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Ghaziabad News: डेंगू के पांच नए केस मिलने के साथ ही मरीजों की संख्या हुई 102
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संयुक्त जिला अस्पताल की ओपीडी में लगी मरीजों कि भीड़। संवाद
गाजियाबाद। जिले में डेंगू बुखार लगातार बढ़ता जा रहा है। बृहस्पतिवार को डेंगू के पांच नए मरीजों की पुष्टि के साथ ही कुल मरीजों की संख्या 102 हो गई है। बुधवार को भी छह नए मामले सामने आए थे। जिला स्वास्थ्य विभाग लगातार लोगों से सतर्क रहने की अपील कर रहा है। डॉक्टरों का कहना है कि डेंगू से ठीक होने के बाद भी कई मरीज 15 से 20 दिन तक कमजोरी और थकान से परेशान हो रहे हैं।
सितंबर में तेजी से बढ़े डेंगू के मामले
अगस्त की तुलना में सितंबर के शुरुआती 15 दिनों में ही डेंगू के मामलों में वृद्धि हुई है। इस महीने में अब तक 40 से अधिक मरीज सामने आ चुके हैं। लगातार बढ़ते मामलों को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग ने निगरानी और जांच की प्रक्रिया तेज कर दी है। अधिकारियों का मानना है कि इस बार बारिश अधिक होने की वजह से डेंगू फैलाने वाले मच्छरों के पनपने के लिए अनुकूल परिस्थितियां बनी हैं, जिससे बुखार के मरीजों की संख्या बढ़ रही है।
घर-घर जाकर की जा रही लार्वा की जांच
एपिडिमियोलॉजिस्ट डॉ. शिवि अग्रवाल ने बताया कि वायरल बुखार के मरीजों की संख्या भी सरकारी व निजी अस्पतालों की ओपीडी में बढ़ रही है। इसी को ध्यान में रखते हुए संयुक्त अस्पताल में डेंगू की जांच के लिए एलाइजा सहित अन्य जरूरी जांचें शुरू कर दी गई हैं। साथ ही, विभाग की ओर से रिस्पांस टीमों की संख्या बढ़ाई गई है, जो घर-घर जाकर लार्वा की जांच कर रही हैं। अब तक 1200 से अधिक घरों में लार्वा पाए गए हैं, जिन्हें मौके पर ही नष्ट किया गया है।
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स्वास्थ्य केंद्रों पर मिल रही निःशुल्क जांच और उपचार की सुविधा
जिला सर्विलांस अधिकारी डॉ. आरके गुप्ता ने बताया कि डेंगू को लेकर विभाग पूरी तरह सतर्क है। जिला अस्पताल सहित अन्य सरकारी स्वास्थ्य केंद्रों पर मरीजों के लिए निःशुल्क जांच और इलाज की सुविधा उपलब्ध कराई जा रही है। उन्होंने लोगों से अपील की है कि घरों में पानी जमा न होने दें और नियमित रूप से साफ-सफाई रखें। साथ ही, किसी भी प्रकार के बुखार को हल्के में न लें और तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें।
कमजोरी बनी बड़ी चुनौती
एमएमजी अस्पताल के फिजिशियन डॉ. आलोक रंजन का कहना है कि डेंगू से ठीक होने के बाद भी कमजोरी और थकावट एक बड़ी समस्या बन रही है। यह कमजोरी 15 से 20 दिन तक बनी रह सकती है। इसलिए मरीजों को संतुलित आहार, भरपूर पानी और आराम की सलाह दी जा रही है। डेंगू से बचाव के लिए जरूरी है कि लोग पूरी आस्तीन के कपड़े पहनें, मच्छरदानी का इस्तेमाल करें और घर के आस-पास साफ-सफाई बनाए रखें।
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सितंबर में तेजी से बढ़े डेंगू के मामले
अगस्त की तुलना में सितंबर के शुरुआती 15 दिनों में ही डेंगू के मामलों में वृद्धि हुई है। इस महीने में अब तक 40 से अधिक मरीज सामने आ चुके हैं। लगातार बढ़ते मामलों को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग ने निगरानी और जांच की प्रक्रिया तेज कर दी है। अधिकारियों का मानना है कि इस बार बारिश अधिक होने की वजह से डेंगू फैलाने वाले मच्छरों के पनपने के लिए अनुकूल परिस्थितियां बनी हैं, जिससे बुखार के मरीजों की संख्या बढ़ रही है।
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घर-घर जाकर की जा रही लार्वा की जांच
एपिडिमियोलॉजिस्ट डॉ. शिवि अग्रवाल ने बताया कि वायरल बुखार के मरीजों की संख्या भी सरकारी व निजी अस्पतालों की ओपीडी में बढ़ रही है। इसी को ध्यान में रखते हुए संयुक्त अस्पताल में डेंगू की जांच के लिए एलाइजा सहित अन्य जरूरी जांचें शुरू कर दी गई हैं। साथ ही, विभाग की ओर से रिस्पांस टीमों की संख्या बढ़ाई गई है, जो घर-घर जाकर लार्वा की जांच कर रही हैं। अब तक 1200 से अधिक घरों में लार्वा पाए गए हैं, जिन्हें मौके पर ही नष्ट किया गया है।
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स्वास्थ्य केंद्रों पर मिल रही निःशुल्क जांच और उपचार की सुविधा
जिला सर्विलांस अधिकारी डॉ. आरके गुप्ता ने बताया कि डेंगू को लेकर विभाग पूरी तरह सतर्क है। जिला अस्पताल सहित अन्य सरकारी स्वास्थ्य केंद्रों पर मरीजों के लिए निःशुल्क जांच और इलाज की सुविधा उपलब्ध कराई जा रही है। उन्होंने लोगों से अपील की है कि घरों में पानी जमा न होने दें और नियमित रूप से साफ-सफाई रखें। साथ ही, किसी भी प्रकार के बुखार को हल्के में न लें और तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें।
कमजोरी बनी बड़ी चुनौती
एमएमजी अस्पताल के फिजिशियन डॉ. आलोक रंजन का कहना है कि डेंगू से ठीक होने के बाद भी कमजोरी और थकावट एक बड़ी समस्या बन रही है। यह कमजोरी 15 से 20 दिन तक बनी रह सकती है। इसलिए मरीजों को संतुलित आहार, भरपूर पानी और आराम की सलाह दी जा रही है। डेंगू से बचाव के लिए जरूरी है कि लोग पूरी आस्तीन के कपड़े पहनें, मच्छरदानी का इस्तेमाल करें और घर के आस-पास साफ-सफाई बनाए रखें।