New Criminal Laws: नए कानून के तहत गाजियाबाद में पहली FIR, वादी ने कॉल पर दर्ज कराया मुकदमा; ये लगी धाराएं
New Criminal Laws: दिल्ली के बाद गाजियाबाद में भी नए कानून के कहते एफआईआर दर्ज हो गई है। पहली एफआईआर गाजियाबाद कमिश्नरेट में लिंक रोड थाने में दर्ज हुई।
विस्तार
देश में एक जुलाई से नया कानून लागू हो चुका है। अब आईपीसी की जगह बीएनएस के तहत आरोपियों को पर कार्रवाई होगी। दिल्ली-भोपाल और छत्तीसगढ़ के बाद गाजियाबाद में भी पहली एफआईआर दर्ज हो गई है।
गाजियाबाद में मामला दर्ज
भारतीय न्याय संहिता 2023 के तहत गाजियाबाद कमिश्नरेट के लिंक रोड थाने में सोमवार को 11 बजकर 50 मिनट पर पहला मुकदमा दर्ज हुआ है। लिंक रोड क्षेत्र के बृज विहार के रहने वाले ट्रेनर साहिल वर्मा ने पुलिस को फोन करके मारपीट और धमकी देने की सूचना दी थी। पुलिस ने वादी की परेशानी को लिखा और मुकदमा दर्ज किया है।
साहिल वर्मा ने बताया कि वह जिम ट्रेनर है। सूर्य नगर में वह एक जिम में जाते हैं। उन्होंने किसी से कुछ रुपये ब्याज पर ले रखे हैं। जिसका वह समय से ब्याज अदा कर रहे थे। आरोपी रवि कुमार सिंह सोमवार सुबह जिम पर आए और उनके साथ मारपीट करते हुए धमकी दी। इनका मुकदमा बीएनएस 2023 की 115(2), 352, 351(2), 351(3) धारा में दर्ज हुआ है। डीसीपी ट्रांस हिंडन निमिष पाटिल का कहना कि मामले में जांच की जा रही है।
दिल्ली के कमला मार्केट में पहली एफआईआर
इससे पहले दिल्ली के कमला मार्केट थाना इलाके में पहला मामला दर्ज हुआ है। जिसमें खुद पुलिस थाने के सब इंस्पेक्टर ने आरोपी के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई है। दर्ज मामले के मुताबिक, उप निरीक्षक कार्तिक मीणा ने यह शिकायत दर्ज कराई है। बताया जा रहा है कि उप निरीक्षक इलाके में गश्त कर रहे थे, तब वह नई दिल्ली रेलवे स्टेशन के फुट ब्रिज के पास डीलक्स शौचालय के नजदीक पहुंचे । यहां पर एक शख्स अपनी रेहड़ी लगाकर आम रास्ते पर पानी, बिड़ी और सिगरेट बेच रहा था। इससे लोगों को वहां से गुजरने में परेशानी हो रही थी।
उप-निरीक्षक ने उसे रेहड़ी हटाने के लिए कहा। लेकिन रेहड़ी मालिक ने अपनी मजबूरी बताई। वहां से नहीं जाने पर पुलिस कर्मी ने रेहड़ी वाले के खिलाफ सरकारी जमीन पर अतिक्रमण करने और आमजन के आने जाने में दिक्कत करने का मामला दर्ज किया है। एफआईआर के मुताबिक, आरोपी की पहचान पंकज कुमार के रूप में हुई है, जो बिहार के बाढ़ इलाके का रहने वाला है।
या कानून लागू होने के दौरान सोमवार को लिंकरोड थाने में अधिकारियों ने पाठशाला लगाकर स्थानीय लोगों को बारीकी से नियम और कानून को समझाया। सहायक पुलिस आयुक्त और थानाध्यक्ष ने भारतीय न्याय संहिता 2023 और भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता 2023 के साथ भारतीय साक्ष्य अधिनियम 2023 से हुए बदलाव को विस्तार से बताया। जागरूकता मिशन में महिलाओं के अलावा तमाम लोगों ने शामिल होकर जानकारी ली।
जागरूकता मिशन में अधिकारियों ने लोगों को आठ पॉइंट विस्तार से समझाए
सहायक पुलिस आयुक्त रजनीश उपाध्याय ने बताया कि 1 जुलाई 2024 से भारतवर्ष में पुराने कानून को खत्म कर नए कानून को लागू किया गया है। इन कानूनों के तहत विभिन्न घटनाक्रम में वादी और प्रतिवादी पक्ष को नई व्यवस्थाओं का सामना करना पड़ेगा जिनमें वादी पक्ष को बिना थाने आए अपनी प्रथम सूचना रिपोर्ट दर्ज करने में रहता मिलेगी। जागरूकता मिशन के दौरान उन्होंने शॉपलिफ्टर, मॉब लिंचिंग,चेन स्नैचिंग, स्नैचर गैंग, साइबर अपराध, हत्या लूट, धोखाधड़ी जैसी घटनाओं में ऑनलाइन फिर दर्ज करने की विशेषताओं के बारे में बताया।
जागरूकता कार्यक्रम के दौरान महाराजपुर के मोहम्मद आरिफ ने नए कानून के तहत हत्या लूट और चोरी की धारा के बारे में जानकारी मांगी जिस पर थानाध्यक्ष प्रीति सिंह ने बताया हत्या की धारा 302 के बदले अब 103 (1), लूट में आईपीएसी 392 की जगह 309(4) और चोरी में आईपीएसी 380 की जगह अब नए कानून के तहत 305 का प्रयोग किया जाएगा। इनके अलावा तमाम लोगों ने भारतीय साक्ष्य अधिनियम और भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता की जानकारी ली। कार्यक्रम में पिंक बूथ प्रभारी उप निरीक्षक मुनेश कुमारी ने भी महिलाओं को नए कानून के बारे में विस्तार से बताया।