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Ghaziabad News: पॉलिसी के समाधान के नाम पर ठगी करने वाले पांच गिरफ्तार
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क्राइम ब्रांच ने गिरफ्तार किए पांच आरोपी। स्रोत: पुलिस
गाजियाबाद। विभिन्न कंपनियों की पाॅलिसी धारकों का डेटा लेकर उनके साथ बोनस और दूसरी ज्यादा मुनाफे की पाॅलिसी दिलवाने के नाम ठगी करने वाले अंतरराज्यीय गिरोह के पांच जालसाजों को नंदग्राम से गिरफ्तार किया गया है। आरोपी नामचीन बीमा कंपनियों का प्रतिनिधि और लोकपाल बताकर लोगों के साथ धोखाधड़ी करते हैं। उनका सरगना फरार हैं। इनसे 12 मोबाइल, एक चेकबुक, 12 एटीएम कार्ड और आठ सिम व हुंडई वेन्यू कार बरामद की गई है।
अतिरिक्त पुलिस आयुक्त अपराध केशव चौधरी ने बताया कि साइबर थाना पुलिस ने मूल रूप से हुमायूंपूर गोरखपुर के रहने वाले ऋषभ, आवास विकास कॉलोनी आगरा के विनय गुप्ता, अनूपशहर बुलंदशहर के आशीष पवार, विजयनगर गाजियाबाद के हिमांशू और मिर्जापुर पचपिडवा गोरखपुर के यशपाल को गिरफ्तार किया है। इस मामले में सरवन तिवारी और विक्की धवन का नाम सामने आया है। दोनों पहले बीमा पॉलिसी से जुड़ा कॉल सेंटर चलाते थे। जहां उनके पास पॉलिसी धारकों का डेटा था।
साइबर पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार आरोपी नंदग्राम में एक घर में कॉल सेंटर चला रहे थे। आरोपी उनके पास पहले से मौजूद सूची के आधार पर पॉलिसी धारकों को कॉल करते थे। वह पॉलिसी जो किसी कारण से अटक गई हैं, उनके निकलवाने का झांसा देने के लिए आरोपी लोकपाल आईआरडी बनकर लोगों को कॉल करता है। वह लोगों की परेशानी को दूर करने के साथ उन्हें कुछ भूगतान का झांसा देकर ठगी करता है। इसके अलावा ठग कुछ लोगों को पॉलिसी पर बोनस दिलवाने के साथ ज्यादा मुनाफे की पॉलिसी दिलवाने का झांसा देकर फंसाते हैं।
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कई जगह की ठगी
इसे गिरोह ने महाराष्ट्र के नवीन अग्रवाल से 16680 और प्रमोद चौधरी से 78000 रुपये के साथ-साथ छत्तीसगढ़ में रहने वाले दिलेश्वर प्रसाद पटेल के साथ 95 लाख रुपये की धोखाधड़ी की है। बरामद मोबाइल, सिम व बैंक खातों से अन्य मामलों की जानकारी जुटाई जा रही है। ऋषभ कुमार श्रीवास्तव तथा विनय गुप्ता वर्ष 2022 में थाना साइबर क्राइम सूरत गुजरात से साइबर अपराध की घटनाओं में जेल जा चुके हैं।
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अतिरिक्त पुलिस आयुक्त अपराध केशव चौधरी ने बताया कि साइबर थाना पुलिस ने मूल रूप से हुमायूंपूर गोरखपुर के रहने वाले ऋषभ, आवास विकास कॉलोनी आगरा के विनय गुप्ता, अनूपशहर बुलंदशहर के आशीष पवार, विजयनगर गाजियाबाद के हिमांशू और मिर्जापुर पचपिडवा गोरखपुर के यशपाल को गिरफ्तार किया है। इस मामले में सरवन तिवारी और विक्की धवन का नाम सामने आया है। दोनों पहले बीमा पॉलिसी से जुड़ा कॉल सेंटर चलाते थे। जहां उनके पास पॉलिसी धारकों का डेटा था।
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साइबर पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार आरोपी नंदग्राम में एक घर में कॉल सेंटर चला रहे थे। आरोपी उनके पास पहले से मौजूद सूची के आधार पर पॉलिसी धारकों को कॉल करते थे। वह पॉलिसी जो किसी कारण से अटक गई हैं, उनके निकलवाने का झांसा देने के लिए आरोपी लोकपाल आईआरडी बनकर लोगों को कॉल करता है। वह लोगों की परेशानी को दूर करने के साथ उन्हें कुछ भूगतान का झांसा देकर ठगी करता है। इसके अलावा ठग कुछ लोगों को पॉलिसी पर बोनस दिलवाने के साथ ज्यादा मुनाफे की पॉलिसी दिलवाने का झांसा देकर फंसाते हैं।
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कई जगह की ठगी
इसे गिरोह ने महाराष्ट्र के नवीन अग्रवाल से 16680 और प्रमोद चौधरी से 78000 रुपये के साथ-साथ छत्तीसगढ़ में रहने वाले दिलेश्वर प्रसाद पटेल के साथ 95 लाख रुपये की धोखाधड़ी की है। बरामद मोबाइल, सिम व बैंक खातों से अन्य मामलों की जानकारी जुटाई जा रही है। ऋषभ कुमार श्रीवास्तव तथा विनय गुप्ता वर्ष 2022 में थाना साइबर क्राइम सूरत गुजरात से साइबर अपराध की घटनाओं में जेल जा चुके हैं।