगह कैनोपी लगाकर सिमकार्ड बेचने का काम करता है। गिरोह में शामिल चरणजीत और दीपक उससे साढ़े तीन सौ रुपये में चालू सिमकार्ड खरीदते थे। फिर दोनों ठगी करने वाले लोगों को 500 से 1000 रुपये के बीच में बेच देते थे।
आरोपी मनोज देता था लोगों को नौकरी का झांसा
पुलिस पूछताछ में आया कि मनोज सोशल मीडिया के माध्यम से लोगों के नंबर लेकर उन्हें कॉल करता था जिसमें वह उन्हें नौकरी दिलाने के बहाने पैसे खाते में जमा कराता था। अभी तक पुलिस को तीन से अधिक खाते मिले हैं जिनमें ये लोग पैसे जमा कराते थे पुलिस ने इन्हें सीज कराने के लिए बैंकों को पत्र भेज दिया है।
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ज्यादा लोगों को फंसाने के लिए मुख्य पॉइंट करते थे चिन्हित
पुलिस ने बताया कि गिरोह के सदस्य ज्यादा से ज्यादा लोगों को फंसाने के लिए बस अड्डे, पॉश कालोनी, मार्केट और मॉल व मल्टीप्लेक्स को चिन्हित करते थे। पुलिस अब यह पता करने में लगी है कि आरोपी अभी तक किनती डबल सिम को बेच चुका है और उनसे कितने लाेगों से ठगी की गई है।
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एसीपी इंदिरापुरम स्वतंत्र कुमार सिंह ने बताया कि टीम ने सेक्टर 12 गुरुग्राम हरियाणा निवासी इरफान खान, नोएडा के बरौला सेक्टर 49 निवासी चरणजीत सरकार, शांतिनंगर गली नंबर दो सोनीपत हरियाणा का दीपक कुमार और दशरदपुरी दिल्ली निवासी मनोज कुमार को गिरफ्तार किया है। गिरोह का मास्टरमाइंड इरफान है। वो और मनोज दोनों बीकाॅम पास हैं जबकि चरणजीत सरकार और दीपक आठवीं पास हैं। इरफान मोबाइल नेटवर्क देने वाली एक नामी कंपनी से जुड़ा है। वह जगह जगह कैनोपी लगाकर सिमकार्ड बेचने का काम करता है। गिरोह में शामिल चरणजीत और दीपक उससे साढ़े तीन सौ रुपये में चालू सिमकार्ड खरीदते थे। फिर दोनों ठगी करने वाले लोगों को 500 से 1000 रुपये के बीच में बेच देते थे।
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आरोपी मनोज देता था लोगों को नौकरी का झांसा
पुलिस पूछताछ में आया कि मनोज सोशल मीडिया के माध्यम से लोगों के नंबर लेकर उन्हें कॉल करता था जिसमें वह उन्हें नौकरी दिलाने के बहाने पैसे खाते में जमा कराता था। अभी तक पुलिस को तीन से अधिक खाते मिले हैं जिनमें ये लोग पैसे जमा कराते थे पुलिस ने इन्हें सीज कराने के लिए बैंकों को पत्र भेज दिया है।
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ज्यादा लोगों को फंसाने के लिए मुख्य पॉइंट करते थे चिन्हित
पुलिस ने बताया कि गिरोह के सदस्य ज्यादा से ज्यादा लोगों को फंसाने के लिए बस अड्डे, पॉश कालोनी, मार्केट और मॉल व मल्टीप्लेक्स को चिन्हित करते थे। पुलिस अब यह पता करने में लगी है कि आरोपी अभी तक किनती डबल सिम को बेच चुका है और उनसे कितने लाेगों से ठगी की गई है।