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Ghaziabad News: चारपाई पर सो रहे पिता-पुत्री को कार ने कुचला, दो की गई जान

Ghaziabad Bureau गाजियाबाद ब्यूरो
Updated Mon, 02 Sep 2024 05:13 AM IST
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Father and daughter sleeping on cot crushed by car, two killed
गाजियाबाद। दिल्ली-मेरठ रोड पर दुहाई के पास रविवार तड़के सड़क किनारे कटे पेड़ की ठूंठ से टकराकर एक कार अनियंत्रित हो गई। इसके बाद चारपाई पर सो रहे खोखा संचालक बुजुर्ग वेदप्रकाश और उनकी बेटी प्रिया को कुचलते हुए पलट गई। हादसे में वेदप्रकाश और कार सवार दिल्ली पुलिस के सिपाही सत्यनारायण की मौत हो गई। वहीं, प्रिया और कार सवार बीएसएफ के जवान विश्वास गंभीर रूप से घायल हो गए।
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एडीसीपी यातायात पीयूष सिंह ने बताया कि मोरटा निवासी वेदप्रकाश का दुहाई में रैपिड स्टेशन के पास खोखा है। वह अपनी बेटी प्रिया के साथ मिलकर खोखा चलाते थे। शनिवार रात खोखा बंद कर दोनों पास में ही चारपाई बिछाकर सो गए। रविवार तड़के तीन से चार बजे के बीच मुरादनगर की ओर जा रही कार पहले सड़क किनारे कटे पेड़ की ठूंठ से टकराई। इसके बाद चारपाई पर सो रहे पिता-पुत्री को कुचलते हुए पलट गई। स्थानीय लोगों की सूचना पर मौके पर पहुंची पुलिस सभी लोगों को उपचार के लिए जिला एमएमजी अस्पताल लेकर आई, जहां चिकित्सकों ने सिपाही सत्यनारायण व वेदप्रकाश को मृत घोषित कर दिया।
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बकौल एडीसीपी यातायात, प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि कार काफी तेज रफ्तार में आ रही थी। चारपाई पर सो रहे पिता-पुत्री को कुचलने के बाद दो बार पलटी खाई। कार में दो और लोग भी सवार थे। जो कार के पलटने के बाद उसमे से निकले और भाग गए। अस्पताल में होश आने के बाद विश्वास ने बताया कि कार में उनके साथ हरेंद्र और सुभाष यादव भी मौजूद थे। एडीसीपी यातायात ने बताया कि खोखा संचालक वेदप्रकाश की पत्नी गीता ने सड़क हादसे की धाराओं में रिपोर्ट दर्ज कराई है। पुलिस जांच कर रही है कि कार सवार हरेंद्र और सुभाष हादसे के बाद कहां चले गए।
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मंत्री की सुरक्षा में तैनात थे सत्यनारायण
हादसे की सूचना पर जिला एमएमजी अस्पताल में पहुंचे परमेश्वर सिंह ने बताया कि उनके भाई सत्यनारायण दिल्ली के नरेला मामूरपुर स्थित कृष्णा कॉलोनी में रहते थे। फिलहाल उनकी ड्यूटी किसी मंत्री की सुरक्षा में चल रही थी। यह सभी लोग किसी कार्य से मेरठ जा रहे थे। वहीं, हादसे की सूचना पर पहुंचे बीएसएफ जवान विश्वास के परिजन उन्हें एमएमजी अस्पताल से डिस्चार्ज कराकर दिल्ली लेकर चले गए।
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