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Ghaziabad News: हरनंदीपुरम की डीपीआर बनाने के लिए फर्मों ने दी प्रस्तुति
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गाजियाबाद। हरनंदीपुरम योजना की डिटेल प्रोजेक्ट रिपोर्ट बनाने के लिए मंगलवार को तीन फर्मों ने पीपीटी के माध्यम से जीडीए सभागार में प्रस्तुती दी।
जीडीए की ओर से कंसलटेंट फर्मों से निविदा मांगी गई थी। मैसर्स ट्रेकटेबेल इंजीनिरिंग, मैसर्स एंजिल कंसलटेंसी सर्विसेज और मैसर्स डीडीएफ कंसलटेंट प्राइवेट लिमिटेड ने प्रस्तुति दी।
जीडीए उपाध्यक्ष की अध्यक्षता में हुए इस प्रजेंटेशन में कंपनियों ने इस प्रोजेक्ट के डीपीआर के लिए अपनी योजनाओं को प्रस्तुत किया। इस दौरान आवासीय, कॉमर्शियल क्षेत्र के साथ ही संपूर्ण प्लान को समायोजित किया गया।
पानी की निकासी एवं प्रदूषण से निपटने के लिए इंतजाम का भी विस्तृत विवरण दिया गया। रोड कनेक्टीविटी के बारे में भी कपंनियों ने अपनी प्लानिंग में बताया। वीसी अतुल वत्स ने बताया कि प्रस्तुति देने वाली तीनों कंपनियों को वित्तीय बिड में क्वालीफाई करने के लिए न्यूनतम 70 अंक हासिल करना अनिवार्य किया गया है जिसका निर्णय समिति के द्वारा प्रजेंटेशन के आधार पर लिया जाएगा। समिति के द्वारा प्रजेंटेशन के आधार पर क्वालीफाई करने वाली कंपनी का ही वित्तीय बिड खोला जाएगा। वित्तीय बिड में क्वालीफाई करने वाली कंपनी को कार्यादेश जारी किया जाएगा।
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उन्होंने बताया कि महत्वपूर्ण तथ्य यह भी है कि योजना के डीपीआर में प्रति हेक्टेयर के हिसाब से भुगतान किए जाने की शर्त निर्धारित की गई है।
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जीडीए की ओर से कंसलटेंट फर्मों से निविदा मांगी गई थी। मैसर्स ट्रेकटेबेल इंजीनिरिंग, मैसर्स एंजिल कंसलटेंसी सर्विसेज और मैसर्स डीडीएफ कंसलटेंट प्राइवेट लिमिटेड ने प्रस्तुति दी।
जीडीए उपाध्यक्ष की अध्यक्षता में हुए इस प्रजेंटेशन में कंपनियों ने इस प्रोजेक्ट के डीपीआर के लिए अपनी योजनाओं को प्रस्तुत किया। इस दौरान आवासीय, कॉमर्शियल क्षेत्र के साथ ही संपूर्ण प्लान को समायोजित किया गया।
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पानी की निकासी एवं प्रदूषण से निपटने के लिए इंतजाम का भी विस्तृत विवरण दिया गया। रोड कनेक्टीविटी के बारे में भी कपंनियों ने अपनी प्लानिंग में बताया। वीसी अतुल वत्स ने बताया कि प्रस्तुति देने वाली तीनों कंपनियों को वित्तीय बिड में क्वालीफाई करने के लिए न्यूनतम 70 अंक हासिल करना अनिवार्य किया गया है जिसका निर्णय समिति के द्वारा प्रजेंटेशन के आधार पर लिया जाएगा। समिति के द्वारा प्रजेंटेशन के आधार पर क्वालीफाई करने वाली कंपनी का ही वित्तीय बिड खोला जाएगा। वित्तीय बिड में क्वालीफाई करने वाली कंपनी को कार्यादेश जारी किया जाएगा।
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उन्होंने बताया कि महत्वपूर्ण तथ्य यह भी है कि योजना के डीपीआर में प्रति हेक्टेयर के हिसाब से भुगतान किए जाने की शर्त निर्धारित की गई है।