गाजियाबाद में यलो फंगस से पहली मौत : परिजनों ने इंजेक्शन न मिलने का लगाया आरोप, एक और मरीज में संक्रमण की पुष्टि
अभिषेक ने बताया कि करीब 15 दिन पहले उनके पिता की नाक से खून निकलना और आंखों में सूजन बढ़ गई। ज्यादा परेशानी होनी पर वह पिता को चिकित्सक के पास लेकर गए।
विस्तार
गाजियाबाद में यलो फंगस से संक्रमित मरीज की शुक्रवार सुबह इलाज के दौरान मौत हो गई। परिजनों का आरोप है कि इलाज में प्रयोग होने वाले इंजेक्शन के लिए पिछले एक सप्ताह से प्रयास किया जा रहा था, लेकिन इंजेक्शन उपलब्ध नहीं हो सका। जिले में इसके अलावा ब्लैक फंगस के भी पांच नए मामले सामने आए हैं, जबकि एक यलो फंगस संक्रमित भी मिला है।
संजयनगर जी-ब्लॉक निवासी व्यक्ति की पिछले कई दिनों से तबीयत खराब चल रही थी। यलो फंगस की पुष्टि होने के बाद आरडीसी राजनगर स्थित हर्ष अस्पताल में उनका इलाज चल रहा था। शुक्रवार सुबह उनका इलाज के दौरान निधन हो गया।
उनके पुत्र ने बताया कि उनके पिता को फेंफड़ों में दिक्कत के चलते सांस लेने में भी परेशानी हो रही थी। उनका ऑक्सीजन स्तर भी भी गिर गया था। इसके बाद उन्होंने गोविंदपुरम में एक चिकित्सक के परामर्श के बाद आरटी-पीसीआर और सीवीसी जांच कराई गई।
जांच में उनको कोरोना की पुष्टि नहीं हुई। इसके बाद कोविड का ही उनका इलाज चिकित्सक ने किया और कुछ दिन बाद उनकी हालत में सुधार होने पर अस्पताल से छुट्टी मिल गई।
अभिषेक ने बताया कि करीब 15 दिन पहले उनके पिता की नाक से खून निकलना और आंखों में सूजन बढ़ गई। ज्यादा परेशानी होनी पर वह पिता को चिकित्सक के पास लेकर गए। चिकित्सक ने ब्लैक फंगस के लक्षण बताए और राजनगर स्थित हर्ष अस्पताल जाने की सलाह दी।
23 मई को उन्होंने अपने पिता को राजनगर स्थित अस्पताल में भर्ती करा दिया, जहां डॉ. बीपी त्यागी ने म्यूकर माइकोसिस (ब्लैक फंगस) और म्यूकर सेप्टिकस (यलो फंगस) दोनों की पुष्टि की। शुरुआत के एक दिन तो उनको उपचार के लिए एंफोरेटेरेसिन के इंजेक्शन मिल गए, लेकिन इसके बाद अस्पताल ने परिजनों को ही इंजेक्शन लाने को बोल दिया।
परिजनों का कहना है कि लाख प्रयास के बाद भी इंजेक्शन नहीं मिले। इस मामले में एसीएमओ डॉ. सुनील त्यागी ने बताया कि शुक्रवार को यलो फंगस से व्यक्ति की मौत की सूचना मिली है। इस बारे में अस्पताल से डिटेल मांगी गई है।
ब्लैक फंगस के पांच और यलो फंगस का एक संक्रमित मिला
जिले में ब्लैक फंगस के पांच और यलो फंगस का एक नया मामला सामने आया है। अब जिले में कुल मरीजों की संख्या 68 और येलो फंगस संक्रमितों की संख्या दो हो गई है। बृहस्पतिवार और शुक्रवार को मिलाकर ब्लैक फंगस के पांच और यलो फंगस का एक मरीज मिला है।
छह मरीजों का उपचार राजनगर के हर्ष हॉस्पीटल में चल रहा है। अस्पताल के प्रबंधक डॉ. बीपी त्यागी ने बताया कि शुक्रवार को अनिल नाम के व्यक्ति में म्यूकर माइकोसिस और राकेश नाम के व्यक्ति में म्यूकर सेप्टिकस की पुष्टि हुई है।
राकेश को वैशाली स्थित मैक्स अस्पताल से रेफर किया गया है। बृहस्पतिवार को चार ब्लैक फंगस के मरीज आए थे, जिसमें दो मैक्स अस्पताल रेफर किए गए। इनमें एक मरीज जिला बुलंदशहर और एक इंदिरापुरम क्षेत्र से आया था।
कोरोना से तीन की मौत, 94 मिले नए संक्रमित