किसान आंदोलन: सिंघु बॉर्डर पर किसानों ने जलाईं कृषि कानूनों की प्रतियां, दर्ज कराया विरोध
कृषि कानूनों के खिलाफ दिल्ली की सीमाओं पर किसानों का विरोध प्रदर्शन 49वें दिन भी जारी है। सुप्रीम कोर्ट ने तीनों कृषि कानूनों को अमल में लाने पर रोक लगा दी है। साथ ही एक कमेटी का गठन किया है, लेकिन किसानों ने सुप्रीम कोर्ट द्वारा सुनाए गए इस फैसले को सिरे से नकार दिया। किसानों ने कहा कि हम सुप्रीम कोर्ट की ओर से बनाई गई समिति के समक्ष किसी कार्रवाई में हिस्सा नहीं लेना चाहते हैं। किसानों ने आज लोहड़ी के साथ ही कृषि कानूनों की प्रतियां भी जलाईं। वहीं, बुधवार को कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने सरकार पर जमकर हमला बोला। पढ़ें किसान आंदोलन से जुड़ी पल-पल की अपडेट...
विस्तार
टिकरी बॉर्डर: किसानों ने जलाई कृषि कानून की प्रतियां
लोहड़ी के अवसर पर सिंघु के बाद अब टिकरी बॉर्डर पर प्रदर्शन कर रहे किसानों ने भी धरनास्थल पर तीन नए कृषि कानूनों की प्रतियों को जलाकर सांकेतिक विरोध जताया।
Delhi: Farmers protesting at Tikri border burn the copies of three farm laws on occasion of Lohri pic.twitter.com/uWFy0xoZJJ
— ANI (@ANI) January 13, 2021
सिंघु बॉर्डर किसानों ने जलाईं कृषि कानूनों की प्रतियां
लोहड़ी के मौके पर किसानों ने कृषि कानूनों के विरोध स्वरूप सिंघु बॉर्डर पर कानून की प्रतियां जलाईं।
कृषि कानूनों के खिलाफ सिंघु बॉर्डर पर विरोध प्रदर्शन कर रहे किसानों ने लोहड़ी पर तीन कानूनों की प्रतियां जलाई। #farmslaws pic.twitter.com/JCjBgv6HYo
विज्ञापन विज्ञापन— ANI_HindiNews (@AHindinews) January 13, 2021
26 जनवरी के मार्च के लिए पंजाब से घोड़े के साथ पहुंचे गाजीपुर बॉर्डर
26 जनवरी को दिल्ली कूच करने के लिए कृषि कानूनों के खिलाफ पंजाब के लखेवाली डाल से सुशील कुमार अपने घोड़े के साथ यूपी गेट पहुंचे हैं। सुशील का कहना है कि वह किसानों संग अपने करीब 10 घोड़ों के साथ दिल्ली कूच करेंगे।
राहुल गांधी का केंद्र की मोदी सरकार पर हमला
किसान आंदोलन को लेकर कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी ने केंद्र की मोदी सरकार पर हमला बोला है। उन्होंने कहा कि 60 से ज्यादा अन्नदाता की शहादत से मोदी सरकार शर्मिंदा नहीं हुई लेकिन ट्रैक्टर रैली से इन्हें शर्मिंदगी हो रही है!
60 से ज़्यादा अन्नदाता की शहादत से मोदी सरकार शर्मिंदा नहीं हुई लेकिन ट्रैक्टर रैली से इन्हें शर्मिंदगी हो रही है!
— Rahul Gandhi (@RahulGandhi) January 13, 2021
'पुराने बिल इतने अच्छे होते तो किसान गरीब और आत्महत्या के लिए मजबूर नहीं होता'
कैलाश चौधरी ने कहा कि पुराने बिल इतने अच्छे होते तो किसान गरीब और आत्महत्या के लिए मजबूर नहीं होता। इस कानून को कुछ समय देखें अगर कुछ नहीं लगेगा तो भविष्य में और भी संशोधन किया जा सकता है
'जो कमेटी बनाई गई है निश्चित रूप से आने वाले समय में सबसे निष्पक्ष राय लेगी'
केंद्रीय कृषि राज्य मंत्री कैलाश चौधरी ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट के फैसले का हम स्वागत करते हैं। जो कमेटी बनाई गई है निश्चित रूप से आने वाले समय में सबसे निष्पक्ष राय लेगी। कमेटी किसान यूनियन के लोगों से और अन्य विशेषज्ञों से भी राय लेगी और उसके बाद निर्णय देगी।
सुप्रीम कोर्ट के फैसले का हम स्वागत करते हैं। जो कमेटी बनाई गई है निश्चित रूप से आने वाले समय में सबसे निष्पक्ष राय लेगी। कमेटी किसान यूनियन के लोगों से और अन्य विशेषज्ञों से भी राय लेगी और उसके बाद निर्णय देगी: केंद्रीय कृषि राज्य मंत्री कैलाश चौधरी #FarmersProtest pic.twitter.com/3bBsbeCUP1
— ANI_HindiNews (@AHindinews) January 13, 2021
किसानों का प्रदर्शन जारी
कृषि कानूनों के खिलाफ टिकरी बॉर्डर पर किसानों का विरोध-प्रदर्शन आज 49वें दिन भी जारी है।
कृषि कानूनों के खिलाफ टिकरी बॉर्डर पर किसानों का विरोध-प्रदर्शन आज 49वें दिन भी जारी है। #FarmersProtests pic.twitter.com/3Lh8Ng9u8Y
— ANI_HindiNews (@AHindinews) January 13, 2021
आज कृषि कानूनों की कॉपी जलाएंगे किसान
कृषि कानूनों की वापसी और एमएसपी पर कानून बनाने की मांग को लेकर आंदोलन कर रहे किसान आज देश भर में लोहड़ी पर कृषि कानूनों की कॉपी जलाएंगे। यूपी गेट पर किसानों की तरफ से कार्यक्रम का आयोजन किया गया है। यूपी गेट पर तीन कृषि कानूनों की वापसी और एमएसपी पर कानून बनाने की मांग को लेकर किसान 49 दिनों से आंदोलन कर रहे हैं। किसानों की तरफ से लगातार कृषि कानूनों का विरोध किया जा रहा है। इसी कड़ी में बुधवार को किसान लोहड़ी की अग्नि में तीनों कानूनों की कॉपी को जलाकर विरोध जताएंगे। यूपी गेट पर शाम साढ़े पांच बजे कार्यक्रम का आयोजन किया जाएगा। मंच के पास लोहड़ी जलाई जाएगी।
18 को मनाया जाएगा महिला किसान दिवस
18 जनवरी को यूपी गेट पर किसान महिला किसान दिवस मनाएंगे। इस दिन मंच की बागडोर महिला किसानों के हाथ में होगी। किसान संगठनों की माने तो 17 जनवरी से महिला किसान आंदोलन स्थल पर पहुंचने लगेंगी। उनके ठहरने की व्यवस्था की जा रही है। किसान महिलाओं को रुकने के लिए अलग से कैंप तैयार करेंगे। इसके साथ ही महिला वॉलेंटियर को महिलाओं को हर तरह की सुविधा मुहैया कराने के लिए तैनात किया जाएगा। महिला कैंप के आसपास पुरुषों का आना जाना प्रतिबंधित रहेगा।
किसान कर रहे 26 जनवरी की परेड की तैयारी
26 जनवरी को दिल्ली में होने वाली परेड में शामिल होने की तैयारी जोरों पर चल रही है। मंगलवार को युवा किसानों ने आगे तिरंगा बनी टी शर्ट पहनकर ट्रैक्टर चलाकर रिहर्सल किया। दिनभर युवाओं ने दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे पर ट्रैक्टर चलाकर रिहर्सल किया। युवा किसानों का कहना है कि सभी किसान 26 जनवरी पर ऐसी टी शर्ट पहनेंगे जिस पर आगे तिरंगा बना हुआ होगा।