{"_id":"65e4d2bb49f85d7e000e1395","slug":"fire-broke-out-in-pipe-making-factory-operation-continued-till-late-night-breathlessness-due-to-smoke-ghaziabad-news-c-134-1-sbd1001-106948-2024-03-04","type":"story","status":"publish","title_hn":"Ghaziabad News: पाइप बनाने की फैक्टरी में लगी आग, देर रात तक चला ऑपरेशन, धुएं से फूली सांसें","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Ghaziabad News: पाइप बनाने की फैक्टरी में लगी आग, देर रात तक चला ऑपरेशन, धुएं से फूली सांसें
विज्ञापन
साहिबाबाद। मोहननगर में नगर निगम जोनल कार्यालय के सामने रविवार शाम करीब चार बजे प्राइम इंडिया ऑटो लिंक्स प्राइवेट लिमिटेड फैक्टरी में शाॅर्ट सर्किट से भीषण आग लग गई। सूचना पर फैक्टरी मालिक और अग्निशमन अधिकारी टीम लेकर पहुंचे। आग से आसमान में धुएं का गुबार बन गया। इससे दमकलकर्मियों और अधिकारियों को बचाव कार्य शुरू करने में मुश्किल हुई। टीम का देर रात तक आग बुझाने का ऑपरेशन चला। फैक्टरी में लाखों रुपये की संपत्ति जल गई। उधर, यातायात पुलिस ने बचाव कार्य के दौरान मोहननगर ऑटो स्टैंड से सेवियर पार्क सोसायटी तक बैरिकेड लगाकर रूट डायवर्ट कर दिया।
लिंक रोड के चंदरनगर में रहने वाले विपिन त्यागी फैक्टरी मालिक हैं। उन्होंने बताया कि रविवार का दिन होने से फैक्टरी बंद थी और उसमें कोई कर्मचारी नहीं था। वहां सिर्फ गार्ड मौजूद था। शाम करीब चार बजे अचानक मेनगेट के पास शाॅर्ट सर्किट हो गया। उससे आग फैक्टरी के बेसमेंट में लगनी शुरू हो गई। चंद सेकंड में आग इतनी तेजी से फैली कि फैक्टरी में रखे पाइप व अन्य सामान जलने लगा। गार्ड ने अन्य लोगों की मदद से अग्निशमन उपकरण चलाने का प्रयास किया लेकिन आग इतनी तेज फैल चुकी थी कि वो बराबर की कंपनियों में भी पहुंच सकती थी। गार्ड ने तुरंत उन्हें और अग्निशमन विभाग को सूचना दी।
तत्काल साहिबाबाद स्टेशन के अग्निश्मन अधिकारी सत्येंद्र कुमार तीन गाड़ियों के साथ रवाना हो गए। तब तक धुएं का गुबार वायुमंडल में इतना फैल चुका था कि मोहन नगर पर खड़े ऑटो चालक, राहगीर व आसपास सोसायटियों के लोगों को आखों में जलन, सांस लेने में दिक्कत होने लगी। किसी तरह एफएसओ मौके पर पहुंंचे और बचावकार्य शुरू किया लेकिन उन्होंने गंभीरता को समझकर तुरंत मुख्य अग्निशमन अधिकारी राहुल पाल को सूचना देकर अन्य स्टेशनों से भी गाड़ियां मंगा लीं। सीएफओ राहुल पाल ने ब्रीथ एनालाइजर किट पहनी टीम के साथ अंदर घुसकर आग बुझाने का काम शुरू किया। फैक्टरी के अंदर आग की तपिश से छत का प्लास्टर और अन्य सामान टूटकर गिर रहा था लेकिन टीम ने जान खतरे में होने के बावजूद अंदर घुसकर बचाव कार्य शुरू किया।
विज्ञापन
आठ घंटे तक चला आग बुझाने का ऑपरेशन, जलकल से लिया गाड़ियों में पानी :
आग बुझाने के लिए जिले के सभी स्टेशनों से 11 गाड़ियां मौके पर पहुंचीं लेकिन जब उनमें पानी खत्म हो गया तो सीएफओ ने नगर निगम अधिकारियों से बात करके जलकल की मोटर से पानी का कनेक्शन गाड़ियों में जोड़ दिया। इससे दमकलकर्मियों को आग बुझाने में काफी मदद मिली। आग बुझाने का ऑपरेशन करीब देर रात तक चला लेकिन आग की तपिश इतनी ज्यादा थी कि टीम आधी रात के बाद तक फैक्टरी में रुकी रही। फैक्टरी मालिक का कहना है कि आग से लाखों रुपये का नुकसान हो गया लेकिन उसका बीमा की समय सीमा खत्म हो गई।
वसुंधरा और मोहननगर में भी धुएं का रहा असर :
फैक्टरी में आग इतनी भीषण थी कि आग उसके धुएं का गुबार वायुमंडल में तेजी से फैल गया। इससे साहिबाबाद गांव और आसपास वसुंधरा व मोहन नगर की सोसायटियों के लोगों का दम घुटने लगा। मजबूरी में लोग वाहनों के शीशे बंद करके गाड़ी चलाने लगे जबकि फ्लैट की खिड़कियां बंद करके बुजुर्गों ने एयर प्यूरिफायर का इस्तेमाल किया। फैक्टरी के आसपास पैदल चलने वाले लाग मुंह पर रुमाल ढक कर चल रहे थे। सबसे ज्यादा दिक्कत मोहननगर-लोनी रोड से एयरफोर्स तक की सोसायटियां व फैक्टरियों में लोगों को दिक्कत हुई।
यातायात पुलिस ने किया रूट डायवर्जन :
यातायात निरीक्षक संतोष कुमार ने मोहन नगर ऑटो से एयरफोर्स स्टेशन के बीच सड़क पर बैरिकेड लगा दी। रास्ता खाली कराकर दमकलकर्मियों के लिए रूट डायवर्जन कर दिया। शाम के समय भारी वाहनों को राजेंद्र नगर गोल चक्कर से एयरफोर्स होते हुए करहेड़ा की तरफ जबकि मोहननगर से आने वाले ट्रैफिक को जीटी रोड से राजेंद्र नगर की तरफ डायवर्ट किया। फैक्टरी के बाहर मेन गेट के पास ऊर्जा निगम का ट्रांसफार्मर लगा है। आग लगने के दौरान उसके तार भी जल गए थे। अग्निशमनकर्मियों ने काफी मुश्किल से ट्रांसफार्मर का कनेक्शन काटकर बचाव कार्य शुरू किया। राहत कार्य में वहां जेसीबी भी मंगाई थी।
मुख्य अग्निशमन अधिकारी राहुल पाल ने बताया कि आग लगने की वजह अभी स्पष्ट नहीं हुई है। बचाव कार्य के लिए जिले से 11 गाड़ियों के साथ दमकल कर्मियों ने खतरे के बीच देर रात तक ऑपरेशन चलाया। नगर निगम से भी पानी मिलने के बाद ऑपरेशन में काफी समय बचा। धुएं के गुबार से टीम और बाकी लोगाें को सांस घुट रही थीं। ब्रीथ एनालाइजर किट पहनकर टीम ने अंदर घुसकर काम किया।
विज्ञापन
लिंक रोड के चंदरनगर में रहने वाले विपिन त्यागी फैक्टरी मालिक हैं। उन्होंने बताया कि रविवार का दिन होने से फैक्टरी बंद थी और उसमें कोई कर्मचारी नहीं था। वहां सिर्फ गार्ड मौजूद था। शाम करीब चार बजे अचानक मेनगेट के पास शाॅर्ट सर्किट हो गया। उससे आग फैक्टरी के बेसमेंट में लगनी शुरू हो गई। चंद सेकंड में आग इतनी तेजी से फैली कि फैक्टरी में रखे पाइप व अन्य सामान जलने लगा। गार्ड ने अन्य लोगों की मदद से अग्निशमन उपकरण चलाने का प्रयास किया लेकिन आग इतनी तेज फैल चुकी थी कि वो बराबर की कंपनियों में भी पहुंच सकती थी। गार्ड ने तुरंत उन्हें और अग्निशमन विभाग को सूचना दी।
विज्ञापन
तत्काल साहिबाबाद स्टेशन के अग्निश्मन अधिकारी सत्येंद्र कुमार तीन गाड़ियों के साथ रवाना हो गए। तब तक धुएं का गुबार वायुमंडल में इतना फैल चुका था कि मोहन नगर पर खड़े ऑटो चालक, राहगीर व आसपास सोसायटियों के लोगों को आखों में जलन, सांस लेने में दिक्कत होने लगी। किसी तरह एफएसओ मौके पर पहुंंचे और बचावकार्य शुरू किया लेकिन उन्होंने गंभीरता को समझकर तुरंत मुख्य अग्निशमन अधिकारी राहुल पाल को सूचना देकर अन्य स्टेशनों से भी गाड़ियां मंगा लीं। सीएफओ राहुल पाल ने ब्रीथ एनालाइजर किट पहनी टीम के साथ अंदर घुसकर आग बुझाने का काम शुरू किया। फैक्टरी के अंदर आग की तपिश से छत का प्लास्टर और अन्य सामान टूटकर गिर रहा था लेकिन टीम ने जान खतरे में होने के बावजूद अंदर घुसकर बचाव कार्य शुरू किया।
विज्ञापन
आठ घंटे तक चला आग बुझाने का ऑपरेशन, जलकल से लिया गाड़ियों में पानी :
आग बुझाने के लिए जिले के सभी स्टेशनों से 11 गाड़ियां मौके पर पहुंचीं लेकिन जब उनमें पानी खत्म हो गया तो सीएफओ ने नगर निगम अधिकारियों से बात करके जलकल की मोटर से पानी का कनेक्शन गाड़ियों में जोड़ दिया। इससे दमकलकर्मियों को आग बुझाने में काफी मदद मिली। आग बुझाने का ऑपरेशन करीब देर रात तक चला लेकिन आग की तपिश इतनी ज्यादा थी कि टीम आधी रात के बाद तक फैक्टरी में रुकी रही। फैक्टरी मालिक का कहना है कि आग से लाखों रुपये का नुकसान हो गया लेकिन उसका बीमा की समय सीमा खत्म हो गई।
वसुंधरा और मोहननगर में भी धुएं का रहा असर :
फैक्टरी में आग इतनी भीषण थी कि आग उसके धुएं का गुबार वायुमंडल में तेजी से फैल गया। इससे साहिबाबाद गांव और आसपास वसुंधरा व मोहन नगर की सोसायटियों के लोगों का दम घुटने लगा। मजबूरी में लोग वाहनों के शीशे बंद करके गाड़ी चलाने लगे जबकि फ्लैट की खिड़कियां बंद करके बुजुर्गों ने एयर प्यूरिफायर का इस्तेमाल किया। फैक्टरी के आसपास पैदल चलने वाले लाग मुंह पर रुमाल ढक कर चल रहे थे। सबसे ज्यादा दिक्कत मोहननगर-लोनी रोड से एयरफोर्स तक की सोसायटियां व फैक्टरियों में लोगों को दिक्कत हुई।
यातायात पुलिस ने किया रूट डायवर्जन :
यातायात निरीक्षक संतोष कुमार ने मोहन नगर ऑटो से एयरफोर्स स्टेशन के बीच सड़क पर बैरिकेड लगा दी। रास्ता खाली कराकर दमकलकर्मियों के लिए रूट डायवर्जन कर दिया। शाम के समय भारी वाहनों को राजेंद्र नगर गोल चक्कर से एयरफोर्स होते हुए करहेड़ा की तरफ जबकि मोहननगर से आने वाले ट्रैफिक को जीटी रोड से राजेंद्र नगर की तरफ डायवर्ट किया। फैक्टरी के बाहर मेन गेट के पास ऊर्जा निगम का ट्रांसफार्मर लगा है। आग लगने के दौरान उसके तार भी जल गए थे। अग्निशमनकर्मियों ने काफी मुश्किल से ट्रांसफार्मर का कनेक्शन काटकर बचाव कार्य शुरू किया। राहत कार्य में वहां जेसीबी भी मंगाई थी।
मुख्य अग्निशमन अधिकारी राहुल पाल ने बताया कि आग लगने की वजह अभी स्पष्ट नहीं हुई है। बचाव कार्य के लिए जिले से 11 गाड़ियों के साथ दमकल कर्मियों ने खतरे के बीच देर रात तक ऑपरेशन चलाया। नगर निगम से भी पानी मिलने के बाद ऑपरेशन में काफी समय बचा। धुएं के गुबार से टीम और बाकी लोगाें को सांस घुट रही थीं। ब्रीथ एनालाइजर किट पहनकर टीम ने अंदर घुसकर काम किया।