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गाजियाबाद की जगह नोएडा में दिए जाएं फ्लैट
ब्यूरो,अमर उजाला खोड़ा
Updated Thu, 25 Aug 2016 01:02 AM IST
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फ्लैट
- फोटो : amar ujala
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बुलंदशहर हाईवे गैंगरेप पीड़ित परिवार ने गाजियाबाद की जगह नोएडा में फ्लैट देने की मांग की है। पीड़िता के पिता ने यह मांग करते हुए डीएम गाजियाबाद को पत्र लिखा है। पिता का कहना है कि गाजियाबाद में रहते हुए उनकी पहचान छिपी नहीं रह सकती, जिसके चलते वह नोएडा में रहना चाहते हैं।
पीड़िता के पिता ने बताया कि प्रशासन की ओर से उन्हें आश्वासन मिला था कि जल्द से जल्द ही उन्हें फ्लैट दिया जाएगा, मगर प्रशासनिक अधिकारियों की ओर से उनसे कोई संपर्क नहीं किया गया है। हालांकि मुआवजे के चेक उन्हें दे दिए गए हैं।
ऐसे में उन्होंने प्रशासनिक अधिकारियों को बुधवार को पत्र लिखा है, जिसमें उन्होंने लिखा है कि घटना के बाद बड़ी संख्या में गाजियाबाद के लोग उनके घर उनसे मिलने पहुंचे हैं। ऐसे में यहां रहते हुए उनकी और परिवार की पहचान छिपी नहीं रह सकती।
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इसका खामियाजा उनकी बेटी को भविष्य में उठाना पड़ सकता है। ऐसे में उन्हें नोएडा में फ्लैट दिए जाएं। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि वह गाजियाबाद की डीएम और एडीएम को लगातार कॉल कर रहे हैं मगर वह उनका फोन नहीं उठा रहे हैं।
बेटी का स्कूल बदलवाने में भी प्रशासन पर देरी का आरोप
पिता ने बताया कि मुआवजे की घोषणा के दौरान प्रशासन ने यह भी आश्वासन दिया था कि बेटी का स्कूल बदलवाने के साथ ही उसकी पढ़ाई का जिम्मा भी प्रशासन उठाएगा। मगर आश्वासन देकर प्रशासनिक अधिकारी भूल गए हैं। बेटी स्कूल जाना चाहती है मगर प्रशासन ने उसका दाखिला किसी और स्कूल में नहीं करवाया है। इसमें भी देरी की जा रही है।
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पीड़िता के पिता ने बताया कि प्रशासन की ओर से उन्हें आश्वासन मिला था कि जल्द से जल्द ही उन्हें फ्लैट दिया जाएगा, मगर प्रशासनिक अधिकारियों की ओर से उनसे कोई संपर्क नहीं किया गया है। हालांकि मुआवजे के चेक उन्हें दे दिए गए हैं।
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ऐसे में उन्होंने प्रशासनिक अधिकारियों को बुधवार को पत्र लिखा है, जिसमें उन्होंने लिखा है कि घटना के बाद बड़ी संख्या में गाजियाबाद के लोग उनके घर उनसे मिलने पहुंचे हैं। ऐसे में यहां रहते हुए उनकी और परिवार की पहचान छिपी नहीं रह सकती।
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इसका खामियाजा उनकी बेटी को भविष्य में उठाना पड़ सकता है। ऐसे में उन्हें नोएडा में फ्लैट दिए जाएं। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि वह गाजियाबाद की डीएम और एडीएम को लगातार कॉल कर रहे हैं मगर वह उनका फोन नहीं उठा रहे हैं।
बेटी का स्कूल बदलवाने में भी प्रशासन पर देरी का आरोप
पिता ने बताया कि मुआवजे की घोषणा के दौरान प्रशासन ने यह भी आश्वासन दिया था कि बेटी का स्कूल बदलवाने के साथ ही उसकी पढ़ाई का जिम्मा भी प्रशासन उठाएगा। मगर आश्वासन देकर प्रशासनिक अधिकारी भूल गए हैं। बेटी स्कूल जाना चाहती है मगर प्रशासन ने उसका दाखिला किसी और स्कूल में नहीं करवाया है। इसमें भी देरी की जा रही है।